ऋषिकेश/हरिद्वार: उत्तराखंड की सुप्रसिद्ध चारधाम यात्रा का विधिवत आगाज हो गया है। देवभूमि के चारों धामों—बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की यात्रा के लिए तीर्थयात्रियों का उत्साह चरम पर है। आज 18 अप्रैल, शनिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ऋषिकेश के ट्रांजिट कैंप से यात्री वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इसके साथ ही इस वर्ष की पवित्र यात्रा का औपचारिक शुभारंभ हो जाएगा।
पंजीकरण केंद्रों पर सुबह से ही रही चहल-पहल
चारधाम यात्रा के सफल संचालन के लिए ऋषिकेश और हरिद्वार में पंजीकरण प्रक्रिया पूरी गति से शुरू हो चुकी है। ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप में पंजीकरण का कार्य सुबह 6 बजे से ही शुरू कर दिया गया। पंजीकरण प्रभारी प्रेमानंद के अनुसार, यात्रियों की सुविधा के लिए कुल 30 काउंटर खोले गए हैं, जिनमें से 24 काउंटर ट्रांजिट कैंप में और 6 काउंटर आईएसबीटी (ISBT) में संचालित हो रहे हैं।
दोपहर 12 बजे तक करीब 150 से अधिक तीर्थयात्री अपना पंजीकरण करा चुके थे। खास बात यह रही कि इस वर्ष पंजीकरण कराने वालों में सबसे पहला दल पड़ोसी देश नेपाल से आया था। नेपाल से आए 30 तीर्थयात्रियों के दल ने सबसे पहले अपनी बारी का इंतजार कर पंजीकरण कराया।
हरिद्वार में ‘अतिथि देवो भव’ की परंपरा से स्वागत
पंजीकरण केवल ऋषिकेश तक ही सीमित नहीं है; हरिद्वार के ऋषिकुल मैदान में भी ऑफलाइन पंजीकरण केंद्र स्थापित किया गया है। यहाँ मध्य प्रदेश के शहडोल जनपद से आए यात्रियों ने पहला पंजीकरण कराया। इस अवसर पर उत्तराखंड की ‘अतिथि देवो भव’ की समृद्ध परंपरा देखने को मिली।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नवनीत सिंह भुल्लर ने स्वयं तीर्थयात्रियों को फूल मालाएं पहनाईं और तिलक लगाकर उनका भव्य स्वागत किया।
”उत्तराखंड में हमारा स्वागत जिस तरह से हुआ, उसने हमारा दिल जीत लिया। प्रशासन की व्यवस्थाएं चाक-चौबंद हैं और हम बाबा केदार के दर्शन के लिए बेहद उत्साहित हैं।” — खेमराज सुवेदी, नेपाल के तीर्थयात्री
प्रशासनिक तैयारियां और मुख्यमंत्री का कार्यक्रम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज सुबह 11 बजे ऋषिकेश पहुँचकर यात्रा मार्ग पर वाहनों को हरी झंडी दिखाएंगे। इस कार्यक्रम की सफलता के लिए एसडीएम ऋषिकेश योगेश मेहरा और नगर निगम के अधिकारियों ने सुरक्षा और स्वच्छता व्यवस्थाओं का जायजा लिया है।
यात्रा प्रशासन के विशेष कार्याधिकारी पीपी नौटियाल ने सुनिश्चित किया है कि यात्रियों की सुविधा के लिए पेयजल, स्वास्थ्य शिविर और विश्राम स्थलों की सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। नगर आयुक्त ने व्यापारियों से अपील की है कि वे नालियों के ऊपर से अतिक्रमण स्वयं हटा लें ताकि यात्रियों के आवागमन में कोई बाधा न आए।
परिवहन विभाग की सख्ती और नए नियम
यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए परिवहन विभाग ने इस बार कुछ सख्त कदम उठाए हैं। आईएसबीटी सभागार में एसपी देहात जया बलूनी की अध्यक्षता में हुई बैठक में ट्रांसपोर्टरों ने ‘डग्गामार’ (अवैध) वाहनों पर लगाम लगाने की मांग की।
परिवहन विभाग के मुख्य निर्देश:
- ग्रीन कार्ड अनिवार्य: एआरटीओ प्रवर्तन रश्मि पंत ने स्पष्ट किया कि केवल उन्हीं वाहनों का ग्रीन कार्ड बनेगा जिनकी उस दिन की टोल पर्ची होगी।
- बाहरी राज्यों के वाहन: दूसरे राज्यों से आने वाले वाहनों के लिए 15 दिन की अवधि का ग्रीन कार्ड बनाया जा रहा है।
- नया परिवहन नियम: राज्य के वाहन अपने राज्य के अंदर से ही यात्रियों को उठाएंगे और यात्रा समाप्ति पर वहीं छोड़ेंगे।
- अवैध स्टैंडों पर कार्रवाई: एसडीएम योगेश मेहरा के अनुसार, सड़क किनारे बने सभी अवैध स्टैंडों को हटाने की कार्रवाई तुरंत शुरू की जाएगी।
आध्यात्मिक शुरुआत: भद्रकाली मंदिर में पूजा-अर्चना
यात्रा के निर्विघ्न और सफल संचालन की कामना के साथ परिवहन विभाग के अधिकारियों और पदाधिकारियों ने ऋषिकेश के प्रसिद्ध भद्रकाली मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की। एआरटीओ प्रशासन रावत सिंह कटारिया और एआरटीओ प्रवर्तन रश्मि पंत ने पूजा कर सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा की प्रार्थना की। इस दौरान टीजीएमओ के अध्यक्ष जितेंद्र नेगी सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
श्रद्धालुओं का अनुभव
यात्रा को लेकर यात्रियों के चेहरे पर एक अलग ही चमक देखी जा रही है। नेपाल से आए राधा कृष्ण घिमिरे ने बताया कि उन्हें प्रशासन की ओर से स्वास्थ्य परीक्षण और जरूरी दवाइयां भी उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने कहा, “उत्तराखंड आना एक अद्भुत अनुभव है। प्रशासन ने हमें सुरक्षा संबंधी जो जानकारियां दी हैं, उससे हम खुद को बहुत सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।”
निष्कर्ष
चारधाम यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि उत्तराखंड की आर्थिकी और संस्कृति की रीढ़ भी है। मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में प्रशासन इस बार ‘जीरो एरर’ पॉलिसी पर काम कर रहा है। पंजीकरण केंद्रों की बढ़ती भीड़ और यात्रियों का उत्साह यह संकेत दे रहा है कि इस वर्ष की यात्रा पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ सकती है।
मुख्य आकर्षण:
- कुल काउंटर: 30 (24 ट्रांजिट कैंप, 6 आईएसबीटी)
- पंजीकरण का समय: सुबह 6 बजे से।
- स्वागत केंद्र: ऋषिकुल मैदान (हरिद्वार) और ऋषिकेश।
- सुरक्षा: चप्पे-चप्पे पर पुलिस और स्वास्थ्य शिविरों की तैनाती।










