कोच्चि के बाद अब देशभर के 18 शहरों में चलेगी ‘वाटर मेट्रो’, पहले चरण में अयोध्या, वाराणसी और प्रयागराज समेत 5 शहरों को तोहफा

नदियों में चलती हुई आधुनिक वाटर मेट्रो बोट और किनारे पर बने हाई-टेक बोट टर्मिनल का ग्राफिक इन्फोग्राफिक, वाटर मेट्रो इंडिया प्रोजेक्ट

कोच्चि की बड़ी सफलता के बाद अब केंद्र सरकार देश के 18 शहरों में ‘वाटर मेट्रो ट्रांसपोर्ट सिस्टम’ शुरू करने की तैयारी में है। पहले चरण में अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज, श्रीनगर और पटना समेत 5 शहरों में इस पर्यावरण अनुकूल और किफायती सेवा की शुरुआत की जाएगी।

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे: CM धामी ने 2.5 घंटे में तय किया सफर, बोले- ‘यह है नए भारत की रफ्तार’

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर कार में सफर करते हुए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के जरिए मात्र *2.5 घंटे* में अपना सफर पूरा कर एक नया कीर्तिमान साझा किया। उन्होंने इसे ‘नए भारत की नई रफ्तार’ बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन की सराहना की। यह एक्सप्रेसवे न केवल समय बचाएगा, बल्कि उत्तराखंड में पर्यटन और रोजगार के नए द्वार भी खोलेगा।

धामी सरकार की बड़ी जीत: ऋषिकेश को जाम से मिलेगी मुक्ति, 1105 करोड़ के 4-लेन बाईपास को केंद्र की हरी झंडी

ऋषिकेश बाईपास 4-लेन निर्माण परियोजना, सीएम धामी, उत्तराखंड कनेक्टिविटी।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों से ऋषिकेश को जाम से मुक्ति मिलने वाली है। केंद्र सरकार ने ऋषिकेश बाईपास के 4-लेन निर्माण के लिए ₹1105.79 करोड़ की तकनीकी, प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। NH-7 पर 12.67 किमी लंबा यह बाईपास EPC मोड पर 3 वर्षों में बनकर तैयार होगा, जिससे चारधाम यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। पूरी खबर पढ़ें।

देहरादून: छात्रों के दो गुटों में खूनी संघर्ष, मुजफ्फरनगर के छात्र की मौत; पुरानी रंजिश में सरेराह कत्ल

देहरादून प्रेमनगर छात्र हत्या मामला पुलिस जांच और अस्पताल का दृश्य।

देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में छात्रों के दो गुटों के बीच पुरानी रंजिश को लेकर हुई मारपीट में मुजफ्फरनगर के 22 वर्षीय छात्र दिव्यांशु जाटराना की मौत हो गई। केहरी गांव में हुई इस हिंसक वारदात के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन छात्रों को हिरासत में लिया है। निजी संस्थान के छात्रों के बीच हुए इस खूनी संघर्ष ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था और शिक्षण संस्थानों के माहौल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।