मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित उत्तराखंड कैबिनेट की अहम बैठक में राज्य के विकास और जनकल्याण से जुड़े 11 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन प्रस्तावों में उत्तराखंड की पहली योग नीति और कर्मचारियों, पेंशनरों एवं उनके आश्रितों के लिए गोल्डन कार्ड पर कैशलेस इलाज की नई व्यवस्था शामिल हैं।
राज्य में पहली बार योग नीति लागू
उत्तराखंड को योग की वैश्विक राजधानी के रूप में पहचान दिलाने के उद्देश्य से राज्य की पहली योग नीति को कैबिनेट की मंज़ूरी दी गई है। नीति के तहत:
राज्य में पाँच नए योग हब स्थापित किए जाएंगे।
पर्वतीय क्षेत्रों में 50% और मैदानी क्षेत्रों में 25% तक सब्सिडी प्रदान की जाएगी।
योग को बढ़ावा देने के लिए योग शिक्षकों को ₹250 की प्रतिपूर्ति दी जाएगी।
गोल्डन कार्ड पर मिलेगा अब कैशलेस इलाज
राज्य सरकार ने कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके आश्रितों के लिए गोल्डन कार्ड पर कैशलेस इलाज की नई व्यवस्था को मंजूरी दी है। इसके अंतर्गत:
अटल आयुष्मान योजना के तहत गोल्डन कार्ड धारकों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलेगी।
अस्पतालों को भुगतान हेतु ₹75 करोड़ का ऋण दिया जाएगा।
नीति निर्माण की प्रक्रिया में हितधारकों से संवाद किया जाएगा।
वित्त और प्रोक्योरमेंट नियमों में बड़ा बदलाव
उत्तराखंड अधिप्राप्ति नियमावली 2017 में संशोधन को स्वीकृति।
स्थानीय लोगों को रोजगार बढ़ाने के लिए कार्य सीमा ₹5 करोड़ से बढ़ाकर ₹10 करोड़ की गई।
ई और डी श्रेणी के ठेकेदारों की सीमा में भी बढ़ोतरी।
स्वयं सहायता समूहों को ₹5 लाख तक के कार्य देने की अनुमति।
MSME को प्राथमिकता – लोवेस्ट टेंडर से 10% अधिक दर पर कार्य देने की अनुमति।
सिक्योरिटी डिपॉजिट की प्रक्रिया होगी ऑनलाइन, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी।
IFMS पोर्टल पर शिकायत निवारण प्रणाली विकसित होगी।
GeM पोर्टल के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।
औद्योगिक विकास को नई रफ्तार: मेगा इंडस्ट्रियल नीति को मंजूरी
नई औद्योगिक नीति को आगामी पांच वर्षों के लिए मंजूरी दी गई है।
उद्योगों को चार श्रेणियों में विभाजित किया गया है:
| श्रेणी | निवेश सीमा | न्यूनतम स्थायी रोजगार | सब्सिडी |
|---|---|---|---|
| लार्ज | ₹50–200 करोड़ | 50 | 10% |
| अल्ट्रा लार्ज | ₹200–500 करोड़ | 150 | 15% |
| मेगा | ₹500–1000 करोड़ | 300 | – |
| अल्ट्रा मेगा | ₹1000 करोड़ से ऊपर | 509 | – |
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
मिथाइल एल्कोहल को “उत्तराखंड विष कब्जा एवं विक्रय नियमावली” में शामिल किया गया।
राजकीय विभाग अधीनस्थ लेखा संवर्ग की पूर्व व्यवस्था यथावत बनी रहेगी।
राज्य बाल सुरक्षा संगठन की रिपोर्ट विधानसभा में प्रस्तुत की जाएगी।
उत्तराखंड सेवा क्षेत्र नीति 2024 को मंजूरी — केवल नई जगहों पर स्थापित सेवा क्षेत्रों को ही सब्सिडी मिलेगी।
उत्तराखंड चाय विकास बोर्ड के तहत 11 नए पदों के सृजन को स्वीकृति।
मेडिकल कॉलेजों में तीमारदारों के लिए राहत
देहरादून और हल्द्वानी मेडिकल कॉलेजों में एम्स ऋषिकेश की तर्ज पर तीमारदारों के लिए रुकने-खाने की सुविधा का इंतज़ाम किया जाएगा।
इसके लिए भूमि उपलब्ध कराई जाएगी और सुविधा बहुत सस्ती दरों पर दी जाएगी।





