देहरादून। उत्तराखंड राज्य कर विभाग (स्टेट जीएसटी) ने बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी का खुलासा किया है। विभाग ने कागजों पर दिखाए गए माल की फर्जी खरीद के आधार पर करोड़ों रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) हड़पने का मामला पकड़ा है। यह गड़बड़झाला मिश्र धातु से इंगट (पिंड) बनाने वाली औद्योगिक इकाइयों और वर्क कांट्रेक्ट से जुड़ी फर्मों द्वारा किया जा रहा था।
ये फर्में केवल दस्तावेजों में ही माल की खरीद दिखाकर फर्जी आईटीसी प्राप्त कर रही थीं। इसके जरिए या तो वे टैक्स क्रेडिट का लाभ ले रही थीं या फिर अपने कर दायित्व को शून्य दिखाकर सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान पहुंचा रही थीं।
राज्य कर आयुक्त सोनिका के निर्देश पर विभाग की टीम ने हरिद्वार और रुड़की क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए चार संदिग्ध फर्मों के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। प्रारंभिक जांच में ही 1.54 करोड़ रुपये की कर चोरी का मामला सामने आया, जिसे संबंधित फर्मों ने तत्काल विभाग के समक्ष जमा कर दिया।
विभाग अब इस पूरे घोटाले की गहन जांच कर रहा है और अनुमान है कि आगे की जांच में टैक्स चोरी की राशि और बढ़ सकती है। राज्य कर विभाग फर्जी कारोबार करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी में है ताकि भविष्य में ऐसी कर चोरी पर रोक लगाई जा सके।
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