अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

पिथौरागढ़ हाईवे पर दर्दनाक हादसा: गुरना के पास गहरी खाई में गिरा टिप्पर, चालक की मौके पर ही मौत

On: March 6, 2026 6:24 AM
Follow Us:
पिथौरागढ़ के गुरना में खाई में गिरे टिप्पर का रेस्क्यू ऑपरेशन करती पुलिस और SDRF की टीम।

पिथौरागढ़-घाट मोटर मार्ग पर गुरना के समीप हुआ दर्दनाक सड़क हादसा उत्तराखंड के पहाड़ी रास्तों पर सुरक्षा की गंभीर स्थिति को एक बार फिर उजागर करता है। शुक्रवार को हुई इस हृदयविदारक घटना में एक टिप्पर अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा, जिससे उसमें सवार 48 वर्षीय चालक केशव सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। यह दुर्घटना उस समय हुई जब टिप्पर घाट से पिथौरागढ़ की ओर आ रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गुरना के पास पहुँचते ही चालक ने अचानक वाहन पर से अपना नियंत्रण खो दिया, जिसके परिणामस्वरूप भारी-भरकम टिप्पर सड़क से फिसलकर कई सौ फीट नीचे खाई में समा गया। खाई की गहराई और गिरने का वेग इतना अधिक था कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और चालक को जान बचाने का कोई अवसर नहीं मिल सका।
हादसे की भयावहता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस प्रशासन को सूचित किया। सूचना मिलते ही ऐचोली चौकी प्रभारी उप निरीक्षक कमलेश जोशी के नेतृत्व में पुलिस बल और एसडीआरएफ (SDRF) की टीम बिना समय गवाए घटना स्थल पर पहुँची। रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण था क्योंकि पहाड़ी ढलान बहुत सीधी थी और मलबा काफी गहराई में गिरा था। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद, एसडीआरएफ और पुलिस के जवानों ने साहस का परिचय देते हुए रस्सियों के सहारे खाई में उतरकर राहत कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत और घंटों चले अभियान के बाद बचाव दल वाहन के मलबे तक पहुँचने में सफल रहा, जहाँ से चालक केशव सिंह का शव बरामद किया गया। जवानों ने स्ट्रेचर और रस्सियों की मदद से शव को बड़ी सावधानी से वापस मुख्य सड़क तक पहुँचाया।
पुलिस की आधिकारिक जांच में मृतक की पहचान केशव सिंह के रूप में हुई है, जो हादसे के वक्त वाहन को खुद चला रहे थे और उस समय टिप्पर में उनके अलावा कोई और मौजूद नहीं था। पुलिस ने कानूनन शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा भरने की औपचारिकताएं पूरी कीं और इसके बाद पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। इस अचानक हुई मृत्यु से केशव सिंह के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त है।
इस दुर्घटना ने पिथौरागढ़-घाट हाईवे पर सुरक्षा मानकों को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। स्थानीय निवासियों और नियमित यात्रियों का आरोप है कि गुरना के पास का यह हिस्सा काफी संवेदनशील है, जहाँ पहले भी कई छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं। लोगों का कहना है कि सड़कों का संकरा होना और खतरनाक मोड़ों पर क्रैश बैरियर या सुरक्षा दीवारों का अभाव ऐसे हादसों की मुख्य वजह बनता है। विशेषकर भारी वाहनों के लिए इन तीखे ढलानों और मोड़ों पर संतुलन बनाए रखना एक कठिन चुनौती होती है। क्षेत्रीय जनता ने प्रशासन से माँग की है कि इस ब्लैक स्पॉट को चिन्हित कर यहाँ तत्काल सुरक्षा उपाय किए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी कीमती जानों को बचाया जा सके।
घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने सभी वाहन चालकों के लिए चेतावनी और अपील जारी की है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पर्वतीय क्षेत्रों में वाहन चलाते समय गति सीमा का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य है। विशेष रूप से मोड़ों पर सावधानी बरतने और ओवरटेकिंग से बचने की सलाह दी गई है। प्रशासन का कहना है कि पहाड़ों पर अक्सर खराब मौसम, कोहरा या धुंध की स्थिति बनी रहती है, जिससे दृश्यता कम हो जाती है और सड़क की पकड़ भी कमजोर पड़ती है, ऐसे में जरा सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। फिलहाल पुलिस इस बात की गहनता से पड़ताल कर रही है कि यह हादसा किसी तकनीकी खराबी जैसे ब्रेक फेल होने की वजह से हुआ या फिर इसके पीछे चालक की कोई मानवीय चूक थी।

यह भी पढ़ें- अनिल अंबानी की रिलायंस पावर पर ED का बड़ा एक्शन: मुंबई में एक साथ 12 ठिकानों पर छापेमारी, वित्तीय अनियमितताओं का आरोप

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

​₹743 करोड़ से चमकेगा भानियावाला-ऋषिकेश हाईवे: बनेगा फोर-सिक्सलेन, हाथियों के सुरक्षित सफर के लिए बनेंगे 5 अंडरपास

High-level committee begins Badrinath Temple Donation Investigation into alleged donation and offering management irregularities at Badrinath Dham.

Badrinath Temple Donation Investigation: बदरीनाथ धाम में दान-चढ़ावे पर उठे सवाल, धामी सरकार ने बनाई हाई लेवल जांच समिति

पिथौरागढ़ में कुदरत का कहर: तवाघाट हाईवे बंद होने से चीन सीमा से संपर्क टूटा, दर्जनों ग्रामीण सड़कें बदहाल

​उत्तराखंड में विकास की महा-परियोजनाओं को हरी झंडी: सीएम धामी ने 495 करोड़ रुपये की सौगातों से खोली विकास की राह

उत्तराखंड त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव: प्रदेश की 7466 ग्राम पंचायतों में 15 जुलाई को चुने जाएंगे उपप्रधान, राज्य निर्वाचन आयोग ने जारी की अधिसूचना

Affected villagers protest over compensation in the Rishikesh Karnaprayag Rail Project in Uttarakhand.

Rishikesh Karnaprayag Rail Project: मुआवजे की मांग को लेकर तीन गांवों के ग्रामीणों का आंदोलन तेज, न्यायालय के आदेश के पालन की मांग

Leave a Comment