देहरादून (उत्तराखंड)।
उत्तराखंड के रायवाला थाना क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। हरिद्वार-ऋषिकेश मार्ग पर कांवड़ यात्रियों को वाहन से टक्कर मारने के बाद, साक्ष्य मिटाने की नीयत से एक मृतक कांवड़िए का शव गंगनहर में फेंक दिया गया। कोतवाली रायवाला पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस जघन्य अपराध में शामिल दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
इसके साथ ही वारदात में इस्तेमाल किए गए मैक्स वाहन को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। हालांकि, मृतक कांवड़िए के शव को बरामद करने के लिए जल पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) का सर्च अभियान गंगनहर में लगातार जारी है।
26 जुलाई की सुबह की घटना: सीसीटीवी ने खोला राज
मामले का खुलासा करते हुए प्रभारी निरीक्षक कमल कुमार लुंठी ने बताया कि घटना गत 26 जुलाई की सुबह करीब 5:30 बजे की है। रायवाला स्थित वन डिपो के समीप एक अज्ञात पिकअप (मैक्स) वाहन ने सड़क किनारे चल रहे दो कांवड़ यात्रियों को जोरदार टक्कर मार दी थी।
हादसे के तुरंत बाद एक घायल कांवड़िए—जिसकी पहचान राजस्थान निवासी सत्यनारायण के रूप में हुई—को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। वहीं, दूसरे घायल कांवड़िए का मौके पर कोई अतापता नहीं चला, जिससे मामला संदिग्ध हो गया।
गुमशुदगी की रिपोर्ट से खुली पहली कड़ी
घटना की परतें तब खुलनी शुरू हुईं जब 29 जुलाई को हरियाणा के झज्जर जिले के निवासी दीपक राठी ने रायवाला थाने पहुंचकर अपने 54 वर्षीय पिता प्रदीप राठी की गुमशुदगी दर्ज कराई। परिजनों ने पुलिस को बताया कि प्रदीप राठी कांवड़ लेने के लिए ऋषिकेश आए थे और 26 जुलाई की सुबह से उनका मोबाइल फोन बंद आ रहा था।
पुलिस ने जब क्षेत्र के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले, तो 26 जुलाई की सुबह करीब 5:30 बजे के फुटेज में परिजनों ने अंतिम बार दिखे दूसरे घायल व्यक्ति की पहचान प्रदीप राठी के रूप में की। इसके बाद पुलिस ने फुटेज में दिख रहे संदिग्ध मैक्स वाहन के नंबर का पता लगाकर उसके चालक को हिरासत में ले लिया।
किलोमीटर तक घसीटा, अस्पताल ले जाने के बहाने बनाया शव ठिकाने लगाने का प्लान
पुलिस हिरासत में सख्त पूछताछ के दौरान आरोपी चालक रविंद्र नेगी ने पूरे घटनाक्रम का चौंकाने वाला खुलासा किया। चालक ने स्वीकार किया कि 26 जुलाई की सुबह वाहन चलाते समय उसे अचानक झपकी (नींद का झोंका) आ गई थी, जिसके कारण वाहन अनियंत्रित होकर कांवड़ियों पर चढ़ गया।
टक्कर लगने के बाद:
• एक कांवड़िया (सत्यनारायण) सड़क पर गिर गया।
• जबकि दूसरे कांवड़िए (प्रदीप राठी) का कपड़ा या शरीर वाहन के निचले हिस्से में फंस गया और वह वाहन के साथ किलोमीटर तक घसीटता चला गया।
जब चालक को वाहन के नीचे कुछ फंसे होने का अहसास हुआ, तो उसने गाड़़ी रोककर प्रदीप राठी को बाहर निकाला। शुरुआती घबराहट में उसने घायल प्रदीप को अपनी गाड़ी में डाला और हरिद्वार की तरफ अस्पताल ले जाने के लिए रवाना हुआ। हालांकि, रास्ते में ही उसे अहसास हुआ कि प्रदीप राठी की सांसें थम चुकी हैं।
कानूनी कार्रवाई और भीड़ के गुस्से के डर से चालक ने इलाज कराने के बजाय शव को ठिकाने लगाने की खौफनाक साजिश रच डाली।
मौसेरे भाई को बुलाकर तिरपाल में लपेटा शव, गंगनहर में बहाया
शव को ठिकाने लगाने के लिए आरोपी चालक रविंद्र नेगी ने तुरंत अपने मौसेरे भाई सौरभ सिंह पंवार को फोन करके बुलाया। इसके बाद दोनों ने मिलकर बर्बरता की हदें पार करते हुए मृतक प्रदीप राठी के शव को एक प्लास्टिक की तिरपाल (Tarpaulin) में मजबूती से लपेटा।
दोनों आरोपी वाहन को रुड़की की तरफ ले गए और आसफनगर झाल से आगे सुनसान जगह पाकर शव को गंगनहर के तेज बहाव में फेंक दिया। शव फेंकने के बाद दोनों आरोपी फरार हो गए और सामान्य जीवन जीने का नाटक करने लगे।
पुलिस की गिरफ्त में दोनों आरोपी
साक्ष्यों और इकबालिया बयान के आधार पर रायवाला पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण:
1. रविंद्र सिंह नेगी (चालक): मूल निवासी ग्राम सरोवर मेहल चौरी, थाना गैरसैंण (जनपद चमोली)। हाल निवासी: भारत कॉलोनी, अशोक नगर, कैंट एरिया, थाना सिविल लाइंस, रुड़की।
2. सौरभ सिंह पंवार (सह-आरोपी): मूल निवासी ग्राम बिजराकोट, चोपता (जनपद रुद्रप्रयाग)। हाल निवासी: भारत कॉलोनी, अशोक नगर, सिविल लाइंस, रुड़की।
गंगनहर में जारी है वृहद खोज अभियान
प्रभारी निरीक्षक कमल कुमार लुंठी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ हत्या, साक्ष्य छिपाने और दुर्घटना से संबंधित संगीन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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दूसरी ओर, मृतक प्रदीप राठी का शव बरामद करने के लिए रुड़की से लेकर नीचे के क्षेत्रों तक गंगनहर में व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। स्थानीय गोताखोरों, जल पुलिस और आपदा राहत टीमों को तैनात किया गया है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही शव को बरामद कर परिजनों को सौंपा जाएगा और आरोपियों को अदालत में सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए मजबूत पैरवी की जाएगी।