उत्तराखंड: हरेला पर्व पर सीएम धामी ने लगाया पौधा, 'बोले - "धरती मां का ऋण चुकाना हम सभी का कर्तव्य" - Doonprimenews
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उत्तराखंड: हरेला पर्व पर सीएम धामी ने लगाया पौधा, ‘बोले – “धरती मां का ऋण चुकाना हम सभी का कर्तव्य”

On: July 16, 2025 9:51 AM
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हरेला पर्व के अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों से पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। बुधवार को देहरादून स्थित गोरखा मिलिट्री इंटर कॉलेज परिसर में आयोजित राज्य स्तरीय हरेला उत्सव में भाग लेते हुए मुख्यमंत्री ने “हरेला मनाओ, धरती मां का ऋण चुकाओ” थीम पर पौधारोपण किया और रुद्राक्ष का पौधा रोपकर इस महाअभियान की शुरुआत की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हरेला केवल एक पर्व नहीं, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक चेतना, प्राकृतिक जुड़ाव और पर्यावरणीय जिम्मेदारी का प्रतीक है। यह पर्व हमें पर्यावरण के संरक्षण की दिशा में जागरूक करता है और प्रकृति के साथ हमारे सामंजस्यपूर्ण संबंधों की याद दिलाता है।

हर दिशा से जुड़ रहा "उत्तराखण्ड"

मुख्यमंत्री धामी ने जानकारी दी कि इस बार हरेला पर्व के दिन राज्यभर में लगभग 5 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि वन विभाग के प्रत्येक डिवीजन में 50 प्रतिशत फलदार पौधे लगाए जा रहे हैं, ताकि इससे स्थानीय लोगों को आर्थिक लाभ भी मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि इस महाअभियान में जनसहभागिता को प्राथमिकता दी गई है, जिसमें स्वयंसेवी संस्थाएं, छात्र-छात्राएं, महिला समूह और ग्राम पंचायतें सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं।

स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केवल पौधारोपण करना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि इन पौधों की देखभाल और संरक्षण भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब तक पौधे पूर्ण रूप से वृक्ष का रूप न ले लें, तब तक उनकी नियमित निगरानी और देखभाल सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने प्रदेश की प्राकृतिक संपदा और जैव विविधता की रक्षा को हर नागरिक का नैतिक दायित्व बताया।

सदियों पुरानी परंपरा का निर्वहन

राज्य के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड में श्रावण मास में हरेला पर्व के दौरान वृक्षारोपण की परंपरा सदियों से चली आ रही है। यह पर्व हमारी सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ प्रकृति के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी को भी दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हरियाली और स्वच्छ वातावरण की नींव है।

वहीं वन मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि इस बार हरेला पर्व पर राज्य के 2,389 स्थानों पर पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में हरेला के दौरान लगाए गए पौधों का सर्वाइवल रेट 80% से अधिक रहा है, जो इस अभियान की सफलता और जनभागीदारी का प्रमाण है।

वन मंत्री ने गिरते भूजल स्तर को गंभीर चिंता का विषय बताते हुए कहा कि जल संरक्षण और पौधारोपण को एक साथ जोड़कर दीर्घकालिक समाधान की दिशा में कार्य करना होगा। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे प्रकृति संरक्षण के इस पुनीत प्रयास में सहभागी बनें और हरेला पर्व को केवल उत्सव नहीं, बल्कि एक हरित संकल्प के रूप में मनाएं।

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