Dehradun VIP number auction ने इस बार राजधानी में वाहन पंजीकरण के सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में लग्जरी और प्रीमियम गाड़ियों की बढ़ती संख्या के साथ अब खास और पसंदीदा नंबर प्लेट हासिल करने की होड़ भी चरम पर पहुंच चुकी है। परिवहन विभाग की हालिया ऑनलाइन नीलामी प्रक्रिया में वाहन स्वामियों ने अपनी पसंद के नंबर पाने के लिए दिल खोलकर बोलियां लगाईं। इस नीलामी में सबसे बड़ा आकर्षण ‘0001’ नंबर रहा, जिसकी अंतिम बोली 13 लाख 91 हजार रुपये तक पहुंच गई।
Dehradun VIP Number Auction में ‘0001’ ने रचा नया इतिहास
परिवहन विभाग की ओर से आयोजित ऑनलाइन नीलामी में नई सीरीज UK07-HN-0001 को हासिल करने के लिए बोलीदाताओं के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। अंततः यह नंबर 13.91 लाख रुपये की रिकॉर्ड कीमत पर नीलाम हुआ।
0001 नंबर के लिए यह अब तक की सबसे बड़ी बोली मानी जा रही है। इससे पूर्व मई 2025 में इसी खास नंबर के लिए 13 लाख 77 हजार रुपये की अधिकतम बोली दर्ज की गई थी, जबकि जनवरी 2026 की नीलामी में यह आंकड़ा 13.74 लाख रुपये तक पहुंचा था। इस ताजा नीलामी ने पिछले सभी उच्च आंकड़ों को करीब 14 हजार रुपये के अंतर से पीछे छोड़ते हुए नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है।
0003 नंबर के लिए लगी 9.04 लाख की अप्रत्याशित बोली
इस नीलामी सत्र का सबसे चौंकाने वाला पहलू ‘0003’ नंबर को लेकर रहा। UK07-HP-0003 नंबर प्लेट के लिए अंतिम बोली 9 लाख 4 हजार रुपये दर्ज की गई। विभागीय आंकड़ों पर नजर डालें तो कुछ समय पहले तक 0003 जैसे नंबरों की बोलियां कुछ हजार रुपयों तक ही सीमित रहती थीं।
वर्ष 2024 में आयोजित हुई एक नीलामी के दौरान 0003 नंबर मात्र 84 हजार रुपये में बिका था। ऐसे में 84 हजार से सीधे 9 लाख रुपये के पार पहुंचना यह साफ दर्शाता है कि शहर में प्रीमियम अंकों की मांग किस तेजी से बढ़ रही है।
27 फैंसी नंबरों से विभाग को मिले 69.58 लाख रुपये
परिवहन विभाग द्वारा जारी की गई इस ऑनलाइन नीलामी सूची में कुल 27 फैंसी नंबर शामिल किए गए थे। इन सभी 27 नंबरों पर लगी बोलियों से विभाग को कुल 69 लाख 58 हजार रुपये का भारी-भरकम राजस्व प्राप्त हुआ है।
इस नीलामी में UK07-HN-0001 नंबर 13.91 लाख रुपये और UK07-HP-0003 नंबर 9.04 लाख रुपये में बिका। इसके बाद 0009 नंबर 3.95 लाख रुपये, 0002 नंबर 3.50 लाख रुपये, 9999 नंबर 2.83 लाख रुपये और 7000 नंबर 1.05 लाख रुपये में नीलाम हुआ।
इसके अतिरिक्त सूची में शामिल अन्य एकल, पुनरावृत्ति (रिपीटिंग) और विशेष अंकों वाली नंबर प्लेट्स के लिए भी खरीदारों ने 1 लाख रुपये से लेकर कई लाख रुपये तक की बोलियां दर्ज कराईं।
स्टेटस सिंबल बना पसंदीदा नंबर का ट्रेंड
दून की सड़कों पर महंगी और सुपर-प्रीमियम कारों का चलन बीते कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ा है। इसके साथ ही गाड़ी के रजिस्ट्रेशन नंबर को व्यक्तिगत पहचान, ज्योतिषीय गणना अथवा प्रतिष्ठा (स्टेटस सिंबल) से जोड़ने का रुझान भी गहरा हुआ है। वाहन स्वामियों के लिए अब सिर्फ गाड़ी का मॉडल ही नहीं, बल्कि उस पर लगा नंबर भी समाज में रसूख का पैमाना बन चुका है। यही कारण है कि लोग मूल वाहन की कीमत के एक बड़े हिस्से के बराबर की रकम सिर्फ एक नंबर प्लेट के लिए चुकाने से नहीं हिचक रहे हैं।
ऑनलाइन नीलामी प्रक्रिया से बढ़ी पारदर्शिता
उत्तराखंड परिवहन विभाग की ऑनलाइन व्यवस्था ने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुलभ बनाया है। इच्छुक वाहन मालिक विभागीय पोर्टल पर जाकर अपनी पसंदीदा पंजीयन संख्या को सीधे बुक कर सकते हैं या निर्धारित तिथियों पर आयोजित होने वाली ई-नीलामी में भाग ले सकते हैं।
पोर्टल पर बोली लगाने की खुली छूट होने के कारण बोलीदाताओं में प्रतिस्पर्धा बढ़ती है, जिससे विभाग के राजस्व में भी निरंतर इजाफा हो रहा है। लगातार टूटते रिकॉर्ड्स इस बात की पुष्टि करते हैं कि आगामी नीलामियों में भी वीआईपी नंबरों की यह जंग और अधिक दिलचस्प होने वाली है।






