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कैंची धाम बाईपास 15 जून 2026 तक होगा चालू, श्रद्धालुओं और पर्यटकों को मिलेगी जाम से राहत

On: February 10, 2026 4:40 AM
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विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम की यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए सरकार ने प्रयास तेज कर दिए हैं। लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) मंत्री सतपाल महाराज ने भीमताल में कैंची धाम बाईपास परियोजना की समीक्षा करते हुए बताया कि यह बाईपास 15 जून 2026 तक यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। इसके शुरू होने से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
सोमवार को भीमताल पहुंचे लोनिवि मंत्री ने विकास भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्य निर्धारित समय सीमा में और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि कैंची धाम आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा सरकार की प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
18.2 किलोमीटर लंबा है बाईपास मार्ग
कैंची धाम बाईपास परियोजना कुल 18.2 किलोमीटर लंबी है, जो भवाली सेनिटोरियम से शुरू होकर रातीघाट होते हुए पाडली तक जाएगी। परियोजना का कार्य दो चरणों में किया जा रहा है, जिनमें से अधिकांश काम पूरा हो चुका है। दूसरे चरण में 10.22 किलोमीटर हिस्से में पहाड़ कटान का कार्य समाप्त हो गया है, जबकि अब पुल निर्माण और अन्य शेष कार्य किए जाने हैं।
शिप्रा नदी पर पुल में देरी, बैली ब्रिज से मिलेगी अस्थायी राहत
परियोजना के अंतर्गत शिप्रा नदी पर बनने वाला 74 मीटर लंबा पुल पर्यटन सीजन से पहले पूरा होना संभव नहीं लग रहा है। ऐसे में श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को राहत देने के लिए लोनिवि द्वारा अस्थायी बैली ब्रिज का निर्माण किया जाएगा। यदि यह बैली ब्रिज पर्यटन सीजन से पहले तैयार हो जाता है, तो पर्वतीय क्षेत्रों की ओर जाने वाले यात्रियों को लंबे जाम से निजात मिलेगी।
1258.12 लाख रुपये की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास
दौरे के दौरान सतपाल महाराज ने 1258.12 लाख रुपये की लागत से बनी और प्रस्तावित पांच विकास योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास भी किया। इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय लोगों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान का भरोसा दिलाया।
15 जून को लगता है कैंची धाम का विशाल मेला
हर वर्ष 15 जून को कैंची धाम में भव्य मेले का आयोजन होता है, जिसमें एक से दो लाख श्रद्धालु बाबा नीब करौरी महाराज के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इसी दिन विशाल भंडारे का आयोजन भी किया जाता है। बाबा नीब करौरी महाराज ने 15 जून 1964 को धाम की प्रतिष्ठा का दिन निर्धारित किया था। इसी तिथि को हनुमान जी सहित अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा हुई थी।
बाईपास के शुरू होने से आने वाले वर्षों में कैंची धाम मेले और पर्यटन सीजन के दौरान यातायात व्यवस्था पहले से कहीं अधिक बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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