टनकपुर: करीब छह साल के लंबे इंतजार के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा एक बार फिर से शुरू होने जा रही है। इस बार यात्रा की शुरुआत एक नए रूट से होगी। पहली बार यह ऐतिहासिक यात्रा चंपावत जिले के टनकपुर से शुरू की जा रही है। शुक्रवार शाम तक देशभर के विभिन्न राज्यों से आने वाले लगभग 50 श्रद्धालुओं का दल चंपावत जिले के टनकपुर स्थित ट्रांजिट रिसेप्शन सेंटर (टीआरसी) पहुंच जाएगा। कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) ने यात्रा को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
टनकपुर से शुरू होकर यह यात्रा चंपावत, पिथौरागढ़, धारचूला और गुंजी तक पहुंचेगी, जहां से तीर्थ यात्री तिब्बत में प्रवेश कर मानसरोवर की ओर बढ़ेंगे। इससे पहले यह यात्रा हल्द्वानी के काठगोदाम से शुरू होती थी और अल्मोड़ा होते हुए पिथौरागढ़, धारचूला, गुंजी के रास्ते तिब्बत में प्रवेश करती थी। इस बार नया मार्ग चुना गया है, जिससे यात्रा में नया उत्साह देखने को मिल रहा है।
केएमवीएन के अधिकारियों के मुताबिक, कैलाश मानसरोवर यात्रा का पहला दल शुक्रवार शाम तक टनकपुर के शारदा पर्यटक आवास गृह में पहुंचेगा, जहां उत्तराखंडी परंपराओं के अनुसार यात्रियों का पारंपरिक स्वागत किया जाएगा। यात्रियों को उत्तराखंड के स्थानीय व्यंजन भी परोसे जाएंगे, जिसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
केएमवीएन टनकपुर गेस्ट हाउस के मैनेजर मनोज कुमार ने बताया कि पहली बार यह यात्रा टनकपुर से होकर गुंजी तक जाएगी। इस दल में 50 श्रद्धालुओं के साथ दो लाइजनिंग ऑफिसर और एक अनुभवी गाइड भी शामिल रहेंगे। यात्रा का पहला दल शनिवार सुबह कुमाऊं मंडल विकास निगम के अतिथि गृह से आगे रवाना किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के इस यात्रा दल को रवाना करने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की आधिकारिक पुष्टि जल्द की जा सकती है। यात्रा के दोबारा शुरू होने से उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन को नया प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।






