देहरादून:
उत्तराखंड में मानसून पूरी तरह से मेहरबान और कुछ इलाकों में आफत का सबब बना हुआ है। पिछले 24 घंटों में राज्य के लगभग सभी हिस्सों में हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को खासा प्रभावित किया है। मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों से लेकर ऊंचाई वाले पहाड़ी जिलों तक झमाझम बारिश दर्ज की गई।
राज्य में सबसे अधिक वर्षा धर्मनगरी हरिद्वार में दर्ज की गई, जहाँ 65.8 मिलीमीटर (मिमी) पानी बरसा। वहीं, राजधानी देहरादून समेत कई अन्य पहाड़ी जिलों में भी औसतन सामान्य से काफी ज्यादा बारिश देखने को मिली है।
लगातार हो रही इस बारिश के कारण नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे मैदानी इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। वहीं पहाड़ी मार्गों पर भूस्खलन की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय निवासियों को विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत दी है।
हरिद्वार में रिकॉर्ड तोड़ बारिश, सामान्य से 254 प्रतिशत अधिक बरसे बादल
मौसम विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में हरिद्वार जिला बारिश के मामले में पूरे प्रदेश में सबसे आगे रहा। हरिद्वार में रिकॉर्ड 65.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। अगर सामान्य बारिश के आंकड़ों से इसकी तुलना करें तो इस समय यहाँ औसतन 18.6 मिमी बारिश होती है। इस लिहाज से हरिद्वार में सामान्य की तुलना में 254 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। हरिद्वार के निचले इलाकों में झमाझम बारिश के कारण भारी जलभराव हो गया, जिससे स्थानीय निवासियों और तीर्थयात्रियों की आवाजाही पर बुरा असर पड़ा।
राजधानी देहरादून में सामान्य से दोगुना बारिश, सड़कें बनीं तालाब
राजधानी देहरादून में भी बादलों का जमावड़ा लगातार बना हुआ है। बीते 24 घंटों के दौरान दून घाटी में 41.9 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि इस अवधि में यहाँ सामान्य वर्षा का औसत 20.4 मिमी माना जाता है। इस तरह देहरादून में सामान्य से 106 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है।
देहरादून में हुई इस तेज बारिश के कारण शहर के मुख्य चौराहों, बाज़ारों और निचली बस्तियों में पानी भर गया, जिससे घंटों तक यातायात बाधित रहा। दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और स्कूली बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
पहाड़ी जिलों में मानसून का प्रचंड रूप, बागेश्वर और चमोली में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
गढ़वाल और कुमाऊं के पहाड़ी जिलों में भी मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। बारिश के प्रतिशत के हिसाब से सबसे चौंकाने वाले आंकड़े चमोली और बागेश्वर जिलों से सामने आए हैं, जहाँ बारिश सामान्य की तुलना में कई गुना अधिक दर्ज की गई है।
चमोली जिले में बीते 24 घंटों में 37.1 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य की तुलना में 480 प्रतिशत अधिक है। इसी तरह बागेश्वर में 37.2 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 432 प्रतिशत ज्यादा रही। रुद्रप्रयाग जिले में भी 42.8 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य वर्षा से 114 प्रतिशत अधिक है।
इसके अलावा टिहरी में 32.3 मिमी, नैनीताल में 31.8 मिमी, उत्तरकाशी में 25.7 मिमी तथा पौड़ी में 25 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इन सभी जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से अधिक रहा। वहीं अल्मोड़ा में 7.9 मिमी तथा सीमांत जिले पिथौरागढ़ में 16.3 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जहाँ स्थिति लगभग सामान्य के आसपास ही बनी रही।
चंपावत और ऊधम सिंह नगर में बारिश की कमी
जहाँ एक ओर उत्तराखंड के ज्यादातर जिले बारिश से सराबोर नजर आ रहे हैं, वहीं राज्य के दो जिले ऐसे भी रहे जहाँ सामान्य से भी कम बारिश रिकॉर्ड की गई।
चंपावत जिले में मात्र 2.4 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य की तुलना में 84 प्रतिशत कम है। वहीं मैदानी जिले ऊधम सिंह नगर में 11.1 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य से 15 प्रतिशत कम रही। हालाँकि, इन दो जिलों को छोड़कर पूरे राज्य का औसत निकाला जाए तो कुल मिलाकर औसतन बारिश सामान्य से 111 प्रतिशत अधिक दर्ज हुई है, जो मानसून की जबरदस्त सक्रियता को दर्शाती है।
अगस्त के शुरुआती छह दिनों का रिपोर्ट कार्ड
अगस्त महीने की शुरुआत से ही मानसून ने प्रदेश में अपनी मजबूत पकड़ बना रखी है। 1 अगस्त से 6 अगस्त तक के आंकड़ों का विश्लेषण करें तो इस अवधि में राज्य में औसतन 91.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि सामान्य तौर पर यह आंकड़ा 83.2 मिमी होना चाहिए था। यानी पूरे राज्य में अगस्त के पहले हफ्ते में सामान्य से 10 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है।
इस शुरुआती हफ्ते में देहरादून में 152.5 मिमी, बागेश्वर में 144.3 मिमी और रुद्रप्रयाग में 150.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके विपरीत चंपावत, पौड़ी और ऊधम सिंह नगर में इस दौरान भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से कम ही रिकॉर्ड हुआ।
मौसम विभाग की चेतावनी: अगले कुछ दिन सतर्क रहने की जरूरत
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तराखंड में अगले कुछ दिनों तक बारिश का यह दौर थमने वाला नहीं है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम और कुछ संवेदनशील स्थानों पर भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई गई है।
प्रशासन ने पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की है कि वे भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में यात्रा करने से बचें और मौसम का अपडेट लेने के बाद ही अपनी यात्रा शुरू करें। साथ ही नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधान रहने की हिदायत दी गई है।






