अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

मेटा (Meta) में बड़ी छंटनी: पहले दिया ‘वर्क फ्रॉम होम’ का आदेश, फिर सुबह 4 बजे ईमेल भेजकर 8,000 कर्मचारियों को निकाला

On: May 20, 2026 7:55 AM
Follow Us:
रात के अंधेरे में लैपटॉप पर मेटा का छंटनी वाला ईमेल देखकर परेशान होता एक कर्मचारी।

​नई दिल्ली/सैन फ्रांसिस्को:

दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियों में शुमार मेटा प्लेटफॉर्म्स (Meta Platforms) के अंदर एक बार फिर से छंटनी का बड़ा दौर चला है। फेसबुक (Facebook), इंस्टाग्राम (Instagram) और व्हाट्सएप (WhatsApp) की मूल कंपनी मेटा ने अपने वैश्विक कार्यबल में बड़ी कटौती करते हुए लगभग 8,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। लेकिन इस छंटनी से ज्यादा चर्चा कंपनी के उस तरीके की हो रही है, जिसे अपनाकर कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया गया। कंपनी ने पहले अपने कर्मचारियों को ‘वर्क फ्रॉम होम’ (Work From Home) का निर्देश दिया और फिर भोर में 4 बजे ईमेल के जरिए उन्हें नौकरी से निकाले जाने का फरमान सुना दिया।

​’वर्क फ्रॉम होम’ की आड़ में ‘साइलेंट लेऑफ’

​टेक जगत में यह छंटनी अपने तरीके को लेकर सुर्खियों में है। कई प्रभावित कर्मचारियों और सूत्रों का मानना है कि ‘वर्क फ्रॉम होम’ का आदेश जानबूझकर दिया गया था ताकि छंटनी की यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से शांतिपूर्ण ढंग से निपट जाए।
​अक्सर जब बड़ी छंटनी होती है, तो कार्यालयों में हंगामा, कर्मचारियों का जमावड़ा, रोते-बिलखते सहकर्मी और अशांति का माहौल देखने को मिलता है। मेटा के प्रबंधन ने इस स्थिति से बचने के लिए अमेरिका, ब्रिटेन और अन्य हब के कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे ऑफिस न आएं और घर से ही काम करें। कर्मचारियों को लगा कि यह कोई सामान्य निर्देश है, लेकिन इसके पीछे की कड़वी सच्चाई कुछ ही घंटों बाद सामने आ गई।

​सिंगापुर हब से हुई शुरुआत, सुबह 4 बजे आया ईमेल

​ब्लूमबर्ग की एक विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार, इस छंटनी के प्रभाव की पहली लहर मेटा के सिंगापुर हब से सामने आई। यहाँ के प्रभावित कर्मचारियों को स्थानीय समयानुसार सुबह 4 बजे (भारतीय समयानुसार रात 1:30 बजे) उनके इनबॉक्स में छंटनी का ईमेल प्राप्त हुआ।
​कंपनी ने यह सूचनाएं भेजने के लिए एक व्यवस्थित और सुनियोजित रणनीति अपनाई। अलग-अलग टाइम जोन (Time Zones) के हिसाब से कर्मचारियों को ईमेल भेजे गए। हर जगह पैटर्न एक ही था— पहले वर्क फ्रॉम होम का आदेश, और फिर अचानक नौकरी जाने का ईमेल।

​छंटनी का असली कारण: AI की ओर मेटा का बड़ा कदम

​मेटा में छंटनी के इस ताजा दौर से पहले वैश्विक स्तर पर लगभग 78,000 कर्मचारी कार्यरत थे। इस भारी कटौती के पीछे मुख्य कारण कंपनी का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की तरफ अपना ध्यान और निवेश केंद्रित करना है।

​कंपनी की चीफ पीपल ऑफिसर (CPO) जेनेल गेल द्वारा जारी किए गए एक आंतरिक मेमो (Internal Memo) में इस छंटनी और कंपनी के भविष्य की योजनाओं का खुलासा किया गया है। गेल के अनुसार, यह सिर्फ एक छंटनी नहीं है, बल्कि कंपनी का पुनर्गठन (Restructuring) है।

मेमो में स्पष्ट किया गया है कि:

  • ​लगभग 7,000 मौजूदा कर्मचारियों को नई ‘AI-नेटिव टीमों’ (AI-Native Teams) में फिर से नियुक्त किया जाएगा।
  • ​भविष्य के लिए जो लगभग 6,000 पद खाली थे (Open Roles), उन्हें पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है, यानी उन पर अब कोई नई भर्ती नहीं होगी।
  • ​कंपनी के पदानुक्रम (Hierarchy) को कम किया जा रहा है, जिसका सीधा असर मैनेजर स्तर के कर्मचारियों पर पड़ा है।

