Amit Shah Uttarakhand Visit: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड दौरे के दौरान आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के चुनावी अभियान का संदेश दे दिया है। देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित उत्तराखंड राज्योत्सव समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से इस बार 70 विधानसभा सीटों वाले प्रदेश में 65 से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ने की अपील की। उन्होंने दावा किया कि उत्तराखंड में भाजपा लगातार तीसरी बार सरकार बनाएगी। अपने संबोधन में अमित शाह ने कांग्रेस पर परिवारवाद, तुष्टिकरण और घुसपैठियों को संरक्षण देने जैसे आरोप लगाए। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार के विकास कार्यों का भी जिक्र किया।
Amit Shah Uttarakhand Visit: देहरादून से BJP के मिशन 65 का ऐलान
उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के 26वें वर्ष के आयोजनों के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का देहरादून दौरा राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है। 6 नवंबर को आयोजित राज्योत्सव समारोह में उन्होंने भाजपा के आगामी चुनावी लक्ष्य को सार्वजनिक किया। अमित शाह ने कहा कि पार्टी को इस बार 57 या 47 सीटों पर संतुष्ट नहीं होना है, बल्कि 65 से अधिक सीटें जीतने के लक्ष्य के साथ चुनाव मैदान में उतरना है।
हर दिशा से जुड़ रहा "उत्तराखण्ड"
गौरतलब है कि वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 70 में से 57 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी। वहीं, 2022 के चुनाव में पार्टी को 47 सीटें मिली थीं। अब 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अमित शाह ने कार्यकर्ताओं को पिछले प्रदर्शन से आगे बढ़ने का संदेश दिया है। उनके इस बयान को उत्तराखंड में भाजपा के चुनावी अभियान की शुरुआती रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ
कांग्रेस और राहुल गांधी पर अमित शाह का तीखा हमला
Amit Shah Uttarakhand Visit के दौरान उनके भाषण का एक बड़ा हिस्सा कांग्रेस और राहुल गांधी पर केंद्रित रहा। उन्होंने कांग्रेस की वोट बचाओ यात्रा पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि यह यात्रा वास्तव में घुसपैठियों को बचाने के लिए निकाली जा रही है। उन्होंने कहा कि देश और उत्तराखंड में अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान होनी चाहिए और नियमों के अनुसार उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
अमित शाह ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR का भी जिक्र किया। उन्होंने कांग्रेस पर चुनावी प्रक्रिया का विरोध करने और तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने कहा कि भाजपा उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं करेगी।
अपने संबोधन में उन्होंने प्रदेश में अवैध अतिक्रमण का मुद्दा भी उठाया। शाह ने कहा कि उत्तराखंड में किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने हल्द्वानी में करीब 29 एकड़ जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने की कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा सरकार इस दिशा में आगे भी कदम उठाती रहेगी।
धामी सरकार के विकास कार्यों की तारीफ, अर्थव्यवस्था का किया जिक्र
अमित शाह ने उत्तराखंड की पिछली कांग्रेस सरकार और वर्तमान भाजपा सरकार की तुलना करते हुए राज्य की आर्थिक स्थिति पर भी बात की। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में पहाड़ों से पलायन की समस्या बढ़ी और स्थानीय संसाधनों का पूरा लाभ प्रदेश को नहीं मिल पाया।
वहीं, भाजपा सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 के बाद राज्य के सकल घरेलू उत्पाद यानी GSDP में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। प्रति व्यक्ति आय में भी करीब 40 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। उन्होंने पर्यटन क्षेत्र में लगभग 380 प्रतिशत की वृद्धि का दावा करते हुए कहा कि प्रदेश में सड़क, रेल और दूसरी बुनियादी सुविधाओं के विकास से रोजगार के नए अवसर तैयार हुए हैं।
शाह ने ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का जिक्र करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निवेश के लिए 3.56 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव प्रस्तुत किए थे। इनमें से लगभग एक लाख करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर उतरने और उद्योगों के शुरू होने की जानकारी भी उन्होंने दी।
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UCC और नकल विरोधी कानून को बताया बड़ी उपलब्धि
