देहरादून में नदी की धारा मोड़कर खड़ा किया रिसोर्ट, DM पहुंचे तो भड़के; सख्त जांच और कार्रवाई के निर्देश - Doonprimenews
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देहरादून में नदी की धारा मोड़कर खड़ा किया रिसोर्ट, DM पहुंचे तो भड़के; सख्त जांच और कार्रवाई के निर्देश

On: September 19, 2025 6:46 AM
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देहरादून। सहस्रधारा, मालदेवता और सरखेत जैसे संवेदनशील नदी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण का सिलसिला लगातार जारी है। यहां न केवल नदी की श्रेणी की भूमि पर कब्ज़ा कर आलीशान होटल और रिसोर्ट खड़े कर दिए गए हैं, बल्कि कुछ संचालक तो अपनी संपत्ति बचाने के लिए नदी की धारा तक मोड़ने से नहीं हिचक रहे। प्रशासन और विभागीय लापरवाही की वजह से ऐसे अवैध निर्माण अब आपदा की स्थिति में आम जनता की जान और सरकारी संपत्ति दोनों के लिए खतरा साबित हो रहे हैं।

जिलाधिकारी का निरीक्षण और बड़ा खुलासा

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गुरुवार को आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने पहुंचे जिलाधिकारी सविन बंसल तब भड़क उठे जब उन्होंने बांडावाली खैरी मान सिंह क्षेत्र में एक आलीशान रिसोर्ट का निर्माण सीधे नदी की भूमि पर देखा। जांच में सामने आया कि ‘स्पर्श फर्म एंड रिसोर्ट’ के संचालक ने अपने रिसोर्ट को सुरक्षित करने के लिए एप्रोच बनाते समय नदी की धारा ही मोड़ दी।

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सड़क पर टूटा कहर, रिसोर्ट की करतूत से करोड़ों का नुकसान

नदी की धारा मोड़े जाने का खामियाजा इलाके की सड़क को भुगतना पड़ा। आपदा के दौरान तेज बहाव सीधा सड़क की ओर चला गया जिससे लगभग 150 मीटर सड़क पूरी तरह ध्वस्त हो गई। अभियंताओं की टीम का कहना है कि यदि नदी को अपनी मूल धारा में बहने दिया जाता तो इतना बड़ा नुकसान नहीं होता।
प्रारंभिक आकलन में पाया गया है कि रिसोर्ट संचालक की इस हरकत से सरकार को करीब ₹6 करोड़ की क्षति हुई है।

जांच और वसूली के आदेश

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने उच्च स्तरीय जांच बैठाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्पष्ट किया है कि सरकारी संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई सीधे रिसोर्ट संचालक से करवाई जाएगी। इसके अलावा, नदी भूमि की पूरी जांच कर उसे सरकारी रिकॉर्ड में वापस दर्ज कराने के भी आदेश दिए गए हैं।

विभागों की लापरवाही पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि सहस्रधारा से लेकर मालदेवता और सरखेत तक नदी किनारे धड़ल्ले से रिसोर्ट और होटल खड़े कर दिए गए, लेकिन सिंचाई विभाग और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों ने आंखें मूंद लीं। अब आपदा के समय यही निर्माण न केवल सरकारी संपत्ति बल्कि स्थानीय लोगों की जान के लिए भी भारी पड़ रहे हैं।

राहत कार्य और अस्थायी समाधान

फिलहाल, लोनिवि ने मौके पर नदी को चैनलाइज कर सड़क को अस्थायी रूप से दुरुस्त करने का काम शुरू कर दिया है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक नदी क्षेत्रों में अवैध निर्माण पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक ऐसी घटनाएं दोहराई जाती रहेंगी।

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