​जेनेल गेल ने अपने मेमो में लिखा, “हम अब उस स्तर पर पहुँच गए हैं जहां कई संगठन छोटे समूहों की एक सपाट संरचना (Flat Structure) के साथ काम कर सकते हैं। इससे हम तेजी से आगे बढ़ सकेंगे और कर्मचारी अधिक स्वामित्व (Ownership) के साथ काम कर सकेंगे।”

​मार्क जुकरबर्ग का 145 बिलियन डॉलर का AI प्लान

​मेटा के सीईओ (CEO) मार्क जुकरबर्ग ने स्पष्ट कर दिया है कि कंपनी की भविष्य की मुख्य प्राथमिकता आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) है। इसी विजन को साकार करने के लिए मेटा ने इस वर्ष 125 से 145 बिलियन डॉलर का भारी-भरकम बजट खर्च करने की योजना बनाई है। इस बजट का एक बहुत बड़ा हिस्सा केवल AI के विकास और उससे जुड़े बुनियादी ढांचे पर खर्च किया जाएगा।

​किन कर्मचारियों पर पड़ा सबसे ज्यादा असर?

​रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस छंटनी का सबसे ज्यादा खामियाजा मेटा की इंजीनियरिंग (Engineering) और प्रोडक्ट (Product) टीमों को भुगतना पड़ा है। मैनेजर लेवल के पदों को कम करके कंपनी लीडरशिप और एग्जीक्यूटिव के बीच की दूरी को कम कर रही है।

ये भी पढ़े➜पटना में खौफनाक वारदात: सनकी पूर्व पति ने घर में घुसकर 4 लोगों को पेट्रोल डालकर जलाया, 3 साल की मासूम समेत पूरा परिवार झुलसा

​फिलहाल 8,000 कर्मचारियों की छंटनी के बाद भी मेटा के कर्मचारियों की चिंताएं खत्म नहीं हुई हैं। सूत्रों का कहना है कि इस साल के अंत तक कंपनी में और भी कटौतियां देखने को मिल सकती हैं। मेटा का यह कदम टेक इंडस्ट्री में चल रहे उस ट्रेंड की पुष्टि करता है, जहाँ अब कंपनियां मैनपावर से ज्यादा AI और ऑटोमेशन पर भरोसा जता रही हैं।

मुख्य बिंदु (Key Highlights):

  • ​फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा ने वैश्विक स्तर पर लगभग 8,000 कर्मचारियों की छंटनी की है।
  • ​छंटनी की शुरुआत सिंगापुर हब से हुई, जहाँ कर्मचारियों को सुबह 4 बजे टर्मिनेशन ईमेल मिले।
  • ​छंटनी से पहले कंपनी ने कर्मचारियों को ऑफिस न आने और ‘वर्क फ्रॉम होम’ (WFH) करने का निर्देश दिया था।
  • ​मेटा का फोकस अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर है, जिसके लिए कंपनी में बड़े स्तर पर पुनर्गठन (Restructuring) किया जा रहा है।
  • ​चीफ पीपल ऑफिसर जेनेल गेल के अनुसार, कंपनी अब ‘सपाट संरचना’ (Flat Structure) की ओर बढ़ रही है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

Woman reading How to Kill Men and Get Away With It book inside a metro train as the Metro Viral Video goes viral on social media.

मेट्रो में महिला के हाथ दिखी ‘How to Kill Men and Get Away With It’ किताब, VIDEO वायरल, 1.9 करोड़ से ज्यादा लोगों ने देखा

West Bengal : हल्दिया रिफाइनरी की नैफ्था पाइपलाइन में भीषण विस्फोट, 15 कर्मचारी झुलसे; रेल सेवा ठप, इलाके में दहशत

Rescue operation at a massive construction site collapse in Jaipur. Workers in hard hats and vests clear a pile of rubble mixed with rebar and bricks. A large yellow JCB excavator is in the center-left, actively removing heavy concrete slabs. Multiple police officers and emergency vehicles, including an ambulance, form a cordon in the background under floodlights.

​Major Tragedy in Jaipur: आमेर में निर्माणाधीन इमारत की दीवार ढहने से 3 मजदूरों की दर्दनाक मौत, कई मलबे में दबे; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

Dark monsoon clouds with rainfall over an Indian city as the latest Weather Update warns of heavy rain in 24 states and heatwave conditions in Uttar Pradesh.

Weather Update: 24 राज्यों में बारिश का अलर्ट, यूपी में हीटवेव का कहर जारी, जानिए दिल्ली, बिहार, एमपी समेत पूरे देश का मौसम!

​रांची में दरिंदगी की हदें पार: महिला से सामूहिक दुष्कर्म के बाद चट्टान पर हत्या, दुर्घटना का रूप देने के लिए गाड़ी से कुचला; शरीर की 42 हड्डियां टूटीं

​उज्जैन में मानवता तार-तार: बड़नगर में तार चोरी करने आए बदमाशों ने पति को बंधक बना मासूम बेटे के सामने आदिवासी महिला से किया सामूहिक दुष्कर्म

Leave a Comment