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​Captain Smit Machhar: ‘हनुमान जी ने बचा लिया’, पीएम मोदी से फोन पर बात कर भावुक हुए कैप्टन स्मित मछार

On: October 2, 2026 9:04 AM
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​Captain Smit Machhar ने मिड-एयर इमरजेंसी के दौरान अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय देकर 174 यात्रियों की जान बचा ली। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में उपजे खौफनाक संकट को टालने के बाद Captain Smit Machhar की बहादुरी की चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद Captain Smit Machhar को फोन कर उनका हालचाल जाना, जिसके बाद कैप्टन भावुक हो गए।

​PM Modi Spoke To Captain Smit Machhar After High-Altitude Emergency

​दुबई से तेल अवीव की ओर बढ़ रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 आसमान में करीब 34,000 फीट की ऊंचाई पर सामान्य गति से आगे बढ़ रही थी। तभी कॉकपिट के भीतर अचानक अप्रत्याशित संकट खड़ा हो गया। सह-पायलट ने दुर्भावनापूर्ण इरादे से विमान का नियंत्रण बिगाड़ते हुए उसे नीचे गिराने की कोशिश की, जिससे चंद सेकंडों में हवाई जहाज हजारों फीट नीचे गोता लगाने लगा।

​खतरे की गंभीरता को भांपते ही मुख्य पायलट Captain Smit Machhar ने सह-पायलट को रोकने की कोशिश की, जिसके बाद कॉकपिट में ही दोनों के बीच भीषण संघर्ष शुरू हो गया। इस दौरान Captain Smit Machhar पर जानलेवा हमला हुआ और वे बुरी तरह जख्मी हो गए।

​Captain Smit Machhar Recalls Struggle and Faith in Hanuman Chalisa

​गंभीर चोटों और बहते खून के बावजूद Captain Smit Machhar ने अपना मानसिक संतुलन नहीं खोया। उन्होंने बेहद फुर्ती दिखाते हुए किसी तरह कॉकपिट का सुरक्षित लॉक खोल दिया। दरवाजा खुलते ही केबिन क्रू और यात्रियों ने तुरंत भीतर दाखिल होकर हमलावर सह-पायलट को दबोच लिया। इसके बाद विमान की सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।

​प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत के दौरान Captain Smit Machhar ने बताया:

​”जब भी मुझे कोई तकलीफ या दर्द महसूस होता है, मैं हनुमान चालीसा का पाठ करता हूं। उस संकट की घड़ी में भी मैं मन ही मन बस हनुमान चालीसा का पाठ करता रहा। हनुमान जी की कृपा से ही सबकी जान बच सकी।”

​How Captain Smit Machhar Kept His Courage Intact

​पीएम मोदी के सामने अपनी मुश्किल घड़ी का ज़िक्र करते हुए Captain Smit Machhar ने कहा कि वे पीएम मोदी को अपना सबसे बड़ा आदर्श मानते हैं। कैप्टन ने भावुक होकर कहा, “मुझे कई गंभीर चोटें आई थीं, लेकिन मैंने खुद से कहा कि मुझे हिम्मत नहीं हारनी है। अगर मैंने ढिलाई दिखाई तो 170 से अधिक मासूम लोगों की जान चली जाएगी। उसी हिम्मत के बल पर मैंने कॉकपिट का दरवाजा खोला।”

​PM Modi Praised Captain Smit Machhar For Exceptional Courage

​प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Captain Smit Machhar की जांबाजी की दिल खोलकर तारीफ की। पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने पूरी दुनिया के सामने यह साबित कर दिखाया कि भारतीय साहस और शांति का सही अर्थ क्या होता है। पीएम ने कहा कि यदि समय पर सही कदम न उठाया जाता, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था।

​पीएम मोदी ने Captain Smit Machhar को हर संभव मदद का भरोसा देते हुए कहा कि भारत सरकार हमेशा उनके साथ एक कॉल की दूरी पर खड़ी है। इससे पहले पीएम मोदी ने कैप्टन के परिवारजनों से भी बात कर उनका हौसला बढ़ाया था। वर्तमान में कैप्टन का इलाज जारी है और पूरा देश उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहा है।

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