Asian Games 2026 में भारतीय तीरंदाजी टीम ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। महिला रिकर्व टीम ने दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। अंकिता भाकट, कीर्ति और कुमकुम अनिल मोहोड की तिकड़ी ने यह ऐतिहासिक जीत दर्ज की। खास बात यह है कि भारत ने पहली बार एशियन गेम्स के महिला रिकर्व टीम इवेंट में गोल्ड जीता है। इससे पहले भारतीय टीम इस स्पर्धा के फाइनल तक भी नहीं पहुंची थी।
इस जीत ने Asian Games 2026 में भारत की तीरंदाजी मुहिम को एक नया मुकाम दिया है। फाइनल में भारतीय टीम का सामना उस दक्षिण कोरियाई टीम से था, जिसने 1998 से इस इवेंट में लगातार सात स्वर्ण पदक जीते थे। भारत ने दबाव के बीच शानदार प्रदर्शन किया और कोरिया का यह सिलसिला खत्म कर दिया।
चीन को हराकर पहली बार फाइनल में पहुंचा भारत
गोल्ड मेडल मुकाबले से पहले भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में चीन का सामना किया। यहां अंकिता, कीर्ति और कुमकुम ने बेहतरीन तालमेल दिखाया। भारतीय टीम ने चीन को 5-1 से हराकर फाइनल में जगह बनाई।
यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण थी क्योंकि भारतीय महिला रिकर्व टीम पहली बार एशियन गेम्स के फाइनल में पहुंची थी। इससे पहले इस स्पर्धा में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कांस्य पदक था। अब Asian Games 2026 में टीम ने सीधे स्वर्ण पदक जीतकर नया रिकॉर्ड बना दिया।
पहले दो सेट में बराबरी की टक्कर
दक्षिण कोरिया के खिलाफ फाइनल की शुरुआत बेहद करीबी रही। दोनों टीमों ने शुरुआती सेट में एक-दूसरे को बराबर चुनौती दी। पहले दो सेट के बाद मुकाबला 2-2 के सेट स्कोर पर था।
भारतीय टीम पर दबाव साफ दिखाई दे रहा था, लेकिन तीरंदाजों ने अपना संयम बनाए रखा। रिकर्व टीम मुकाबले में हर सेट में तीनों तीरंदाज दो-दो तीर चलाते हैं। सेट जीतने वाली टीम को दो अंक मिलते हैं। बराबरी होने पर दोनों टीमों को एक-एक अंक मिलता है। मुकाबला पांच सेट प्वाइंट हासिल करने वाली टीम जीतती है।
तीसरे सेट में भारत ने बदली मैच की दिशा
फाइनल का तीसरा सेट भारत के लिए निर्णायक साबित हुआ। दक्षिण कोरिया की टीम इस सेट में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकी। भारतीय तीरंदाजों ने मौके का फायदा उठाया और 55-51 से सेट अपने नाम कर लिया।
इस जीत के साथ भारत ने 4-2 की बढ़त बना ली। अब टीम को स्वर्ण पदक हासिल करने के लिए केवल एक और सेट प्वाइंट की जरूरत थी।
यहीं से मुकाबला और रोमांचक हो गया। दक्षिण कोरिया के पास वापसी का मौका था। भारतीय टीम को अंतिम सेट में दबाव संभालना था। Asian Games 2026 के इस फाइनल में दोनों टीमों के बीच हर तीर पर नजरें टिकी थीं।
आखिरी सेट में बदला स्कोर, भारत ने जीता गोल्ड
चौथे सेट में दोनों टीमों ने 54-54 अंक बनाए। इसके बाद भारतीय टीम की जीत सुनिश्चित हो गई और अंतिम सेट प्वाइंट भारत के खाते में चला गया। मुकाबला 5-3 से भारत के पक्ष में रहा।
चौथे सेट में एक तीर को लेकर अधिकारियों ने दोबारा जांच की। कीर्ति के शुरुआती तीर को पहले 8 अंक दिया गया था। समीक्षा के बाद इसे 9 अंक माना गया। इससे भारत का स्कोर बराबर हुआ और टीम को जरूरी सेट प्वाइंट मिल गया। कुमकुम ने भी अंतिम तीर पर 10 अंक हासिल कर भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई।
1998 के बाद पहली बार कोरिया की बादशाहत टूटी
दक्षिण कोरिया महिला रिकर्व टीम इवेंट में लंबे समय से दबदबा बनाए हुए था। 1998 से लेकर 2022 तक उसने लगातार सात एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था। इस दौरान कई मजबूत टीमें कोरिया की चुनौती को पार नहीं कर सकीं।
Asian Games 2026 में भारत ने इस लंबे सिलसिले को रोक दिया। भारतीय टीम ने सिर्फ स्वर्ण पदक नहीं जीता, बल्कि एशियन गेम्स में महिला रिकर्व टीम स्पर्धा में अपनी पहली खिताबी जीत दर्ज की। दक्षिण कोरिया को इस मुकाबले में रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
अंकिता, कीर्ति और कुमकुम की ऐतिहासिक तिकड़ी
भारत की इस जीत में तीनों तीरंदाजों की भूमिका अहम रही। अंकिता भाकट अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल हैं। कीर्ति ने भी निर्णायक मुकाबले में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वहीं 17 वर्षीय कुमकुम मोहोड ने दबाव के बीच शानदार प्रदर्शन किया।
फाइनल में भारतीय टीम को हवा की चुनौती का भी सामना करना पड़ा। इसके बावजूद खिलाड़ियों ने निशाने पर नियंत्रण बनाए रखा। Asian Games 2026 में यह प्रदर्शन भारतीय महिला तीरंदाजी के लिए एक बड़ी उपलब्धि बन गया है।
2028 ओलंपिक से पहले बढ़ा आत्मविश्वास
इस ऐतिहासिक जीत के बाद भारतीय रिकर्व टीम की नजरें अब आने वाली बड़ी प्रतियोगिताओं पर होंगी। Asian Games 2026 का यह स्वर्ण पदक खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण अनुभव है।
भारत ने इससे पहले रिकर्व में एशियन गेम्स के स्तर पर रजत पदक जीते थे। लेकिन महिला टीम का स्वर्ण पदक अब पहली बार आया है। दक्षिण कोरिया जैसी मजबूत टीम को हराकर मिली इस जीत ने भारतीय तीरंदाजी के प्रदर्शन को भी चर्चा में ला दिया है।
आइची-नागोया में मिली यह सफलता भारतीय खेल इतिहास में दर्ज हो गई है। अंकिता भाकट, कीर्ति और कुमकुम मोहोड की टीम ने जिस तरह दबाव में प्रदर्शन किया, वह Asian Games 2026 की सबसे खास खेल उपलब्धियों में शामिल हो गया है।











