अमृतसर के सरहदी गांव राजाताल में सनसनी: मजदूरी पर जा रहे युवक की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या, मोटरसाइकिल और मोबाइल ले उड़े हमलावर

अमृतसर/लोपोके: पंजाब के सीमावर्ती जिलों में अपराध का ग्राफ थमने का नाम नहीं ले रहा है। अमृतसर देहात के अंतर्गत आने वाले सरहदी गांव राजाताल में सोमवार सुबह एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ अज्ञात हमलावरों ने एक 30 वर्षीय युवक की गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद बेखौफ हमलावर मृतक की मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन भी लूट कर फरार हो गए। इस घटना के बाद पूरे सीमावर्ती क्षेत्र में दहशत और तनाव का माहौल व्याप्त है।

काम पर निकलते ही घात लगाकर बैठे हमलावरों ने घेरा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान राजाताल निवासी 30 वर्षीय सोनू सिंह पुत्र मेजर सिंह के रूप में हुई है। सोनू सिंह एक मेहनतकश युवक था जो रोजाना की तरह सोमवार सुबह करीब 10 बजे अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर मजदूरी के लिए घर से निकला था। जैसे ही वह गांव गल्लूवाल के समीप पहुंचा, वहां पहले से ही हथियारों से लैस होकर घात लगाकर बैठे हमलावरों ने उसे रोक लिया।

प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती संकेतों के मुताबिक, हमलावरों ने सोनू पर बेहद करीब से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। गोलियां सोनू के शरीर के नाजुक हिस्सों में लगीं, जिसके कारण उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
खून से लथपथ सोनू सड़क किनारे गिर पड़ा और हमलावर बड़ी आसानी से उसकी बाइक और कीमती मोबाइल लेकर रफूचक्कर हो गए।

लूट या रंजिश? पुलिस हर एंगल से कर रही जांच

वारदात की सूचना मिलते ही अमृतसर देहात पुलिस की टीमें भारी बल के साथ मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने घटनास्थल को सील कर दिया और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से साक्ष्य जुटाए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिस तरह से हमलावर सोनू की मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन साथ ले गए हैं, उससे यह मामला पहली नजर में ‘लूट’ का प्रतीत होता है। हालांकि, हमलावरों द्वारा जिस तरह से सोनू को निशाना बनाकर गोलियां मारी गई हैं, उससे ‘पुरानी रंजिश’ या ‘दुश्मनी’ की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

थाना लोपोके की पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अमृतसर के सिविल अस्पताल भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सोनू के परिजनों और गांव वालों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या सोनू का हाल ही में किसी से कोई विवाद हुआ था।

सरहदी इलाकों में सुरक्षा पर उठे सवाल

दिनदहाड़े हुई इस हत्या ने सरहदी गांव के निवासियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सीमा के इतने नजदीक होने के बावजूद अपराधियों में कानून का कोई खौफ नहीं रह गया है। राजाताल और आसपास के ग्रामीणों ने पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इलाके में गश्त बढ़ाई जाए और सोनू के हत्यारों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाए।

गांव वालों के अनुसार सोनू एक शांत स्वभाव का युवक था और उसकी इस तरह अचानक हुई मौत से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। लोगों में इस बात को लेकर भी गुस्सा है कि हमलावर वारदात के बाद इतनी आसानी से फरार होने में सफल रहे।

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सीसीटीवी और कॉल डंप खंगाल रही पुलिस

एसएसपी अमृतसर देहात के निर्देशों पर पुलिस की अलग-अलग टीमें हमलावरों की पहचान करने में जुट गई हैं। गांव गल्लूवाल और राजाताल की ओर जाने वाले सभी मुख्य मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जांची जा रही है। इसके साथ ही पुलिस सोनू के मोबाइल की कॉल डिटेल्स और इलाके के ‘कॉल डंप’ डेटा का भी विश्लेषण कर रही है ताकि संदिग्धों की लोकेशन का पता लगाया जा सके। पुलिस का दावा है कि उनके पास कुछ महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं और हमलावर जल्द ही पुलिस की गिरफ्त में होंगे।

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