यमुनोत्री धाम की ओर जाने वाले पैदल मार्ग पर सोमवार को अचानक भूस्खलन की घटना से हड़कंप मच गया। नौकैंची क्षेत्र में भारी बारिश के बाद पहाड़ी से मलबा और बोल्डर गिरने लगे, जिससे रास्ते पर चल रहे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जिनकी पहचान उत्तर प्रदेश निवासी 47 वर्षीय हरिशंकर और उनकी 9 वर्षीय बेटी ख्याति के रूप में हुई है। वहीं, मुंबई निवासी एक घायल यात्री को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया है।
रात को तेज बारिश के कारण राहत और बचाव अभियान को रोकना पड़ा था, लेकिन मंगलवार सुबह होते ही एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और पुलिस की टीमों ने दोबारा रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि दो और लोग अब भी मलबे में दबे हो सकते हैं। लापता लोगों में 11 वर्षीय भाविका शर्मा (दिल्ली) और 35 वर्षीय कमलेश जेठवा (महाराष्ट्र) शामिल हैं। मौके पर स्थिति को देखते हुए यमुनोत्री पैदल यात्रा को फिलहाल रोक दिया गया है और यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए यमुनोत्री विधायक संजय डोभाल घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं। प्रशासन की ओर से भंडेली गाड़ यमुनोत्री के वैकल्पिक मार्ग को खोलने पर विचार किया जा रहा है, हालांकि यह मार्ग भी जोखिम से भरा हुआ है। स्थानीय पुलिस चौकी प्रभारी ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश के बाद वैकल्पिक मार्ग की स्थिति पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
इधर, मौसम विभाग ने 22 से 26 जून तक राज्य के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। देहरादून, टिहरी, चंपावत और नैनीताल जैसे क्षेत्रों में भारी वर्षा की संभावना है। साथ ही गंगोत्री हाईवे पर सुक्की क्षेत्र के सात नाले हर वर्ष की तरह इस बार भी खतरे का कारण बन सकते हैं। स्थानीय लोगों ने वर्षों से इन नालों पर सुधारात्मक कार्य न होने की शिकायत की है, जिससे न केवल चारधाम यात्रियों, बल्कि ग्रामीणों, सेना और आईटीबीपी को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
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