देहरादून: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत आगामी 2 अगस्त 2025 (शनिवार) को 20वीं किस्त जारी की जाएगी। इस बार उत्तराखंड के 8,28,787 किसान लाभार्थियों को 184.25 करोड़ रुपये की धनराशि प्रदान की जाएगी। यह जानकारी प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने बुधवार को सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में साझा की।
गणेश जोशी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं उत्तर प्रदेश के बनारस स्थित बनोली गांव से इस किस्त का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित होगा और इसे देशभर में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रसारित किया जाएगा।
राज्य स्तरीय कार्यक्रम देहरादून से
उत्तराखंड में इसका मुख्य आयोजन हरवंश कपूर मेमोरियल हॉल, गढ़ी कैंट, देहरादून से किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कृषि मंत्री, अन्य कैबिनेट मंत्री, विधायक और अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।
इसके अलावा राज्यभर में ब्लॉक, ग्राम पंचायत, वीएनओ, कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) और केंद्रीय कृषि संस्थानों में भी इस कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। सभी स्थानों को टू-वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जोड़ा जाएगा ताकि किसान सीधे प्रधानमंत्री से संवाद कर सकें।
अब तक उत्तराखंड को मिली 3111.49 करोड़ की मदद
गौरतलब है कि किसान सम्मान निधि योजना के तहत अब तक उत्तराखंड के किसानों को 19 किश्तों में कुल 3111.49 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं। यह योजना किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
जिलेवार लाभार्थी किसान और वितरित राशि का विवरण
| जिला | लाभार्थी किसान | वितरित धनराशि (₹ करोड़ में) |
|---|---|---|
| अल्मोड़ा | 1,05,088 | 23.62 |
| बागेश्वर | 49,982 | 8.68 |
| चमोली | 47,262 | 9.77 |
| चंपावत | 37,699 | 8.21 |
| देहरादून | 44,873 | 12.07 |
| हरिद्वार | 1,03,062 | 23.03 |
| नैनीताल | 54,849 | 12.06 |
| पौड़ी गढ़वाल | 58,532 | 12.94 |
| पिथौरागढ़ | 60,822 | 13.27 |
| रुद्रप्रयाग | 39,987 | 9.01 |
| टिहरी गढ़वाल | 1,09,570 | 24.26 |
| ऊधम सिंह नगर | 76,592 | 16.51 |
| उत्तरकाशी | 49,469 | 10.83 |
कृषि मंत्री ने किसानों से की अपील
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने किसानों से अपील की है कि वे आयोजन स्थलों पर पहुंचकर इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का हिस्सा बनें और प्रधानमंत्री के उद्बोधन को सुनें। यह योजना किसानों की आय को मजबूत करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
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