हरिद्वार: मनसा देवी मंदिर हादसे के बाद प्रशासन अलर्ट: सीढ़ी मार्ग बंद, रैंप मार्ग बना मुख्य रास्ता - Doonprimenews
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हरिद्वार: मनसा देवी मंदिर हादसे के बाद प्रशासन अलर्ट: सीढ़ी मार्ग बंद, रैंप मार्ग बना मुख्य रास्ता

On: July 29, 2025 6:32 AM
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हरिद्वार। रविवार को मनसा देवी मंदिर के सीढ़ी मार्ग पर हुई भगदड़ और आठ श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है। हादसे के अगले ही दिन, सोमवार सुबह जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने मौके का निरीक्षण कर सीढ़ी मार्ग को तत्काल प्रभाव से बंद करने और रैंप मार्ग को मुख्य पैदल मार्ग बनाने के निर्देश दिए।

अब मंदिर तक आने-जाने वाले श्रद्धालु केवल रैंप मार्ग या रोपवे का उपयोग कर सकेंगे। सीढ़ी मार्ग को केवल आपातकालीन स्थिति के लिए आरक्षित रखा गया है। प्रशासन का यह फैसला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के दृष्टिकोण से लिया गया है।

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रैंप मार्ग पर होंगी सभी जरूरी सुविधाएं

स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि रैंप मार्ग पर शौचालय, पीने के पानी की व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे, विश्राम स्थल, सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और मेडिकल सहायता केंद्र जैसी मूलभूत सुविधाएं प्राथमिकता से विकसित की जाएं। संबंधित विभागों को इन कार्यों के लिए तत्काल कार्रवाई शुरू करने को कहा गया है।

मनसा देवी मंदिर तक पहुंचने वाले तीन मुख्य रास्ते

रैंप मार्ग (हिल बाइपास होकर)
हरकी पैड़ी से जुड़ने वाला यह मार्ग लगभग दो किलोमीटर लंबा है। इसकी चौड़ाई अधिक होने से यह अब मुख्य पैदल मार्ग बना दिया गया है। पुजारी और मंदिर कर्मचारी इस रास्ते से दोपहिया वाहनों से भी मंदिर तक पहुंचते हैं। हालांकि कुछ स्थानों पर अभी भी सुरक्षा रेलिंग, प्रकाश व्यवस्था और विश्राम स्थलों की जरूरत है।

रोपवे (ट्रॉली मार्ग)
यह रास्ता उन श्रद्धालुओं के लिए सबसे सुविधाजनक है जो बुजुर्ग, दिव्यांग या छोटे बच्चे हैं। रोपवे के जरिये श्रद्धालु सीधे मंदिर के समीप तक पहुंच सकते हैं। यह सेवा शुल्क के आधार पर दी जाती है, इसी कारण अधिकांश श्रद्धालु पैदल मार्ग को ही चुनते हैं।

सीढ़ी मार्ग (फिलहाल बंद)
करीब एक किलोमीटर लंबे इस मार्ग में लगभग 800 सीढ़ियां हैं। हादसे से पहले यह प्रमुख पैदल मार्ग था, लेकिन अब इसे केवल आपातकालीन उपयोग के लिए आरक्षित कर दिया गया है। रविवार को यही मार्ग भगदड़ का केंद्र बना था, जिसमें कई श्रद्धालु घायल हुए और आठ की मौत हो गई। यह रास्ता कुछ जगहों पर संकरा और खतरनाक है।

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