नई दिल्ली:
जुलाई महीने के पहले ही दिन आम जनता और व्यावसायिक वर्ग के लिए राहत और उम्मीदों की मिली-जुली खबर आई है। देश की प्रमुख तेल विपणन कंपनियों (Oil Marketing Companies) ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर (Commercial LPG Cylinder) की कीमतों में भारी कटौती करने का फैसला किया है। नए बदलावों के तहत अलग-अलग शहरों में सिलिंडर के दाम ₹174 से लेकर ₹183.50 तक घटा दिए गए हैं।
इस फैसले से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े व्यापारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, दूसरी तरफ घरेलू रसोई गैस (14.2 किलोग्राम) का इस्तेमाल करने वाले आम उपभोक्ताओं को इस बार भी मायूसी हाथ लगी है, क्योंकि उनकी कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
दिल्ली में मिली सबसे बड़ी राहत, जानिए अन्य शहरों का हाल
तेल कंपनियों द्वारा जारी नई दरों के मुताबिक, देश की राजधानी दिल्ली में कमर्शियल सिलिंडर पर सबसे ज्यादा राहत दी गई है। दिल्ली में 19 किलो वाले सिलिंडर के दाम में सीधे ₹183.50 की कटौती की गई है।
इंडियन ऑयल (Indian Oil) के नए रेट चार्ट के अनुसार:
- दिल्ली: दिल्ली में जो कमर्शियल सिलिंडर पहले ₹3,113.50 में मिल रहा था, वह अब घटकर ₹2,930 का हो गया है।
- लखनऊ और पटना: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और बिहार की राजधानी पटना में भी दिल्ली की तरह ही ₹183.50 की पूरी कटौती लागू की गई है। इस कटौती के बाद पटना में कमर्शियल सिलिंडर की नई कीमत ₹3,227 हो गई है।
- कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में उपभोक्ताओं को थोड़ी कम राहत मिली है। यहाँ सिलिंडर के दाम में ₹174 की कमी की गई है।
घरेलू रसोई गैस के दाम ‘जस के तस’
जहाँ एक तरफ कमर्शियल गैस के दाम घटने से बाजार में खुशी का माहौल है, वहीं घरेलू मोर्चे पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। तेल कंपनियों ने 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू रसोई गैस सिलिंडर की कीमतों में कोई छेड़छाड़ नहीं की है।
मध्यमवर्गीय परिवारों को उम्मीद थी कि त्योहारी सीजन और नए महीने की शुरुआत में उन्हें कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन फिलहाल उनके बजट में कोई बदलाव नहीं होने वाला है। उदाहरण के तौर पर, पटना में घरेलू सिलिंडर अपनी पुरानी कीमत ₹1,031.50 पर ही स्थिर रहेगा।
व्यवसाय जगत पर क्या होगा इसका असर?
विशेषज्ञों का मानना है कि कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर के दामों में इतनी बड़ी कटौती से बाजार में सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है।
- होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री को बूस्ट: पिछले कुछ समय से लगातार बढ़ती महंगाई के कारण रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों की लागत काफी बढ़ गई थी। इस कटौती से उनके दैनिक खर्चों में कमी आएगी।
- बाहर खाना हो सकता है सस्ता: खाने-पीने की दुकानों की इनपुट कॉस्ट (लागत) कम होने से आने वाले दिनों में आम जनता के लिए रेस्टोरेंट या ढाबों पर मिलने वाले भोजन की कीमतों में भी मामूली गिरावट देखी जा सकती है।
- छोटे व्यापारियों को संबल: रेहड़ी-पटरी और छोटे फास्ट-फूड स्टॉल चलाने वाले दुकानदारों के लिए यह मासिक बजट को संतुलित करने का एक अच्छा अवसर साबित होगा।
हर महीने की पहली तारीख को तय होते हैं दाम
आपको बता दें कि देश में तेल विपणन कंपनियां (जैसे इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम) हर महीने की पहली तारीख को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति की समीक्षा करती हैं।
इसी समीक्षा के आधार पर हवाई ईंधन (ATF), कमर्शियल और घरेलू एलपीजी गैस की नई कीमतें तय की जाती हैं। इस महीने वैश्विक स्तर पर आए बदलावों का सीधा फायदा कमर्शियल सेक्टर को ट्रांसफर किया गया है।
व्यापारिक संगठनों ने सरकार और तेल कंपनियों के इस कदम का स्वागत किया है, लेकिन साथ ही यह मांग भी दोहराई है कि आने वाले समय में घरेलू सिलिंडर की कीमतों को भी नियंत्रण में लाया जाए ताकि आम गृहिणियों के रसोई का बजट भी सुधर सके।
फिलहाल के लिए, रेस्टोरेंट और होटल उद्योग जुलाई की शुरुआत इस बड़ी बचत के साथ करने के लिए पूरी तरह तैयार है।










