देहरादून के नागरिकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। अब दोपहिया वाहनों का परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस (DL) टेस्ट शहर से बाहर झाझरा में नहीं, बल्कि सीधे आरटीओ कार्यालय परिसर में ही होगा। इस नई व्यवस्था के तहत 9 जून से आरंभ हो रहे टेस्ट अब आरटीओ द्वारा बनाए गए नए ट्रैक पर आयोजित किए जाएंगे। यह सुविधा फिलहाल केवल दुपहिया चालकों के लिए होगी, जबकि जिनका चारपहिया या संयुक्त टेस्ट है, उन्हें अब भी झाझरा जाना पड़ेगा।
आरटीओ प्रशासन द्वारा बनवाए गए इस ट्रैक पर कैमरों की निगरानी में टेस्ट लिया जाएगा। ड्राइविंग टेस्ट में हेलमेट अनिवार्य कर दिया गया है और एक गलती पर भी आवेदक को फेल मान लिया जाएगा। विभाग का स्पष्ट निर्देश है कि किसी भी बिचौलिए के झांसे में न आएं और या तो स्वयं सारथी पोर्टल से आवेदन करें या कॉमन सर्विस सेंटर की मदद लें। यह नया कदम खासतौर पर बुजुर्गों, महिलाओं और 16 से 18 वर्ष के नान-गियर दोपहिया चलाने वालों के लिए काफी सहायक सिद्ध होगा, जिन्हें अब लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।
नए नियमों के तहत, अगर किसी का ड्राइविंग लाइसेंस एक साल से अधिक समय से निष्क्रिय है, तो उसे नवीनीकरण के लिए दोबारा टेस्ट देना होगा और यह टेस्ट झाझरा स्थित IDTR में ही आयोजित किया जाएगा। हालांकि, जिनका DL एक साल से कम समय पहले समाप्त हुआ है, उन्हें न तो दोबारा टेस्ट देना पड़ेगा और न ही कोई जुर्माना देना होगा। बस, नवीनीकरण शुल्क देकर लाइसेंस फिर से चालू हो जाएगा।
इस बदलाव का एक और आर्थिक फायदा भी सामने आया है। चूंकि अब दोपहिया टेस्ट आरटीओ परिसर में ही होगा, इसलिए आवेदकों को झाझरा जाने पर लगने वाला ₹118 का सेवा शुल्क नहीं देना पड़ेगा। यानी ₹900 की ऑनलाइन फीस में ही पूरा काम निपट जाएगा। यह न केवल समय और धन की बचत करेगा, बल्कि आवेदकों को अधिक सुविधा और सुरक्षा भी प्रदान करेगा।
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