हरिद्वार/नैनीताल:
मध्य पूर्व में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब सीधे तौर पर देवभूमि के रसोई घरों तक पहुँचने लगा है। युद्ध की आहट और सोशल मीडिया पर फैली सप्लाई रुकने की अफवाहों ने उत्तराखंड के मैदानी और पहाड़ी जिलों में हड़कंप मचा दिया है। स्थिति यह है कि हरिद्वार और नैनीताल जैसे जिलों में गैस सिलेंडर लेने के लिए उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लग रही हैं। बिगड़ते हालातों को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है और कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
अफवाहों का बाजार गर्म, गोदामों पर उमड़ी भीड़
ईरान-इजरायल युद्ध की खबरों के बीच यह बात तेजी से फैली कि आने वाले दिनों में एलपीजी (LPG) की सप्लाई पूरी तरह बाधित हो सकती है। इस सूचना ने हरिद्वार में ‘पैनिक बाइंग’ (घबराहट में खरीदारी) की स्थिति पैदा कर दी है। हरिद्वार के विभिन्न गैस गोदामों पर सुबह से ही लोग अपने खाली सिलेंडर लेकर पहुँच रहे हैं। उपभोक्ताओं में इस बात का डर है कि यदि युद्ध लंबा खिंचा, तो भविष्य में सिलेंडर मिलना मुश्किल हो जाएगा। इसी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और स्थानीय प्रशासन को मोर्चा संभालना पड़ा है।
कमर्शियल सिलेंडर की डिलीवरी पर तत्काल रोक
बढ़ती मांग और घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के उद्देश्य से प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लिया है। हरिद्वार में फिलहाल कमर्शियल गैस सिलेंडरों की डिलीवरी पर रोक लगा दी गई है। जिला प्रशासन के इस आदेश से शहर के बड़े होटलों, रेस्टोरेंट्स और आश्रमों के सामने संकट खड़ा हो गया है।
जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) मुकेश पाल ने स्पष्ट किया कि, “वर्तमान में घरेलू गैस की कोई कमी नहीं है, लेकिन बढ़ती बुकिंग के कारण सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ा है। इसलिए, प्राथमिकता के आधार पर केवल घरेलू सिलेंडरों की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।”
प्रशासन की आपात बैठक: कालाबाजारी करने वालों को चेतावनी
हालातों की गंभीरता को देखते हुए हरिद्वार और नैनीताल दोनों जिलों में देर रात आपातकालीन बैठकें बुलाई गईं।
- हरिद्वार में सख्ती: DSO ने सभी गैस वितरकों और नोडल अधिकारियों के साथ मीटिंग कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ग्राहकों को तय समय पर सिलेंडर मुहैया कराए जाएं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी वितरक या बिचौलिया स्टॉक की जमाखोरी या कालाबाजारी करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
- नैनीताल में चेकिंग अभियान: नैनीताल में डीएम के निर्देश पर एडीएम प्रशासन विवेक राय ने बैठक ली। उन्होंने हल्द्वानी नगर मजिस्ट्रेट को निर्देश दिए कि वे लगातार गैस गोदामों का निरीक्षण करें और स्टॉक रजिस्टर का मिलान करें। एडीएम ने साफ किया कि जिले में गैस का पर्याप्त स्टॉक है और वितरण केवल OTP (वन टाइम पासवर्ड) के आधार पर ही होगा ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
गैस एजेंसी संचालकों का पक्ष: ‘संयम बरतें ग्राहक’
गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि समस्या आपूर्ति की नहीं बल्कि ‘पैनिक’ की है। गैस संचालक विवेक मुख्य के अनुसार, “सोशल मीडिया पर चल रही आधी-अधूरा खबरों की वजह से लोग डरे हुए हैं। हमारे पास 20 किलो और 5 किलो के कमर्शियल सिलेंडर की फिलहाल कमी है, लेकिन 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। जो लोग सिलेंडर बुक कर रहे हैं, उन्हें नियमानुसार डिलीवरी दी जा रही है।”
क्या है वर्तमान स्थिति? (एक नजर में)
| क्षेत्र | वर्तमान स्थिति | मुख्य कार्रवाई |
|—|—|—|
| हरिद्वार | गोदामों पर भारी भीड़, पैनिक बुकिंग | कमर्शियल डिलीवरी पर रोक, आपात बैठक |
| नैनीताल/हल्द्वानी | सप्लाई सामान्य, पर अफवाहें सक्रिय | गोदामों का भौतिक सत्यापन, OTP अनिवार्य |
| होटल/आश्रम | कमर्शियल गैस बंद होने से परेशानी | वैकल्पिक व्यवस्था की तलाश |
निष्कर्ष: प्रशासन की अपील
सरकार और प्रशासन का बार-बार यही कहना है कि युद्ध के चलते फिलहाल सप्लाई चेन टूटने जैसी कोई बात सामने नहीं आई है। केंद्र सरकार और पेट्रोलियम मंत्रालय स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। जनता से अपील की गई है कि वे सोशल मीडिया की भ्रामक खबरों पर यकीन न करें और आवश्यकतानुसार ही सिलेंडर की बुकिंग करें।
अनावश्यक भीड़ और होर्डिंग (जमाखोरी) की वजह से उन लोगों को परेशानी हो रही है जिन्हें वास्तव में तुरंत सिलेंडर की जरूरत है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि आने वाले कुछ दिनों में स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी









