नैनीताल। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ अपने तीन दिवसीय उत्तराखंड दौरे के तहत बुधवार को नैनीताल पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कुमाऊं विश्वविद्यालय की स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने पर आयोजित स्वर्ण जयंती समारोह में भाग लिया। समारोह का आयोजन विवि के हरमिटेज भवन परिसर में किया गया, जहां उपराष्ट्रपति दोपहर करीब 12:45 बजे पहुंचे।
इस विशेष मौके पर उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह, उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, कुमाऊं विवि के कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत समेत कई विशिष्ट अतिथि और शिक्षाविद उपस्थित रहे।
हर दिशा से जुड़ रहा "उत्तराखण्ड"
उपराष्ट्रपति बरेली से हल्द्वानी स्थित आर्मी हेलीपैड पहुंचे, जहां राज्यपाल गुरमीत सिंह ने उनका औपचारिक स्वागत किया। इसके बाद वे सड़क मार्ग से नैनीताल के लिए रवाना हुए। उपराष्ट्रपति के स्वागत के लिए कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या (मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि), सांसद अजय भट्ट, हल्द्वानी महापौर गजराज बिष्ट, वन एवं पर्यावरण सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष दीपक महरा, कुमाऊं मंडल आयुक्त दीपक रावत, आईजी रिद्धिम अग्रवाल, डीएम वंदना, एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा और सेना के स्टेशन कमांडर कर्नल जतिन ढिल्लन मौजूद रहे।
स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ
उनके आगमन को देखते हुए प्रशासन ने नैनीताल में सुरक्षा के व्यापक बंदोबस्त किए। कालाढूंगी रोड और भवाली रोड पर ट्रैफिक अस्थायी रूप से रोका गया, ताकि उपराष्ट्रपति का काफिला सुरक्षित तरीके से गुजर सके। सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाने के लिए 11 कार्यकारी मजिस्ट्रेटों सहित 19 प्रशासनिक अधिकारियों को ड्यूटी पर लगाया गया।
समारोह में उपराष्ट्रपति ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की सराहना की और युवाओं से शोध व नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया।








