देहरादून: बाबा केदार के दर्शन की अभिलाषा और चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं का उत्साह इस वर्ष चरम पर है। इसका सीधा प्रमाण केदारनाथ हेली सेवा की बुकिंग के दौरान देखने को मिला। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) और IRCTC द्वारा जैसे ही पहले चरण की बुकिंग खोली गई, महज कुछ ही घंटों के भीतर 15 जून तक के लगभग सभी टिकट बुक हो गए।
आंकड़ों की मानें तो उपलब्ध 31,607 टिकटों में से 31,418 टिकटों की बुकिंग तुरंत हो गई। यह स्थिति दर्शाती है कि इस बार यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने वाली है।
बुकिंग शुरू होते ही ‘हाउसफुल’ का बोर्ड
बुधवार शाम छह बजे जैसे ही IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट पर बुकिंग प्रक्रिया शुरू हुई, सर्वर पर ट्रैफिक का भारी दबाव देखा गया। हजारों की संख्या में श्रद्धालु एक साथ टिकट बुक करने की कोशिश कर रहे थे। स्थिति यह रही कि फाटा, सिरसी और गुप्तकाशी जैसे प्रमुख हेलीपैड से केदारनाथ जाने वाली उड़ानों के लिए स्लॉट पलक झपकते ही भर गए।
यूकाडा के सीईओ आशिष चौहान ने बताया कि हेली टिकटों की मांग में इस वर्ष अभूतपूर्व वृद्धि देखी गई है। श्रद्धालुओं ने बुकिंग शुरू होने के चंद घंटों के भीतर ही लगभग पूरा कोटा समाप्त कर दिया। यह पहली बार है जब इतनी बड़ी संख्या में टिकट इतने कम समय में बुक हुए हैं।
तीन प्रमुख पड़ावों से संचालित होगी सेवा
इस वर्ष चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए तीन मुख्य केंद्रों से हेली सेवा संचालित की जा रही है:
- गुप्तकाशी: यहाँ से केदारनाथ की दूरी थोड़ी अधिक है, लेकिन यह प्रमुख पड़ाव है।
- फाटा: यह हेलीपैड केदारनाथ के सबसे नजदीक और लोकप्रिय केंद्रों में से एक है।
- सिरसी: यहाँ से उड़ान भरने का समय सबसे कम होता है।
कुल आठ हेली सेवा प्रदाता कंपनियाँ इन तीन स्थानों से अपनी सेवाएं दे रही हैं। सरकार ने इस बार पारदर्शिता बनाए रखने के लिए केवल IRCTC के माध्यम से ही बुकिंग की अनुमति दी है, ताकि कालाबाजारी पर रोक लगाई जा सके।
विवरण
संख्या
कुल उपलब्ध टिकट (15 जून तक)
31,607
बुक किए गए टिकट
31,418
शेष उपलब्ध टिकट
मात्र 189
खबर लिखे जाने तक केवल कुछ ही स्लॉट खाली बचे थे, जो तकनीकी कारणों या निरस्तीकरण (Cancellation) की वजह से उपलब्ध हो सकते हैं।
श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश
भारी मांग और टिकटों की मारामारी के बीच प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए कुछ जरूरी सलाह जारी की है:
- केवल आधिकारिक वेबसाइट का उपयोग करें: टिकट केवल heliyatra.irctc.co.in के माध्यम से ही बुक किए जा सकते हैं। किसी भी अन्य फर्जी वेबसाइट या एजेंट के झांसे में न आएं।
- पंजीकरण अनिवार्य: हेली सेवा का लाभ उठाने के लिए यात्री का चारधाम यात्रा पंजीकरण (Registration) होना अनिवार्य है। बिना रजिस्ट्रेशन नंबर के टिकट बुक नहीं किया जा सकता।
- समय पर पहुँचें: टिकट बुक होने के बाद श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे अपने निर्धारित समय से कम से कम 2 घंटे पहले संबंधित हेलीपैड पर रिपोर्ट करें
दूसरे चरण की बुकिंग जल्द
जिन श्रद्धालुओं को पहले चरण में टिकट नहीं मिल पाए हैं, उन्हें निराश होने की आवश्यकता नहीं है। यूकाडा के अधिकारियों के अनुसार, 15 जून के बाद की यात्रा के लिए दूसरे चरण की बुकिंग की तिथियां जल्द ही घोषित की जाएंगी। प्रशासन मानसून के मौसम और सुरक्षा मानकों का आकलन करने के बाद अगले स्लॉट की बुकिंग शुरू करेगा।
पर्यटन और सुरक्षा पर विशेष ध्यान
प्रदेश सरकार ने इस बार सुरक्षा मानकों को और कड़ा किया है। सभी हेलीपैड पर सुरक्षा जांच, यात्रियों का वजन चेक करने की मशीनें और स्वास्थ्य सुविधाएं दुरुस्त की गई हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि तीर्थयात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और यात्रा सुगम व सुरक्षित रहे।
केदारनाथ धाम में जिस तरह से हेली सेवाओं की मांग बढ़ी है, उसे देखते हुए यह स्पष्ट है कि इस वर्ष की चारधाम यात्रा पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ सकती है। प्रशासन अब पैदल मार्ग पर भी सुविधाओं को बढ़ाने और भीड़ नियंत्रण (Crowd Management) पर विशेष फोकस कर रहा है।
निष्कर्ष: केदारनाथ हेली सेवा की यह रिकॉर्ड बुकिंग न केवल श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का प्रतीक है, बल्कि उत्तराखंड पर्यटन के लिए एक शुभ संकेत भी है। हालांकि, सीमित सीटों के कारण यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे धैर्य बनाए रखें और आधिकारिक चैनलों के माध्यम से ही अपडेट लेते रहें।