Amit Shah Uttarakhand Visit के दौरान उत्तराखंड में लागू समान नागरिक संहिता (UCC) का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। अमित शाह ने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जिसने समान नागरिक संहिता को लागू किया है। उन्होंने इसे महिलाओं के अधिकारों और समानता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
इसके अलावा उन्होंने राज्य में लागू सख्त नकल विरोधी कानून की तारीफ की। शाह के मुताबिक, इस कानून के लागू होने के बाद भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ी है और करीब 35 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। उन्होंने दावा किया कि इन युवाओं को बिना सिफारिश और बिना रिश्वत के रोजगार मिला है।
गृह मंत्री ने प्रदेश में धर्मांतरण विरोधी कानून का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखना और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना है।
1474 करोड़ की विकास योजनाएं और कनेक्टिविटी पर जोर
अमित शाह के उत्तराखंड दौरे के दौरान राज्य को 1474 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की सौगात भी दी गई। इनमें विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास शामिल रहा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनका स्वागत किया और राज्य के विकास में केंद्र सरकार के सहयोग के लिए आभार जताया।
अपने संबोधन में शाह ने दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर, चारधाम ऑल वेदर रोड, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना और टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन जैसी योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने केदारनाथ और हेमकुंड साहिब में प्रस्तावित रोपवे परियोजनाओं को भी महत्वपूर्ण बताया।
इसके अलावा उन्होंने जमरानी और सौंग बांध परियोजनाओं, किच्छा में AIIMS सैटेलाइट सेंटर, औद्योगिक स्मार्ट सिटी और सीमावर्ती गांवों के विकास के लिए चलाए जा रहे वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम का जिक्र किया। शाह ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क और दूसरी सुविधाओं का विकास राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से भी जरूरी है।
उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और राज्य निर्माण का किया जिक्र
अपने भाषण में अमित शाह ने उत्तराखंड के गठन में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भूमिका को याद किया। उन्होंने कहा कि लंबे संघर्ष के बाद 9 नवंबर 2000 को उत्तराखंड अलग राज्य बना और इसके लिए पर्वतीय क्षेत्र के लोगों ने लंबा आंदोलन किया था।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार उत्तराखंड को केवल एक विकसित राज्य ही नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में भी स्थापित करना चाहती है। इसके लिए धार्मिक पर्यटन, स्थानीय उत्पादों, होमस्टे योजना और पहाड़ी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
शाह ने लखपति दीदी योजना, महिला आरक्षण, हाउस ऑफ हिमालयाज और मिलेट मिशन जैसी पहलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की प्राकृतिक संपदा, लोकसंस्कृति और सैन्य परंपरा राज्य की सबसे बड़ी पहचान हैं। इन्हें सुरक्षित रखते हुए विकास की दिशा में आगे बढ़ना जरूरी है।
2027 चुनाव से पहले भाजपा के लिए कितना अहम है अमित शाह का दौरा?
उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव 2027 को देखते हुए अमित शाह का यह दौरा भाजपा के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी जहां लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की तैयारी कर रही है, वहीं 65 से अधिक सीटों का लक्ष्य उसके सामने बड़ी चुनौती भी पेश करता है।
राज्य में पिछले दो विधानसभा चुनावों के नतीजों को देखें तो भाजपा ने 2017 में 57 और 2022 में 47 सीटें हासिल की थीं। ऐसे में 65 प्लस का लक्ष्य पूरा करने के लिए पार्टी को अपने पिछले प्रदर्शन से काफी आगे निकलना होगा।
अमित शाह ने पार्टी कार्यकर्ताओं से सरकार के विकास कार्यों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को लेकर जनता के बीच जाने की अपील की। उन्होंने भरोसा जताया कि भाजपा उत्तराखंड में जीत की हैट्रिक लगाएगी।
कुल मिलाकर, Amit Shah Uttarakhand Visit को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है। अब देखना होगा कि भाजपा का मिशन 65 पार चुनावी मैदान में कितना सफल होता है और कांग्रेस समेत विपक्षी दल इस चुनौती का जवाब किस रणनीति से देते हैं।







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