ऋषिकेश। देश के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), ऋषिकेश से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक एमबीबीएस (MBBS) छात्र ने परीक्षा में नकल करने के लिए ऐसा जुगाड़ अपनाया जिसे देखकर सुरक्षाकर्मी भी दंग रह गए। छात्र अपनी चप्पल के तलवे के अंदर मोबाइल फोन छिपाकर परीक्षा हॉल में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था, लेकिन सुरक्षा जांच की मुस्तैदी ने उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया।
क्या है पूरा मामला?
ऋषिकेश एम्स में इन दिनों मेडिकल छात्रों की आंतरिक (Internal) परीक्षाएं चल रही हैं। मंगलवार को जब छात्र परीक्षा देने के लिए केंद्र पर पहुँच रहे थे, तभी एक छात्र की गतिविधियों पर सुरक्षा गार्डों को संदेह हुआ। जब उसकी गहन तलाशी ली गई, तो पता चला कि उसने अपनी चप्पल को विशेष रूप से काटकर उसके अंदर मोबाइल फोन फिट किया हुआ था।
सुरक्षा कर्मियों ने जैसे ही उसे चप्पल उतारने को कहा और उसकी जांच की, तो उसमें से स्मार्टफोन बरामद हुआ। पकड़े जाने के बाद छात्र काफी असहज हो गया और सुरक्षाकर्मियों से अपना फोन वापस मांगने की गुहार लगाने लगा।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
इस पूरी घटना का वीडियो वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने अपने कैमरे में कैद कर लिया, जो अब इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि सुरक्षाकर्मी छात्र की चप्पल से मोबाइल निकाल रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि जहां आरोपी छात्र पकड़े जाने के बाद मिन्नतें कर रहा है, वहीं उसके साथ आए अन्य छात्र इस अजीबोगरीब स्थिति को देखकर हंसते हुए नजर आ रहे हैं।
सुरक्षा व्यवस्था और संस्थान का रुख
एम्स ऋषिकेश प्रशासन परीक्षाओं की शुचिता (Integrity) को लेकर बेहद सख्त है। संस्थान के जनसंपर्क अधिकारी (PRO) डॉ. श्रीलाय मोहंती ने इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि परीक्षाओं में पारदर्शिता और ईमानदारी बनाए रखने के लिए त्रि-स्तरीय सुरक्षा जांच की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने बताया:
“परीक्षा कक्ष में प्रवेश से पहले प्रत्येक छात्र की सघन तलाशी ली जाती है। इसी सतर्कता का परिणाम है कि छात्र की यह चालाकी पकड़ी गई। संस्थान किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता या अनुचित साधनों (Unfair Means) के प्रयोग को बर्दाश्त नहीं करेगा।”
‘मुन्नाभाई’ स्टाइल नकल की चर्चा
यह घटना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग इसे ‘मुन्नाभाई MBBS’ फिल्म के दृश्यों से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि मेडिकल जैसे गंभीर पेशे की पढ़ाई कर रहे छात्रों द्वारा ऐसी हरकतें चिंताजनक हैं। एक डॉक्टर के कंधों पर हजारों जिंदगियों की जिम्मेदारी होती है, ऐसे में परीक्षा पास करने के लिए शॉर्टकट अपनाना उनके भविष्य और समाज दोनों के लिए घातक हो सकता है।
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सख्त कार्रवाई की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, पकड़े गए छात्र के खिलाफ संस्थान के नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है। उसकी उत्तर पुस्तिका और परीक्षा की पात्रता पर भी विचार किया जा रहा है। एम्स प्रशासन ने अन्य छात्रों को भी चेतावनी दी है कि वे डिजिटल गैजेट्स या किसी भी प्रकार की प्रतिबंधित सामग्री के साथ परीक्षा केंद्र में न आएं।
मुख्य बिंदु:
- स्थान: एम्स ऋषिकेश, उत्तराखंड।
- घटना: एमबीबीएस छात्र चप्पल में मोबाइल छिपाकर नकल की कोशिश करते पकड़ा गया।
- जांच: सुरक्षा कर्मियों ने मेटल डिटेक्टर और शारीरिक तलाशी के दौरान फोन पकड़ा।
- प्रतिक्रिया: संस्थान ने पारदर्शिता बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।
संपादकीय टिप्पणी: शिक्षा के मंदिर में इस तरह की घटनाएं नैतिक पतन को दर्शाती हैं। तकनीकी युग में नकल के तरीके तो बदल रहे हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता भी उतनी ही अनिवार्य हो गई है।









