भोजपुर / गाजियाबाद: दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (Delhi-Meerut Expressway) पर रविवार देर रात एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। भोजपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कलछीना गांव के पास एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने बाइक सवार कांवड़ियों को जोरदार टक्कर मार दी। यह हादसा इतना भीषण था कि मोटरसाइकिल सवार तीनों कांवड़ियों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
हादसे के तुरंत बाद अज्ञात वाहन का चालक अपने वाहन के साथ मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। भोजपुर थाना पुलिस तुरंत दलबल के साथ मौके पर पहुंची और तीनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।
हरियाणा से हरिद्वार जा रहे थे तीनों कांवड़िये
प्राथमिक जांच और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, हादसे का शिकार हुए तीनों कांवड़िये मूल रूप से हरियाणा के झज्जर जिले के रहने वाले थे। वे अपनी बाइक पर सवार होकर पवित्र कांवड़ यात्रा के लिए हरिद्वार जल लेने जा रहे थे। जब उनकी बाइक दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर भोजपुर क्षेत्र के कलछीना गांव के समीप पहुंची, तभी पीछे या सामने से आ रहे एक अनियंत्रित और बेहद तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और तीनों कांवड़िये सड़क पर जा गिरे। राहगीरों और गश्त कर रही पुलिस टीम ने जब तक उन्हें संभालने की कोशिश की, तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं। पुलिस फिलहाल मृतकों के परिजनों से संपर्क करने और उनकी आधिकारिक शिनाख्त (Identification) की प्रक्रिया में जुटी हुई है।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस, आरोपी चालक की तलाश तेज
हादसे के बाद फरार हुए अज्ञात वाहन चालक को पकड़ने के लिए भोजपुर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा (FIR) दर्ज कर लिया है।
घटनास्थल और एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज को खंगाला जा रहा है, ताकि दुर्घटना को अंजाम देने वाले वाहन की पहचान की जा सके। इसके अलावा पुलिस आसपास के ढाबों, प्रत्यक्षदर्शियों और राहगीरों से भी पूछताछ कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी चालक को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
कांवड़ यात्रा के दौरान एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा बढ़ाने के सख्त निर्देश
इस दर्दनाक हादसे के बाद कांवड़ यात्रा के मार्ग और एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन सख्त नजर आ रहा है। श्रावण मास के चलते एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे पर कांवड़ियों की आवाजाही काफी बढ़ गई है। ऐसे में इस तरह के हादसे सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
हादसे का संज्ञान लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने एक्सप्रेसवे पर गश्त (Patrolling) बढ़ाने और कांवड़ियों के सुरक्षित आवागमन के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश जारी किए हैं। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एक्सप्रेसवे पर दोपहिया वाहनों की एंट्री और सुरक्षा के नियम
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा के लिहाज से दोपहिया (Bike/Scooter) और तीन-पहिया वाहनों का संचालन प्रतिबंधित या अत्यधिक जोखिम भरा माना जाता है। इसके बावजूद कांवड़ यात्रा के दौरान कई श्रद्धालु बाईक से सफर करते हैं।
एक्सप्रेसवे पर हादसों से बचने के लिए यातायात विशेषज्ञों और प्रशासन द्वारा निम्नलिखित सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी जाती है:
1. स्पीड लिमिट का पालन: एक्सप्रेसवे पर निर्धारित गति सीमा से अधिक तेज वाहन न चलाएं।
2. लेन अनुशासन (Lane Discipline): भारी और तेज रफ्तार वाहनों के बीच दोपहिया वाहन चालकों को बेहद सतर्क रहना चाहिए और अपनी निर्धारित लेन में ही चलना चाहिए।
3. नाइट ड्राइविंग में सावधानी: रात के समय दृश्यता (Visibility) कम होती है, इसलिए वाहनों पर रिफ्लेक्टर टैप और कांवड़ियों को चमकदार कपड़े या रिफ्लेक्टिव जैकेट पहननी चाहिए।
4. हेलमेट और सेफ्टी गियर: बाइक सवारों के लिए मानक गुणवत्ता वाला हेलमेट पहनना बेहद जरूरी है।
परिजनों में मचा कोहराम, क्षेत्र में शोक की लहर
हरियाणा के झज्जर जिले में जैसे ही इस हादसे की खबर पहुंची, मृतकों के परिवारों में चीख-पुकार मच गई। पवित्र यात्रा पर निकले युवाओं की इस तरह अचानक मौत की खबर ने सभी को झकझोर कर रख दिया है।
गांव और आसपास के इलाके में मातम पसरा हुआ है। पुलिस ने परिजनों को सूचित कर दिया है और पोस्टमार्टम के बाद शवों को उनके अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंपा जाएगा।