बल्लूपुर से कार बेचने जा रहे थे युवक, महिंद्रा शोरूम के पास शॉर्ट सर्किट से भड़की भीषण आग; फायर ब्रिगेड ने पाया काबू
देहरादून (उत्तराखंड):
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के थाना क्लेमेंटटाउन क्षेत्र से एक रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा सामने आया है। बीती शाम व्यस्ततम सहारनपुर रोड पर स्थित महिंद्रा शोरूम के सामने एक चलती हुई कार में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते कार से आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं और वह धू-धू कर जलने लगी। इस अचानक हुई घटना से सड़क पर आने-जाने वाले लोगों और स्थानीय दुकानदारों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
गनीमत यह रही कि कार में सवार चालक और उसके तीन अन्य दोस्तों ने बेहद फुर्ती दिखाते हुए समय रहते गाड़ी से बाहर छलांग लगा दी, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया और चारों युवकों की जान बच गई। हालांकि, कार पूरी तरह जलकर खाक हो गई है।
कार बेचने जा रहे थे दोस्त, रास्ते में मंडराई आफ़त
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कार चला रहे अनस (निवासी श्रीदेव सुमन नगर, बल्लूपुर रोड, थाना कैंट, देहरादून) अपने तीन दोस्तों—अमन, शादाब और आफताब के साथ बल्लूपुर से ट्रांसपोर्ट नगर की ओर जा रहे थे। अनस अपनी इस गाड़ी को बेचने के सिलसिले में ट्रांसपोर्ट नगर जा रहे थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि रास्ते में ही उनकी कार जलकर राख हो जाएगी।
जैसे ही इनकी कार क्लेमेंटटाउन थाना क्षेत्र में सहारनपुर रोड पर महिंद्रा शोरूम के पास पहुंची, तभी अचानक बोनट के अंदर से धुंआ उठने लगा। चालक अनस कुछ समझ पाते, उससे पहले ही कार के इंजन हिस्से में तेजी से आग भड़क गई।
सूझबूझ से टली बड़ी त्रासदी
कार में आग लगता देख चालक अनस ने तुरंत गाड़ी को रोका। खतरा भांपते ही अंदर बैठे चारों युवकों ने बिना एक पल गंवाए दरवाजे खोले और बाहर की तरफ दौड़ लगा दी। चारों के बाहर निकलते ही आग ने पूरी कार को अपनी आगोश में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग इतनी तेजी से फैली कि अगर युवक दो मिनट भी गाड़ी के अंदर फंसे रह जाते, तो गंभीर परिणाम हो सकते थे।
स्थानीय लोगों ने बताया कि शाम के वक्त सड़क पर भारी ट्रैफिक था और जैसे ही कार में विस्फोट जैसी आवाज़ों के साथ आग की लपटें उठीं, आसपास के वाहनों की रफ्तार थम गई। राहगीर अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
फायर ब्रिगेड और पुलिस ने संभाला मोर्चा
घटना के तुरंत बाद कार सवार युवकों ने पुलिस और अग्निशमन विभाग को इस हादसे की सूचना दी। बुधवार शाम करीब 7:00 बजे जैसे ही क्लेमेंटटाउन पुलिस को घटना की जानकारी मिली, थाना प्रभारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। वहीं, दमकल विभाग (Fire Brigade) की गाड़ी भी कुछ ही मिनटों में घटनास्थल पर पहुंच गई।
फायर ब्रिगेड की टीम ने तुरंत पानी की बौछारें शुरू कीं और कड़ी मशक्कत के बाद कार में लगी भीषण आग पर काबू पाया। हालांकि, जब तक आग बुझाई जा सकी, तब तक कार पूरी तरह से जलकर लोहे के ढांचे (कंकाल) में तब्दील हो चुकी थी।
सहारनपुर रोड पर लगा लंबा जाम, पुलिस ने बहाल कराया यातायात
व्यस्त समय (Peak Hours) में बीच सड़क पर कार में आग लगने के कारण सहारनपुर रोड पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। देखते ही देखते इलाके में भीषण ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा हो गई।
आग पर पूरी तरह काबू पाने के बाद क्लेमेंटटाउन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए क्रेन की मदद से जली हुई कार को सड़क के बीच से हटाकर किनारे करवाया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने पसीना बहाकर यातायात को फिर से सुचारू कराया, तब जाकर राहगीरों ने राहत की सांस ली।
हादसे का कारण: शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट
पुलिस द्वारा की गई शुरुआती जांच और कार चालक अनस के बयानों के आधार पर हादसे की मुख्य वजह गाड़ी की वायरिंग में शॉर्ट सर्किट (Short Circuit) माना जा रहा है। गर्मी या वायरिंग में खराबी के चलते इंजन के पास स्पार्क हुआ और फिर आग फैल गई। पुलिस फिलहाल मामले की विस्तृत जांच कर रही है कि क्या गाड़ी में कोई अतिरिक्त मॉडिफिकेशन या गैस किट संबंधी समस्या थी।
विशेषज्ञों की सलाह: चलती गाड़ी में आग लगे तो क्या करें?
देहरादून में हुई इस घटना ने एक बार फिर गाड़ियों की मेंटेनेंस और सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों और पुलिस प्रशासन ने वाहन चालकों के लिए कुछ ज़रूरी दिशानिर्देश जारी किए हैं:
1. धुएं या गंध पर तुरंत ध्यान दें: अगर गाड़ी चलाते समय प्लास्टिक जलने की बदबू आए या बोनट से हल्का धुंआ निकले, तो गाड़ी तुरंत किनारे रोकें।
2. इंजन तुरंत बंद करें: गाड़ी रोकते ही सबसे पहले इग्निशन (Ignition) ऑफ करें, ताकि फ्यूल और बिजली की सप्लाई रुक सके।
3. बोनट खोलने की गलती न करें: यदि बोनट से आग की लपटें दिख रही हों, तो उसे तुरंत न खोलें। ऑक्सीजन मिलने से आग और तेज़ हो सकती है।
4. अग्निशमक यंत्र (Fire Extinguisher) रखें: अपनी गाड़ी में हमेशा एक छोटा फायर एक्सटिंग्विशर ज़रूर रखें, ताकि शुरुआती आग पर काबू पाया जा सके।
5. नियमित सर्विसिंग कराएं: गाड़ियों में बाहर से सस्ती या अनधिकृत वायरिंग (Local Wiring) न कराएं, यह शॉर्ट सर्किट का सबसे बड़ा कारण बनती है।
देहरादून की इस घटना में युवकों की सतर्कता ने उनकी जान बचा ली, लेकिन यह हादसा हर वाहन चालक के लिए एक सबक है कि गाड़ी की देखरेख में ज़रा सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।
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