अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

धर्मनगरी हरिद्वार में बैसाखी पर्व की धूम: हर की पैड़ी पर उमड़ा आस्था का सैलाब, लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी

On: April 14, 2026 6:36 AM
Follow Us:
हरिद्वार हर की पैड़ी पर बैसाखी स्नान करते श्रद्धालु और सुरक्षा में तैनात पुलिस बल।

देवभूमि उत्तराखंड की पावन नगरी हरिद्वार में बैसाखी पर्व का उत्साह अपने चरम पर है। आज सुबह से ही गंगा के विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब देखने को मिल रहा है। ‘हर हर गंगे’ और ‘जय माँ गंगे’ के उद्घोष के साथ देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं ने गंगा की पवित्र धारा में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया। प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं ताकि उत्सव के दौरान किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो।

​सूर्य का राशि परिवर्तन और धार्मिक महत्व

​ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, बैसाखी का यह पर्व विशेष आध्यात्मिक महत्व रखता है। इस वर्ष ग्रह-नक्षत्रों की विशेष स्थिति के कारण श्रद्धालुओं में दोगुना उत्साह है। मान्यता है कि आज के दिन सूर्य देव अपनी राशि बदलकर मेष राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे ऋतु परिवर्तन के साथ-साथ शुभ समय की शुरुआत होती है।

​नारायणी शिला मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित मनोज त्रिपाठी के अनुसार, बैसाखी और पूर्णिमा के संयोग पर गंगा स्नान का फल अनंत है। उन्होंने बताया कि:

  • ​आज के दिन गंगा स्नान करने से 1000 वर्षों की तपस्या के समान पुण्य फल प्राप्त होता है।
  • ​इस दिन का स्नान कुरुक्षेत्र में सूर्यग्रहण के दौरान एक मन स्वर्ण दान करने के बराबर फलदायी माना गया है।
  • ​स्नान के पश्चात अपने तीर्थ पुरोहितों और गुरुओं को मौसमी फल व शीतल पेय (रस वाले पात्र) दान करने से जीवन में सुख-समृद्धि और शांति आती है।

  • ​देव डोलियों का संगम और भक्तिमय वातावरण

​हर की पैड़ी का दृश्य आज अलौकिक रहा। यहाँ न केवल आम श्रद्धालु बल्कि पहाड़ों से आई कई देव डोलियों को भी पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ गंगा स्नान कराया गया। स्थानीय निवासियों और पर्यटकों के लिए यह एक अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव था। गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने घाटों पर ही विधि-विधान से हवन-पूजन किया और परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना की।

​सुरक्षा व्यवस्था: अभेद्य किले में तब्दील मेला क्षेत्र

​लाखों की भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए पूरे मेला क्षेत्र को 10 जोन और 33 सेक्टरों में विभाजित किया गया है।

​वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नवनीत सिंह भुल्लर स्वयं फील्ड में उतरकर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। सुरक्षा के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • ​भारी पुलिस बल की तैनाती: पुलिस बल के साथ-साथ पीएसी (PAC), बम निरोधक दस्ता (BDS) और जल पुलिस के जवानों को संवेदनशील घाटों पर तैनात किया गया है।
  • ​यातायात प्रबंधन: शहर में जाम की स्थिति न बने, इसके लिए एक ठोस ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है। भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित कर वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग सुनिश्चित किया गया है।
  • ​अधिकारियों की निगरानी: एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह और सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी समेत तमाम आला अधिकारी लगातार गश्त कर रहे हैं।

  • ​बाजारों में रौनक और सद्भावना सम्मेलन

​बैसाखी पर्व के चलते हरिद्वार के बाजारों में भी जबरदस्त रौनक देखी जा रही है। कनखल से लेकर भीमगोड़ा तक के बाजार श्रद्धालुओं से पटे पड़े हैं। धार्मिक स्थलों के साथ-साथ शहर में आयोजित सद्भावना सम्मेलन ने भी लोगों का ध्यान खींचा है। प्रशासन ने इस सम्मेलन को लेकर भी सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए हैं।

​निष्कर्ष

​हरिद्वार में बैसाखी का यह पर्व केवल एक स्नान मात्र नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक एकता और अटूट श्रद्धा का प्रतीक है। भीषण गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नजर नहीं आ रही है। प्रशासन की सक्रियता और श्रद्धालुओं के संयम के कारण अब तक का स्नान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो रहा है और शाम तक लाखों और लोगों के डुबकी लगाने की उम्मीद है।हरिद्वार:

देवभूमि उत्तराखंड की पावन नगरी हरिद्वार में बैसाखी पर्व का उत्साह अपने चरम पर है। आज सुबह से ही गंगा के विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब देखने को मिल रहा है। ‘हर हर गंगे’ और ‘जय माँ गंगे’ के उद्घोष के साथ देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं ने गंगा की पवित्र धारा में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया। प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं ताकि उत्सव के दौरान किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो।

​सूर्य का राशि परिवर्तन और धार्मिक महत्व

​ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, बैसाखी का यह पर्व विशेष आध्यात्मिक महत्व रखता है। इस वर्ष ग्रह-नक्षत्रों की विशेष स्थिति के कारण श्रद्धालुओं में दोगुना उत्साह है। मान्यता है कि आज के दिन सूर्य देव अपनी राशि बदलकर मेष राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे ऋतु परिवर्तन के साथ-साथ शुभ समय की शुरुआत होती है।

