बदरी-केदार यात्रा को लेकर देश और दुनिया भर के श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। मानसूनी बारिश और भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद उत्तराखंड की पवित्र चारधाम यात्रा निरंतर सुचारू रूप से चल रही है। मानसून का असर कम होते ही अब बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने यात्रा के दूसरे चरण को लेकर अपनी कमर कस ली है। आगामी 15 सितंबर से बदरी-केदार यात्रा का दूसरा चरण औपचारिक रूप से गति पकड़ने जा रहा है, जिसके लिए मंदिर परिसर से लेकर पैदल मार्गों तक व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद किया जा रहा है।
31 अगस्त 2026 तक के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दोनों धामों में दर्शन करने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या 31.51 लाख के पार पहुंच चुकी है। वहीं, यात्रा के लिए अब तक 39.27 लाख से अधिक श्रद्धालु अपना ऑनलाइन व ऑफलाइन पंजीकरण करवा चुके हैं। बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सितंबर के दूसरे सप्ताह तक सभी आवश्यक सुविधाओं को अंतिम रूप दिया जाए ताकि श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित दर्शन का अनुभव मिल सके।
बदरी-केदार यात्रा के आंकड़े: 31 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में स्थित श्री बदरीनाथ धाम और श्री केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की आवक लगातार बनी हुई है। राज्य प्रशासन और मंदिर समिति द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 31 अगस्त तक रिकॉर्ड संख्या में भक्तों ने दोनों धामों में शीश नवाया है।
| धाम का नाम | दर्शन कर चुके श्रद्धालुओं की संख्या | कुल पंजीकृत श्रद्धालुओं की संख्या |
|---|---|---|
| श्री बदरीनाथ धाम | 16,78,008 | 18,82,199 |
| श्री केदारनाथ धाम | 14,73,325 | 20,45,644 |
| कुल योग | 31,51,333 | 39,27,843 |
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि इस वर्ष बदरी-केदार यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में अभूतपूर्व श्रद्धा और उत्साह देखने को मिल रहा है। पंजीकरण का आंकड़ा जल्द ही 40 लाख की सीमा को पार करने वाला है।
15 सितंबर से बदरी-केदार यात्रा का दूसरा चरण: BKTC की प्रशासनिक समीक्षा
बरसात के मौसम के बाद शरद ऋतु की शुरुआत के साथ बदरी-केदार यात्रा का दूसरा चरण हमेशा से ही अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। सितंबर के मध्य से लेकर कपाट बंद होने (नवंबर) तक मौसम सुहावना हो जाता है, जिससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भारी उछाल आता है।
बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि सड़क यातायात वर्तमान में सुचारू है और यात्रा मार्ग पूरी तरह से सुरक्षित हैं। श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए मंदिर समिति ने निम्नलिखित व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की है:
- सुगम दर्शन व्यवस्था: श्रद्धालुओं की लंबी कतारों को व्यवस्थित करने के लिए मंदिर परिसरों में होल्डिंग एरिया और टोकन सिस्टम को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है।
- स्वच्छता और पेयजल: पैदल मार्गों तथा मंदिर परिसरों में निरंतर सफाई अभियान चलाने के साथ-साथ शुद्ध पेयजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
- विद्युत एवं आवासीय प्रबंध: केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में रात के समय तापमान में आने वाली गिरावट को देखते हुए बिजली आपूर्ति और रात्रि विश्राम (आवास) की सुविधाओं को दुरुस्त किया जा रहा है।
- सुरक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाएं: उच्च हिमाच्छादित क्षेत्रों में स्वास्थ्य जांच और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
श्रद्धालुओं के लिए बीकेटीसी की अपील: दिशा-निर्देशों का करें पालन
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने देश-विदेश से आने वाले सभी तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे हिमालयी क्षेत्र की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए यात्रा शुरू करें। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि:
- यात्रा पर निकलने से पहले आधिकारिक पोर्टल पर अपना पंजीकरण (Registration) अवश्य कराएं।
- स्थानीय प्रशासन, मौसम विभाग (IMD) तथा बीकेटीसी द्वारा समय-समय पर जारी की जाने वाली गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करें।
- पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करते समय मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार ही अपनी आगे की यात्रा की योजना बनाएं।
मंदिर समिति का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बदरी-केदार यात्रा का दूसरा चरण सभी श्रद्धालुओं के लिए मंगलमय, सुगम और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध रहे।
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