सेलाकुई (देहरादून): उत्तराखंड के औद्योगिक क्षेत्र सेलाकुई से दिल दहला देने वाली एक घटना सामने आई है, जहाँ दहेज के लालच में एक शख्स ने अपनी ही पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी। आरोपी पति ने न केवल अपनी जीवनसंगिनी का गला घोंटा, बल्कि कानून और समाज की आँखों में धूल झोंकने के लिए मौत की झूठी कहानी भी गढ़ी。 हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी और गहन जांच के बाद इस खौफनाक साजिश का पर्दाफाश हो गया है।
बीमारी का नाटक और पुलिस की कार्रवाई
सेलाकुई थाना क्षेत्र के जमनपुर में रहने वाले आरिफ अली ने अपनी पत्नी शाहीन बानो की मौत को एक सामान्य बीमारी का रूप देने की कोशिश की थी। उसने रिश्तेदारों और पड़ोसियों को बताया कि शाहीन की तबीयत खराब होने की वजह से जान गई है। लेकिन मृतका के पिता लाल मोहम्मद को अपने दामाद की बातों पर संदेह हुआ।
शाहीन के पिता ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया कि विवाह के बाद से ही उनकी बेटी को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। पिता की शिकायत के आधार पर एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए। थानाध्यक्ष लोकपाल परमार के नेतृत्व में गठित टीम ने रविवार शाम को आरोपी आरिफ अली को सेलाकुई बाजार क्षेत्र से धर दबोचा।
विवाह के एक साल बाद ही खूनी अंजाम
पूछताछ में यह बात सामने आई कि आरिफ अली मूल रूप से उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले का निवासी है। आरिफ और शाहीन का निकाह वर्ष 2025 में हुआ था। निकाह के बाद से ही आरिफ अपने ससुराल वालों से असंतुष्ट था क्योंकि उसे उम्मीद के मुताबिक दहेज नहीं मिला था। करीब एक माह पूर्व ही वह काम की तलाश में अपनी पत्नी को लेकर सेलाकुई आया था, जहाँ वह दिहाड़ी मजदूरी करता था और शाहीन एक कंपनी में काम करने लगी थी।
बाइक के लिए अक्सर होता था झगड़ा
पुलिस के सामने जुर्म कबूलते हुए आरोपी ने बताया कि वह अपनी पत्नी से लगातार मोटरसाइकिल की मांग कर रहा था। उसका आरोप था कि ससुराल वालों ने शादी में उसकी कोई आर्थिक मदद नहीं की और न ही उसे बाइक दी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। इसके अलावा, आरोपी को अपनी पत्नी के चरित्र पर भी संदेह था, जो अक्सर झगड़े का कारण बनता था।
घटना के दिन दहेज की मांग और शक को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि आरिफ ने आपा खो दिया। उसने अपनी पत्नी की ही चुनरी से उसका गला तब तक घोंटा जब तक कि उसकी सांसें नहीं थम गईं।
समाज के लिए एक चेतावनी
दहेज हत्या की यह घटना एक बार फिर समाज के काले चेहरे को उजागर करती है। जहाँ एक ओर हम आधुनिकता की बातें करते हैं, वहीं दूसरी ओर ‘दहेज’ जैसे दानव आज भी मासूमों की बलि ले रहे हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है।
प्रशासन ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। पुलिस क्षेत्राधिकारी अनुज कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में दहेज उत्पीड़न और हत्या के पुख्ता सबूत मिले हैं।
घटना का विवरण:
अपराध: देहरादून के सेलाकुई में एक पति ने अपनी पत्नी की चुनरी से गला घोंटकर हत्या कर दी.
मुख्य कारण: आरोपी पति अक्सर दहेज में मोटरसाइकिल (बाइक) की मांग को लेकर पत्नी के साथ विवाद करता था.
झूठी कहानी: हत्या के बाद आरोपी ने पकड़े जाने के डर से रिश्तेदारों और पड़ोसियों को यह बताया कि उसकी पत्नी की मौत बीमारी के कारण हुई है.
आरोपी और पीड़िता की जानकारी:
आरोपी: आरिफ अली, जो मूल रूप से लखीमपुर खीरी (यूपी) का निवासी है और सेलाकुई में दिहाड़ी मजदूरी करता था.
पीड़िता: शाहीन बानो, जिसका निकाह वर्ष 2025 में आरिफ से हुआ था.
पृष्ठभूमि: दोनों एक माह पूर्व ही काम के सिलसिले में सेलाकुई आए थे, जहाँ शाहीन एक कंपनी में काम करने लगी थी.
पुलिस की कार्रवाई:
तहरीर: मृतका के पिता लाल मोहम्मद ने दहेज हत्या की शिकायत दर्ज कराई थी.
गिरफ्तारी: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी आरिफ अली को सेलाकुई बाजार क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया.
खुलासा: पूछताछ के दौरान आरोपी ने दहेज की मांग और शक के चलते हत्या करने का जुर्म कबूल कर लिया








