देहरादून। देवभूमि के शांत वातावरण में रिश्तों के तार-तार होने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। राजधानी देहरादून के क्लेमेनटाउन क्षेत्र में एक बुजुर्ग पिता ने अपनी ही पत्नी और बेटी पर प्रताड़ना और बंधक बनाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का आरोप है कि उसे घर के बाथरूम में बंद कर दिया गया, जिसके बाद पुलिस की मदद से उसकी जान बचाई जा सकी। वर्तमान में अपनी ही छत होने के बावजूद, यह बुजुर्ग शख्स एक होटल में शरण लेने को मजबूर है।
क्या है पूरा मामला?
देहरादून के क्लेमेनटाउन निवासी मंजूर अहमद ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय में न्याय की गुहार लगाते हुए एक शिकायती पत्र सौंपा है। मंजूर अहमद के अनुसार, पिछले काफी समय से उनके घर में अशांति का माहौल है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी और बेटी उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रही हैं।
पीड़ित ने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि विवाद इस हद तक बढ़ गया है कि अब उन्हें अपने ही परिवार से जान का खतरा महसूस होने लगा है। एसएसपी को दी गई शिकायत में उन्होंने कई ऐसी घटनाओं का जिक्र किया है, जो समाज में पारिवारिक विघटन की कड़वी सच्चाई को बयां करती हैं।
ईद के दिन फेंका सामान, बाथरूम में किया बंद
शिकायतकर्ता मंजूर अहमद ने बताया कि विवाद की जड़ें पुरानी हैं, लेकिन पिछले कुछ दिनों में प्रताड़ना की सीमाएं लांघ दी गईं। उन्होंने बताया:
21 मार्च (ईद का मौका* मंजूर अहमद त्योहार के उपलक्ष्य में घर के लिए कुछ सामान लेकर आए थे। आरोप है कि उनकी पत्नी ने खुशी के इस मौके पर न केवल विवाद किया, बल्कि उनके द्वारा लाया गया सारा सामान घर से बाहर फेंक दिया।
31 मार्च की घटना:प्रताड़ना का सिलसिला यहीं नहीं थमा। पीड़ित का आरोप है कि 31 मार्च को उनकी पत्नी और बेटी ने मिलकर उन्हें बुरी तरह प्रताड़ित किया और अंततः उन्हें घर के बाथरूम में बंदश कर दिया।
घंटों तक कैद रहने के बाद, मंजूर अहमद ने किसी तरह पुलिस कंट्रोल रूम (112) को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बाथरूम का दरवाजा खोलकर उन्हें बाहर निकाला।
“अपना घर, फिर भी होटल में बसेरा”
इस घटना ने मंजूर अहमद को इस कदर झकझोर दिया है कि वह अब अपने घर जाने से भी कतरा रहे हैं। उन्होंने एसएसपी को बताया कि पुलिस द्वारा रेस्क्यू किए जाने के बाद से वह असुरक्षा के कारण एक होटल में रह रहे हैं। उनका कहना है कि जिस घर को उन्होंने खून-पसीने की कमाई से बनाया, आज उसी घर के दरवाजे उनके लिए बंद कर दिए गए हैं या वहां जाना उनके आत्मसम्मान और सुरक्षा के लिए खतरा बन गया है।
कानूनी दांव-पेच और घरेलू हिंसा के आरोप
मंजूर अहमद ने अपनी शिकायत में यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पत्नी ने पहले उन पर घरेलू हिंसा के आरोप लगाए थे। हालांकि, पीड़ित का दावा है कि अदालत और जांच एजेंसियों ने उन आरोपों को निरस्त (Dismiss) कर दिया है, क्योंकि वे पूरी तरह झूठे और निराधार पाए गए थे। उनका आरोप है कि कानूनी लड़ाई में हारने के बाद अब उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से तोड़कर घर से बेदखल करने की साजिश रची जा रही है।
बेटी के अपने आरोप: मामले में आया ट्विस्ट
जहां एक ओर पिता अपनी व्यथा सुना रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उनकी पुत्री ने भी मोर्चा खोल दिया है। पीड़ित की पुत्री ने सीओ सदर को एक काउंटर शिकायत दी है।
पुत्री का आरोप है कि उनके पिता (मंजूर अहमद) ही परिवार को प्रताड़ित करते हैं।
साथ ही, उसने क्लेमेनटाउन थाना पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस कर्मियों ने उनके साथ अभद्रता की है।
इस तरह यह मामला अब पूरी तरह से ‘आरोप-प्रत्यारोप’ के जाल में फंस गया है, जिसमें एक तरफ बुजुर्ग पिता की सुरक्षा का सवाल है और दूसरी तरफ बेटी द्वारा पुलिस कार्यप्रणाली पर उठाए गए सवाल।
एसएसपी का रुख और पुलिस की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून, प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने मामले की गहन जांच के आदेश दिए हैं। एसएसपी कार्यालय की ओर से स्पष्ट किया गया है कि पारिवारिक विवाद के इस मामले में दोनों पक्षों की बात सुनी जा रही ह
“हमें क्लेमेनटाउन निवासी बुजुर्ग की शिकायत प्राप्त हुई है। मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा है जिसमें प्रताड़ना के गंभीर आरोप हैं। पुलिस की एक टीम तथ्यों की जांच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज व पड़ोसियों के बयान भी लिए जा रहे हैं। कानून के अनुसार जो भी दोषी होगा, उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।” – एसएसपी देहरादून
सामाजिक चिंता का विषय
देहरादून में सामने आया यह मामला केवल एक कानूनी विवाद नहीं है, बल्कि यह बुजुर्गों की असुरक्षा की ओर भी इशारा करता है। राजधानी में इस तरह की बढ़ती घटनाएं समाज के लिए चिंता का विषय हैं। जानकारों का मानना है कि ऐसे मामलों में पुलिस को ‘सीनियर सिटीजन एक्ट’ के तहत त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए ताकि किसी बुजुर्ग को अपने ही घर से बेघर होकर होटलों में न भटकना पड़े।
फिलहाल, पुलिस जांच जारी है और क्लेमेनटाउन क्षेत्र में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। क्या मंजूर अहमद को उनका घर और सम्मान वापस मिलेगा? यह पुलिस की अंतिम जांच रिपोर्ट के बाद ही साफ हो पाएगा।
ब्यूरो रिपोर्ट, देहरादून।








