हल्द्वानी :"गंदगी के माहौल में बनाए जा रहे थे भगवान को चढ़ाए जाने वाले बताशे, कारीगर ने 20 दिन से नहीं किया स्नान - Doonprimenews
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हल्द्वानी :”गंदगी के माहौल में बनाए जा रहे थे भगवान को चढ़ाए जाने वाले बताशे, कारीगर ने 20 दिन से नहीं किया स्नान

On: October 10, 2025 3:29 PM
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दीपावली जैसे पावन पर्व के ठीक पहले उत्तराखंड के हल्द्वानी शहर में खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी में खाद्य सुरक्षा मानकों की भारी अनदेखी सामने आई है। छापेमारी के दौरान कुछ ऐसी फैक्ट्रियाँ पाई गईं जहाँ पूजा में चढ़ने वाले बताशे, मिठाइयाँ और चीनी से बने खिलौने बेहद अस्वच्छ और अमानवीय हालात में तैयार किए जा रहे थे।
20 दिन से नहीं नहाया कारीगर, फैक्ट्री में गंदगी का साम्राज्य
बनभूलपुरा और गांधीनगर क्षेत्रों में की गई इस कार्रवाई में चौकाने वाले दृश्य सामने आए। एक फैक्ट्री में कार्यरत कारीगर ने अधिकारियों को बताया कि उसने पिछले 20 दिनों से स्नान तक नहीं किया था। जिस जगह पर बताशे और मिठाइयाँ बन रही थीं, वहां गंदगी, सीलन और बदबू का माहौल था। सफाई का नामोनिशान नहीं था और काम करने वाले कर्मचारियों के पास न तो बालों को ढकने के लिए टोपी थी और न ही हाथों में दस्ताने।
बिना लाइसेंस चल रहीं थीं फैक्ट्रियाँ, चार सील की गईं
शहर के अलग-अलग हिस्सों में चल रही इन अवैध फैक्ट्रियों के पास न तो कोई वैध फूड लाइसेंस था और न ही स्थानीय प्रशासन या नगर निगम से अनुमति। गुरुवार शाम सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल सिंह चौहान, नगर आयुक्त ऋचा सिंह और एसडीएम राहुल शाह के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने चार ऐसी फैक्ट्रियों को सील कर दिया।
मिठाइयों में इस्तेमाल हो रहा था खतरनाक केमिकल और खड़िया पाउडर
अधिकारियों ने बताया कि इन फैक्ट्रियों में बताशों और मिठाइयों की चमक बढ़ाने के लिए अज्ञात केमिकल का प्रयोग किया जा रहा था। इन केमिकल्स को बिना किसी लेबल के डिब्बों में रखा गया था, जिनका कोई रिकॉर्ड मौजूद नहीं था। पूछताछ के दौरान कार्यकर्ताओं ने बताया कि यह “चीनी को साफ करने” के लिए डाला जाता है ताकि उत्पाद में चमक आ सके।
इसके अलावा, बताशों को सूखाने और अलग करने के लिए खतरनाक खड़िया पाउडर का इस्तेमाल किया जा रहा था। यह पाउडर शरीर के लिए अत्यंत हानिकारक माना जाता है। मौके से इसके खुले कट्टे भी बरामद किए गए हैं।
गंदा पानी और स्वच्छता की घोर अनदेखी
छापेमारी के दौरान फैक्ट्रियों में पीने योग्य स्वच्छ पानी की बजाय गंदे और अशुद्ध पानी का प्रयोग किया जा रहा था। इससे न केवल उत्पादों की गुणवत्ता पर सवाल उठते हैं बल्कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए भी यह बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
प्रशासन ने लिए नमूने, जांच रिपोर्ट के बाद होगी सख्त कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी अभय सिंह ने बताया कि फैक्ट्रियों से मिठाइयों, खिलौनों और उपयोग किए जा रहे केमिकल्स के सैंपल लिए गए हैं। इन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
त्योहारों के मौसम में मिलावटी सामान बेचने वालों की बढ़ती सक्रियता
त्योहारी सीजन में बाजार में नकली और मिलावटी खाद्य पदार्थों की भरमार हो जाती है। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे मिठाइयाँ और पूजन सामग्री खरीदते समय उसकी गुणवत्ता और विश्वसनीय स्रोत का ध्यान रखें। वहीं, सभी दुकानों और फैक्ट्रियों को चेतावनी दी गई है कि यदि स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया, तो कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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