रुद्रप्रयाग, उत्तराखंड।
केदारनाथ यात्रा मार्ग एक बार फिर दर्दनाक हादसे का गवाह बना। रविवार सुबह करीब 5:30 बजे केदारनाथ से गुप्तकाशी लौट रहा एक हेलिकॉप्टर गौरीकुंड क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में पायलट समेत सात लोगों की मौत हो गई है। मृतकों में एक दो वर्षीय बच्ची भी शामिल है। हेलिकॉप्टर आर्यन एविएशन कंपनी का बताया जा रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें तत्काल मौके के लिए रवाना हुईं और अब रेस्क्यू ऑपरेशन युद्ध स्तर पर जारी है। उत्तराखंड एडीजी कानून व्यवस्था डॉ. वी. मुरुगेशन ने हादसे की पुष्टि की है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हेलिकॉप्टर श्रीकेदारनाथ धाम से तीर्थयात्रियों को लेकर लौट रहा था। घाटी में अचानक मौसम बिगड़ने के चलते पायलट ने हेली को सुरक्षित निकालने की कोशिश की, लेकिन संतुलन बिगड़ने से वह जंगल क्षेत्र में जा गिरा।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि दुर्घटना की सूचना गौरी माई खर्क के ऊपर घास काट रही नेपाली मूल की महिलाओं ने दी। उन्होंने देखा कि हेलिकॉप्टर जंगल में गिर गया है। मौके पर पहुंचने में कठिनाई इसलिए भी आ रही है क्योंकि घटनास्थल बेहद दुर्गम और घने जंगल में है।
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान:
- कैप्टन राजबीर सिंह चौहान – पायलट, निवासी जयपुर
- विक्रम रावत – बीकेटीसी कर्मचारी, निवासी रासी, ऊखीमठ
- विनोद देवी – उम्र 66 वर्ष, निवासी उत्तर प्रदेश
- तृष्टि सिंह – उम्र 19 वर्ष, निवासी उत्तर प्रदेश
- राजकुमार सुरेश जायसवाल – उम्र 41 वर्ष, निवासी गुजरात
- श्रद्धा राजकुमार जायसवाल – निवासी महाराष्ट्र
- काशी – उम्र 2 वर्ष, निवासी महाराष्ट्र
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है और संबंधित अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
जाँच होगी विमान दुर्घटना ब्यूरो से
इस हादसे की जांच अब विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) द्वारा की जाएगी। प्रारंभिक आकलन में मौसम को दुर्घटना का मुख्य कारण माना जा रहा है। घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में हेली सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी गई हैं।
गौरतलब है कि यह इस यात्रा सीजन में केदारघाटी में तीसरी बड़ी घटना है। इससे पहले दो बार आपात लैंडिंग करानी पड़ी थी। बदरीनाथ और गंगोत्री मार्गों पर भी इस सीजन दो अन्य हादसे हो चुके हैं।
रेस्क्यू टीमें कठिन परिस्थितियों में भी राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। उम्मीद है कि जल्द ही हादसे की पूरी वजह और अन्य जरूरी जानकारियां सामने आएंगी।






