उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आमजन से जुड़ाव और उनकी सादगी एक बार फिर खटीमा दौरे के दौरान सामने आई। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के पहले चरण में भाग लेने के लिए गुरुवार को सीएम धामी अपने गृह जनपद उधम सिंह नगर के खटीमा पहुंचे। यहां उन्होंने अपनी माता श्रीमती बिसना देवी के साथ नगर तराई स्थित पोलिंग बूथ पर पहुंचकर मतदान किया।
मतदान के बाद मुख्यमंत्री सुरई वन रेंज के सघन जंगलों के बीच बसे श्रद्धा के प्रतीक बाबा भारामाल मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इस मंदिर को क्षेत्र में गहरी आस्था का केंद्र माना जाता है।
पूजा-अर्चना के उपरांत जब सीएम धामी अपने काफिले के साथ खटीमा बाजार से गुजर रहे थे, तभी उन्होंने अचानक अपना काफिला रुकवाया और सड़क किनारे भुट्टे की दुकान पर पहुंच गए। यहां उन्होंने खुद अपने हाथों से भुट्टा भूनकर खाया और एक महिला को भी अपने हाथों से भूना भुट्टा भेंट किया। इस दृश्य ने एक बार फिर उनकी सहजता और आमजन से आत्मीयता को उजागर किया।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री धामी का यह अंदाज़ कोई नया नहीं है। इससे पहले भी कई मौकों पर वे अपने सामान्य व्यवहार से लोगों के दिलों में जगह बना चुके हैं। कभी सड़क किनारे चाय बनाते तो कभी मूंगफली, जलेबी या अन्य खाद्य पदार्थों का स्वाद लेते हुए नजर आते हैं।
सितंबर 2022 में खटीमा दौरे के दौरान भी वे एक सामान्य रेस्टोरेंट में जाकर खस्ता कचौड़ी और दही-जलेबी का स्वाद लेते दिखे थे। जनवरी 2022 में हरिद्वार के झबरेड़ा क्षेत्र में उन्होंने अचानक अपना काफिला रुकवाकर सड़क किनारे जलेबी खरीदी और लोगों के बीच बैठकर खाई। इस दौरान का वीडियो भी खूब वायरल हुआ था।
जून 2024 में नैनीताल के बड़े बाजार क्षेत्र में मॉर्निंग वॉक के दौरान मुख्यमंत्री एक दुकान में पहुंचे और वहां स्वयं चाय बनाकर अपने स्टाफ व सहयोगियों को परोसी। इसके बाद वे आम लोगों के साथ बैठकर चाय की चुस्कियां लेते नजर आए थे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की यह सादगी और जमीन से जुड़ा व्यक्तित्व उन्हें उत्तराखंड की जनता से सीधे जोड़ता है। चाहे चुनावी माहौल हो या सामान्य दौरा—सीएम धामी हर मौके पर अपने सहज व्यवहार से लोगों के दिल जीतते नजर आते हैं।
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