Kedarnath Ropeway Project: 5 Major Updates Bring Hope
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Kedarnath Ropeway Project: वन मंजूरी में देरी से अटका काम, मुख्य सचिव ने हर टावर के लिए तय की डेडलाइन

On: October 9, 2026 5:08 PM
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Kedarnath Ropeway Project update on forest clearances, tower construction deadlines and improved facilities at Gaurikund and Sonprayag.

Kedarnath Ropeway Project: केदारनाथ धाम तक श्रद्धालुओं की यात्रा को सुगम बनाने वाली रोपवे परियोजना को समय पर आगे बढ़ाने के लिए उत्तराखंड शासन ने प्रयास तेज कर दिए हैं। परियोजना के सामने इस समय वन भूमि से जुड़ी स्वीकृतियां बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। इस अड़चन को दूर करने और निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रत्येक रोपवे टावर के निर्माण की समयसीमा निर्धारित करने और जिन स्थानों पर वन मंजूरी की आवश्यकता नहीं है, वहां तत्काल काम शुरू करने को कहा है।

वन स्वीकृति की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश

शुक्रवार को सचिवालय में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में उत्तराखंड रोपवे डेवलपमेंट लिमिटेड के निदेशक मंडल की बैठक आयोजित हुई। इसमें केदारनाथ रोपवे परियोजना की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक के दौरान वन भूमि से संबंधित लंबित मामलों पर विशेष ध्यान दिया गया और अधिकारियों को जरूरी औपचारिकताएं जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए।

हर दिशा से जुड़ रहा "उत्तराखण्ड"

मुख्य सचिव ने वन स्वीकृति से जुड़े प्रस्तावों को बिना अनावश्यक देरी के संबंधित पोर्टल पर अपलोड करने को कहा। इसके अलावा प्रतिपूरक वनीकरण (Compensatory Afforestation) के लिए चिह्नित भूमि का दोबारा सत्यापन कराने के निर्देश भी दिए गए। इस प्रक्रिया को समानांतर रूप से पूरा करने पर जोर दिया गया, ताकि स्वीकृतियों के कारण परियोजना के अन्य कार्य प्रभावित न हों।

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हर टावर के निर्माण का बनेगा कैलेंडर

परियोजना में काम की गति बनाए रखने के लिए अब विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इसमें निर्धारित अलाइनमेंट के अनुसार सभी गतिविधियों का विवरण शामिल होगा। खास बात यह है कि प्रत्येक रोपवे टावर के निर्माण की शुरुआत और उसे पूरा करने की संभावित तारीख तय की जाएगी।

इस कैलेंडर के जरिए निर्माण की प्रगति पर नजर रखना आसान होगा और देरी होने की स्थिति में संबंधित स्तर पर कार्रवाई की जा सकेगी। मुख्य सचिव ने राजस्व भूमि पर प्रस्तावित टावरों की नींव का काम तुरंत शुरू करने को कहा है, क्योंकि इन स्थानों पर वन स्वीकृति की जरूरत नहीं है। इसके साथ ही निर्माण में बाधा बन रही यूटिलिटी सेवाओं को स्थानांतरित करने के कार्यों में भी तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।

गौरीकुंड और सोनप्रयाग में भी विकसित होंगी सुविधाएं

रोपवे परियोजना के साथ गौरीकुंड और सोनप्रयाग क्षेत्र में यात्रियों के लिए बुनियादी सुविधाएं बढ़ाने की योजना भी बनाई जा रही है। इसके तहत पार्किंग, जनसुविधाओं और ठहरने की व्यवस्था के लिए उपयुक्त भूमि की पहचान कर विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

चारधाम यात्रा के व्यस्त समय में श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक मार्ग और जरूरी व्यवस्थाएं पहले से तैयार करने पर भी जोर दिया गया है।

Kedarnath Ropeway Project जिलाधिकारी और वन अधिकारी भी करेंगे समन्वय

भूमि और वन स्वीकृतियों से जुड़े मामलों का तेजी से निपटारा करने के लिए संबंधित जिलाधिकारियों और प्रभागीय वनाधिकारियों को बैठकों में विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा। इससे लंबित मुद्दों पर संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाने और समयबद्ध निर्णय लेने में मदद मिलने की उम्मीद है।

केदारनाथ रोपवे परियोजना के लिए अब शासन का जोर दो मोर्चों पर है—वन स्वीकृतियों की प्रक्रिया को गति देना और उपलब्ध भूमि पर निर्माण शुरू करना। आने वाले समय में तय कार्ययोजना और टावरवार समयसीमा परियोजना की प्रगति के लिहाज से अहम साबित हो सकती है।

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