डाकपत्थर–कुंजा–कुल्हाल–ढकरानी में प्रशासन का सख्त रुख, अवैध कब्जों पर चला बुलडोज़र—46 निर्माण जमींदोज - Doonprimenews
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डाकपत्थर–कुंजा–कुल्हाल–ढकरानी में प्रशासन का सख्त रुख, अवैध कब्जों पर चला बुलडोज़र—46 निर्माण जमींदोज

On: November 25, 2025 5:06 AM
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शक्तिनहर किनारे 46 और अवैध निर्माण ढहाए गए
डाकपत्थर क्षेत्र सहित आसपास के कुंजा, कुल्हाल और ढकरानी में प्रशासन ने सोमवार को लगातार दूसरे दिन अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त रुख दिखाते हुए बड़े पैमाने पर बुलडोजर कार्रवाई की। जल विद्युत निगम (यूजेवीएनएल) की शक्तिनहर किनारे स्थित भूमि पर किए गए अवैध कब्जों में से 46 और निर्माणों को ध्वस्त कर दिया गया।
प्रशासन द्वारा पहले ही कुल 111 अवैध निर्माणों को चिह्नित किया गया था। रविवार को अभियान के पहले चरण में 65 निर्माण हटाए जा चुके थे, जिसके बाद सोमवार को शेष बचे ढांचों को भी जमींदोज कर दिया गया। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति दोबारा अवैध निर्माण करता पाया गया, तो उसके खिलाफ और भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बताया जा रहा है कि ढालीपुर, कुंजा, ढकरानी, हरिपुर, कुल्हाल और डाकपत्थर क्षेत्रों में शक्तिनहर के किनारे वर्षों से अतिक्रमण कर अवैध रूप से मकान और दुकानें खड़ी कर दी गई थीं। सोमवार सुबह भारी पुलिस बल की मौजूदगी में प्रशासनिक टीम ने अभियान की शुरुआत की। मौके पर एसडीएम विनोद कुमार, नायब तहसीलदार ग्यारुदत्त जोशी, सीओ भाष्कर लाल शाह, कोतवाल सहसपुर शंकर सिंह बिष्ट और विकासनगर कोतवाल विनोद गुसाईं सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कार्रवाई इतनी सख्ती से की गई कि स्थानीय लोग चाहकर भी विरोध दर्ज नहीं करा सके। कई लोग असहाय होकर अपने निर्माणों को टूटते हुए देखते रहे। नायब तहसीलदार ग्यारु दत्त जोशी ने बताया कि चारों क्षेत्रों में बचे सभी 46 अवैध निर्माणों को ध्वस्त करा दिया गया है, जिससे पूरी चिह्नित भूमि को अतिक्रमणमुक्त कर दिया गया है।
नोटिस को लेकर उठे सवाल—दुकान पर लाल निशान लगाने पर आपत्ति
ध्वस्तीकरण अभियान को लेकर कुछ लोगों ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल भी उठाए हैं। लक्ष्मणपुर निवासी शिवम गुप्ता ने एसडीएम के समक्ष शिकायत दर्ज कराई है कि यूजेवीएनएल की ओर से उन्हें जिस खसरा नंबर का नोटिस दिया गया है, वह उनकी भूमि से मेल नहीं खाता। इसके बावजूद उनकी दुकान पर लाल निशान लगाए गए हैं, जिससे उन्हें बिना कारण कार्रवाई का डर सता रहा है।
प्रशासन ने शिकायत की जांच कराने और आवश्यक दस्तावेजों के आधार पर सही निर्णय लेने का आश्वासन दिया है।

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