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“उत्तराखंड को शोध और एआई का गढ़ बनाने की दिशा में सीएम धामी का बड़ा ऐलान”

On: November 2, 2025 4:35 PM
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हरिद्वार। पतंजलि विश्वविद्यालय के द्वितीय दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की कि राज्य सरकार उत्तराखंड को शोध, नवाचार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में देश का अग्रणी केंद्र बनाने के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह समारोह न केवल विश्वविद्यालय बल्कि पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है।
नई शिक्षा नीति से जुड़ेगा नवाचार का विजन
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि राज्य में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करते हुए शिक्षा को अनुसंधान, नवाचार और प्रौद्योगिकी से जोड़ने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि देहरादून में साइंस सिटी, हल्द्वानी में एस्ट्रो पार्क और अल्मोड़ा में साइंस सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि विद्यार्थियों को आधुनिक विज्ञान की नवीनतम सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
उन्होंने बताया कि दून विश्वविद्यालय में संस्कृति, इतिहास और दर्शन के गहन अध्ययन के लिए ‘सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज’ की स्थापना की गई है, जो भारतीय ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाने का कार्य करेगा। मुख्यमंत्री ने स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पतंजलि विश्वविद्यालय का योगदान राज्य के शैक्षणिक विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
पतंजलि ने योग और आयुर्वेद से दिया नई दिशा
इस अवसर पर उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि) गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने अपने संबोधन में कहा कि योग और आयुर्वेद के क्षेत्र में पतंजलि विश्वविद्यालय का योगदान अभूतपूर्व रहा है। उन्होंने कहा कि पतंजलि ने इन प्राचीन भारतीय विधाओं के माध्यम से स्वास्थ्य जगत में नई दिशा दी है और एक प्रकार की स्वास्थ्य क्रांति का सूत्रपात किया है।
राज्यपाल ने कहा कि यह देखकर प्रसन्नता होती है कि आज के युवा भारतीय संस्कृति, योग, आयुर्वेद और अध्यात्म के प्रति गहरी रुचि दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी तभी सफल माने जाएंगे जब उनका ज्ञान समाज और राष्ट्र के कल्याण में उपयोगी सिद्ध हो।
भारतीय परंपरा ही भविष्य का आधार
गुरमीत सिंह ने कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपराएं आज भी अत्यंत प्रासंगिक हैं, और यही भावी भारत के निर्माण की सुदृढ़ नींव हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे भारतीय ज्ञान परंपरा को आत्मसात करें और उसे आधुनिक विज्ञान के साथ जोड़कर नया भारत गढ़ें।
पुस्तक विमोचन और राष्ट्रपति को समर्पण
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल गुरमीत सिंह द्वारा ‘फ्लोरा ऑफ राष्ट्रपति भवन’ और ‘मेडिसिनल प्लांट्स ऑफ राष्ट्रपति भवन’ नामक पुस्तकों का विमोचन किया गया। इन पुस्तकों की प्रथम प्रतियां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को समर्पित की गईं। दोनों ग्रंथ आचार्य बालकृष्ण के निर्देशन में तैयार किए गए हैं और आयुर्वेद व औषधीय वनस्पतियों पर आधारित महत्वपूर्ण संदर्भ ग्रंथ हैं।
विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति और शुभकामनाएं
दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और विश्वास व्यक्त किया कि “सर्वश्रेष्ठ उत्तराखंड” के निर्माण में पतंजलि विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं अग्रणी भूमिका निभाएंगे।
इस अवसर पर सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, राज्यसभा सदस्य कल्पना सैनी, साध्वी देवप्रिया, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद सहित अनेक विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।

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