​नारायणी शिला मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित मनोज त्रिपाठी के अनुसार, बैसाखी और पूर्णिमा के संयोग पर गंगा स्नान का फल अनंत है। उन्होंने बताया कि:

  • ​आज के दिन गंगा स्नान करने से 1000 वर्षों की तपस्या के समान पुण्य फल प्राप्त होता है।
  • ​इस दिन का स्नान कुरुक्षेत्र में सूर्यग्रहण के दौरान एक मन स्वर्ण दान करने के बराबर फलदायी माना गया है।
  • ​स्नान के पश्चात अपने तीर्थ पुरोहितों और गुरुओं को मौसमी फल व शीतल पेय (रस वाले पात्र) दान करने से जीवन में सुख-समृद्धि और शांति आती है।

  • ​देव डोलियों का संगम और भक्तिमय वातावरण

​हर की पैड़ी का दृश्य आज अलौकिक रहा। यहाँ न केवल आम श्रद्धालु बल्कि पहाड़ों से आई कई देव डोलियों को भी पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ गंगा स्नान कराया गया। स्थानीय निवासियों और पर्यटकों के लिए यह एक अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव था। गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने घाटों पर ही विधि-विधान से हवन-पूजन किया और परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना की।

​सुरक्षा व्यवस्था: अभेद्य किले में तब्दील मेला क्षेत्र

​लाखों की भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए पूरे मेला क्षेत्र को 10 जोन और 33 सेक्टरों में विभाजित किया गया है।

​वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नवनीत सिंह भुल्लर स्वयं फील्ड में उतरकर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। सुरक्षा के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • ​भारी पुलिस बल की तैनाती: पुलिस बल के साथ-साथ पीएसी (PAC), बम निरोधक दस्ता (BDS) और जल पुलिस के जवानों को संवेदनशील घाटों पर तैनात किया गया है।
  • ​यातायात प्रबंधन: शहर में जाम की स्थिति न बने, इसके लिए एक ठोस ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है। भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित कर वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग सुनिश्चित किया गया है।
  • ​अधिकारियों की निगरानी: एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह और सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी समेत तमाम आला अधिकारी लगातार गश्त कर रहे हैं।

  • ​बाजारों में रौनक और सद्भावना सम्मेलन

​बैसाखी पर्व के चलते हरिद्वार के बाजारों में भी जबरदस्त रौनक देखी जा रही है। कनखल से लेकर भीमगोड़ा तक के बाजार श्रद्धालुओं से पटे पड़े हैं। धार्मिक स्थलों के साथ-साथ शहर में आयोजित सद्भावना सम्मेलन ने भी लोगों का ध्यान खींचा है। प्रशासन ने इस सम्मेलन को लेकर भी सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए हैं।

ये भी पढ़े➜महाकुंभ का आगाज: PM मोदी आज करेंगे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन; देवभूमि में सुरक्षा सख्त, ट्रैफिक के लिए जारी हुई बड़ी एडवाइजरी

​निष्कर्ष

​हरिद्वार में बैसाखी का यह पर्व केवल एक स्नान मात्र नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक एकता और अटूट श्रद्धा का प्रतीक है। भीषण गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नजर नहीं आ रही है। प्रशासन की सक्रियता और श्रद्धालुओं के संयम के कारण अब तक का स्नान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो रहा है और शाम तक लाखों और लोगों के डुबकी लगाने की उम्मीद है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

Cracks visible on the concrete pillar and deep potholes filled with water on the newly built Delhi-Dehradun expressway after rains

उत्तराखंड आफत की बारिश: धारचूला में पुल बहा, चीन सीमा से संपर्क पूरी तरह कटा; जनजीवन अस्त-व्यस्त

Pushkar Singh Dhami completes 5 years as Uttarakhand Chief Minister, highlighting major decisions including UCC, anti-copying law, land law and women's reservation.

Pushkar Singh Dhami 5 Years: मुख्यमंत्री के रूप में पूरे हुए पांच साल, 9 जुलाई को बनाएंगे नया रिकॉर्ड!

Cracks visible on the concrete pillar and deep potholes filled with water on the newly built Delhi-Dehradun expressway after rains

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की खुली पोल: पहली बारिश में ही उभरे गहरे गड्ढे, पिलर में दरारें आने से बढ़ी दहशत

Uttarakhand police investigating a crime scene outside a liquor shop at night in Raipur Dehradun after a firing incident

देहरादून में खूनी संघर्ष: शराब ठेके के बाहर ताबड़तोड़ फायरिंग, दो युवक लहूलुहान; इलाके में हड़कंप

dehradun-dalanwala-attack-news

​देहरादून के डालनवाला में खूनी संघर्ष: युवक पर तलवार और खुखरी से जानलेवा हमला, ईसी रोड पर मची सनसनी

A car trapped in a large road cave-in on the Delhi-Dehradun Expressway with NHAI officials and repair machinery at the scene.

​दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे निर्माण में बड़ी लापरवाही: सड़क धंसने पर NHAI का कड़ा रुख, प्रोजेक्ट मैनेजर समेत दो अधिकारी निलंबित, निर्माण कंपनी को नोटिस

Leave a Comment