देहरादून। तहसील में आयोजित समाधान दिवस के दौरान एक बेहद भावुक और दर्दनाक मामला सामने आया। जहाँ परिवार का सहारा बनने की उम्र में एक पोती ही अपनी 75 वर्षीय बुज़ुर्ग दादी के लिए मुसीबत बन गई। पोती की प्रताड़ना और हरकतों से तंग आकर बुज़ुर्ग महिला ने जिलाधिकारी (DM) के सामने अपनी आपबीती सुनाई और न्याय की गुहार लगाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने तुरंत महिला सेल को आरोपी युवती के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
बेटों को खो चुकी हैं 75 वर्षीय वृद्धा, अब पोती कर रही बेदखल करने की कोशिश
समाधान दिवस में सबसे पहले 75 वर्षीय पीड़िता की फरियाद सुनी गई। अपनी आपबीती सुनाते हुए बुज़ुर्ग महिला की आँखें छलक पड़ीं। उन्होंने बताया कि कुदरत ने उन्हें पहले ही गहरे जख्म दिए हैं—उनके बड़े बेटे का निधन कोविड-19 महामारी के दौरान हो गया था, जबकि छोटे बेटे ने भी पिछले साल दुनिया को अलविदा कह दिया।
दोनों बेटों के असमय चले जाने के बाद वह अपने पुश्तैनी मकान में बिल्कुल अकेली रह गई हैं।
पीड़िता का आरोप है कि बेटों के जाने के बाद उनकी पोती गलत संगति में पड़ गई और धीरे-धीरे नशे की गिरफ्त में आ गई। हद तो तब हो गई जब पोती अपने एक पुरुष मित्र को लेकर बुज़ुर्ग महिला के पुश्तैनी घर में ही आ धमकी और उसके साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगी।
बुज़ुर्ग महिला ने आरोप लगाया कि पोती और उसका पुरुष मित्र मिलकर लगातार उनका मानसिक उत्पीड़न कर रहे हैं और अब उन्हें उसी के अपने घर से बेदखल करने की साजिश रच रहे हैं।
जिलाधिकारी ने महिला सेल को दिए तत्काल जांच और कार्रवाई के आदेश
बुज़ुर्ग दादी की व्यथा सुनने के बाद जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने इस पर कड़ा रुख अपनाया। वरिष्ठ नागरिक के अधिकारों की सुरक्षा और मानसिक प्रताड़ना के इस गंभीर मामले को देखते हुए उन्होंने महिला सेल प्रभारी को तुरंत एक्शन लेने का निर्देश दिया।
डीएम ने स्पष्ट किया कि किसी भी वरिष्ठ नागरिक का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और युवती तथा उसके साथी के खिलाफ नियमानुसार कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।
समाधान दिवस में आए 109 मामले: बुज़ुर्गों से बदसलूकी और संपत्ति विवाद प्रमुख
सोमवार को आयोजित इस ‘समाधान दिवस’ में कुल 109 फरियादियों ने अपनी समस्याओं से प्रशासन को अवगत कराया। इनमें से कई मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि अन्य जटिल मामलों में संबंधित अधिकारियों को त्वरित जांच और कार्रवाई के आदेश दिए गए।
समाधान दिवस में आए अधिकतर मामले पारिवारिक कलह, बुज़ुर्गों के उत्पीड़न और संपत्ति विवाद से जुड़े रहे:
• विधवा महिला की जमीन पर कब्जे का प्रयास: भगवान देई नाम की एक विधवा महिला ने शिकायत दर्ज कराई कि उनके दोनों बेटों के बीच संपत्ति का बराबर बंटवारा हो चुका है। इसके बावजूद, उनका छोटा बेटा और बहू, बड़े बेटे के हिस्से की जमीन पर अवैध कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।
◦ कार्रवाई: इस मामले में जिलाधिकारी ने एसडीएम सदर और सीओ रायपुर को मौके पर जाकर निष्पक्ष जांच करने व कानूनी कार्रवाई के आदेश दिए।
• बेटे-बहू की गुंडागर्दी से परेशान पिता ने मांगी बेदखली: कांवली रोड के रहने वाले एक बुज़ुर्ग व्यक्ति ने अपने ही बेटे और बहू पर मारपीट, गाली-गलौज और अभद्रता करने का आरोप लगाया। उन्होंने प्रशासन से गुहार लगाई कि वे अपने बड़े बेटे को अपनी तमाम चल-अचल संपत्ति से बेदखल करना चाहते हैं।
◦ कार्रवाई: इस पर डीएम ने सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) को कानून के दायरे में रहकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस पूरी घटना ने एक बार फिर समाज में वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा और उनके प्रति घटती संवेदनाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। समाधान दिवस में आए अधिकतर मामले इस बात की ओर इशारा करते हैं कि बुज़ुर्ग अपने ही घर में सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं।
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प्रशासन ने साफ कर दिया है कि वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों का हनन करने वालों और उन्हें प्रताड़ित करने वाले परिजनों के खिलाफ किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।