विकासनगर: डाकपत्थर बैराज से यमुना नदी में छोड़ा गया 1.23 लाख क्यूसेक पानी, दिल्ली-हरियाणा के लिए बाढ़ का अलर्ट घोषित - Doonprimenews
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विकासनगर: डाकपत्थर बैराज से यमुना नदी में छोड़ा गया 1.23 लाख क्यूसेक पानी, दिल्ली-हरियाणा के लिए बाढ़ का अलर्ट घोषित

On: September 1, 2025 3:24 PM
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लगातार बारिश के चलते यमुना और टोंस नदी खतरे के निशान पर बह रही हैं। सोमवार को इच्छाड़ी बांध से लगभग 1,02,620 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जबकि डाकपत्थर बैराज से अधिकतम 1,39,460 क्यूसेक पानी की निकासी की गई। दोनों नदियों के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में लगातार वर्षा होने से जलस्तर तेजी से बढ़ा है। वर्तमान में डाकपत्थर बैराज से यमुना में औसतन 1.23 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।

पानी की भारी निकासी और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए शासन ने दिल्ली और हरियाणा राज्यों के लिए अलर्ट जारी कर दिया है। रविवार दोपहर से ही नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है, जिसके चलते छिबरौ (240 मेगावाट), खोदरी (120 मेगावाट), ढालीपुर (51 मेगावाट), ढकरानी (33.75 मेगावाट) जल विद्युत गृहों के साथ-साथ शाम छह बजे से व्यासी बांध (120 मेगावाट) में भी उत्पादन ठप कर दिया गया। केवल कुल्हाल जल विद्युत गृह (30 मेगावाट) में ही उत्पादन सुचारू रूप से जारी है।

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लगातार पानी छोड़े जाने और नदी में गाद की अधिकता के चलते बिजली उत्पादन दूसरे दिन भी बाधित रहा। स्थिति यह है कि सोमवार शाम छह बजे तक भी डाकपत्थर बैराज से यमुना नदी में प्रवाह एक लाख क्यूसेक से अधिक बना रहा। इससे निचले इलाकों विशेषकर दिल्ली और हरियाणा में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।

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एसडीएम विकासनगर विनोद कुमार ने बताया कि प्रशासन लगातार नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क कर रहा है। पुलिस और प्रशासन ने आमजन से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। सभी नौ बाढ़ चौकियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और अधिकारियों को चौबीसों घंटे मोबाइल चालू रखने के निर्देश दिए गए हैं।

यूजेवीएनएल के जनसंपर्क अधिकारी विमल डबराल ने कहा कि हथिनीकुंड बैराज को पहले ही अलर्ट भेज दिया गया है और वहां से आगे भी सूचना जारी की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुल्हाल परियोजना को छोड़कर यमुना घाटी की सभी परियोजनाएं और जल विद्युत गृह फिलहाल बंद पड़े हैं।

लगातार पानी छोड़े जाने और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी है और लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचित करें।

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