विशेष संवाददाता, हरिद्वार
1 जून, 2026
हरिद्वार: उत्तराखंड की धर्मनगरी हरिद्वार से एक बेहद चौंकाने वाली और कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली खबर सामने आई है। कनखल थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग (हाईवे) पर देर रात अज्ञात बदमाशों ने एक कांवड़ यात्री पर सरेआम गोली चला दी। गोलीबारी की इस दुस्साहसिक वारदात से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। गोली कांवड़िए के कंधे और सीने के ऊपरी हिस्से के पास लगी है, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पीड़ित को बेहद नाजुक हालत में ऋषिकेश के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार, हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद अपनी बुलेट मोटरसाइकिल मौके पर ही छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने वाहन को अपने कब्जे में ले लिया है और इलाके के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगालते हुए आरोपियों की धरपकड़ के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।
गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग को लेकर जा रहा था दल
घायल कांवड़ यात्री की पहचान अजय के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि अजय कोई साधारण कांवड़ लेकर नहीं लौट रहा था। वह अपने करीब 10 साथियों के दल के साथ “गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने” की विशेष मांग को लेकर हरिद्वार से 221 लीटर गंगाजल की एक भव्य और भारी विशेष कांवड़ लेकर पैदल नोएडा के लिए रवाना हुआ था।
इस दल को हरिद्वार से नोएडा तक लगभग 240 किलोमीटर की लंबी पैदल यात्रा तय करनी थी। रविवार देर रात जब यह दल कनखल थाना क्षेत्र के अंतर्गत गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के समीप पहुंचा, तो रात अधिक हो जाने के कारण सभी यात्रियों ने थकान मिटाने के लिए हाईवे के किनारे ही एक स्थान पर रात्रि विश्राम करने का फैसला किया।
पुल पर हुड़दंग और शराब पीने का विरोध करने पर बढ़ा विवाद
घटनाक्रम के अनुसार, जब अजय और उसके साथी हाईवे किनारे आराम कर रहे थे, तभी उनके ठीक ऊपर बने एक ओवरब्रिज (पुल) पर कुछ स्थानीय युवक मौजूद थे। आरोप है कि पुल पर खड़े ये युवक शराब पी रहे थे और नशे की हालत में लगातार तेज आवाज में शोर-शराबा, हुड़दंग और गाली-गलौज कर रहे थे।
नीचे आराम कर रहे कांवड़ यात्रियों के दल ने जब इस हुड़दंग का विरोध किया और युवकों से शांति बनाए रखने तथा शोर न मचाने का आग्रह किया, तो पुल पर मौजूद युवक भड़क गए। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और कहासुनी शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि पुल पर मौजूद युवक आगबबूला होकर नीचे हाईवे किनारे, जहां कांवड़िए आराम कर रहे थे, वहां पहुंच गए।
सीने से सटाकर दागी गोली, मची अफरा-तफरी
कांवड़ यात्रियों का दल अभी कुछ समझ ही पाता कि नीचे आए युवकों में से एक ने तैश में आकर सीधे अजय पर तमंचा तान दिया। हमलावर ने बेहद करीब से अजय के सीने को निशाना बनाते हुए गोली चला दी। गनीमत यह रही कि अंतिम क्षण में अजय के थोड़ा हिलने की वजह से गोली सीधे सीने में न लगकर उसके कंधे और सीने के जोड़ के पास जाकर धंस गई।
गोली लगते ही अजय लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। सरेराह हुई इस फायरिंग की आवाज से हाईवे और आसपास के शिविरों में हड़कंप मच गया। कांवड़िए के अन्य साथियों ने जब शोर मचाया और उन्हें पकड़ने का प्रयास किया, तो घबराए हमलावर अपनी चमचमाती बुलेट मोटरसाइकिल को वहीं मौके पर ही छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए पैदल ही नौ दो ग्यारह हो गए।
ऋषिकेश AIIMS रेफर, हालत नाजुक
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय लोगों और साथियों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही कनखल कोतवाली पुलिस और आला अधिकारी भारी बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने खून से लथपथ अजय को तुरंत नजदीकी निजी अस्पताल पहुंचाया।
हालांकि, वहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति और अंदरूनी ब्लीडिंग को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उसे तुरंत ऋषिकेश एम्स (AIIMS) के लिए रेफर कर दिया। फिलहाल एम्स के ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टरों की एक विशेष टीम अजय की निगरानी कर रही है, जहां उसकी स्थिति गंभीर लेकिन स्थिर बताई जा रही है।
पुलिस महकमे में खलबली, बुलेट और सीसीटीवी से सुराग की तलाश
कांवड़ यात्रा के दौरान हुई इस वारदात ने पुलिस प्रशासन के भी हाथ-पांव फुला दिए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही सीओ सिटी (CO City) शिशुपाल सिंह नेगी, कनखल थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह रावत और एसएसआई अनुज सिंह पूरी टीम के साथ मौके पर मुस्तैद हुए। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए हैं।
कनखल पुलिस प्रशासन का बयान:
“यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। आरोपियों की जल्दबाजी में छूटी बुलेट मोटरसाइकिल को कब्जे में लेकर उसके चेसिस और रजिस्ट्रेशन नंबर के जरिए मालिकों का पता लगाया जा रहा है। इसके साथ ही हाईवे और गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के आसपास लगे सभी सरकारी व निजी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। हमलावरों को पकड़ने के लिए कई टीमें रात से ही दबिश दे रही हैं, उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।”
इस घटना के बाद हरिद्वार में मौजूद अन्य कांवड़ यात्रियों और स्थानीय गौ सेवकों में भारी आक्रोश है। विभिन्न धार्मिक व सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अस्पताल पहुंचकर घायल का हाल जाना और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि धार्मिक यात्राओं के दौरान इस तरह की गुंडागर्दी और नशेड़ियों के हुड़दंग पर पूरी तरह लगाम लगाई जाए, साथ ही आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए।








