CM Dhami Youth Dialogue उत्तराखंड की राजनीति में एक महत्वपूर्ण चर्चा का विषय बन गया है। राजधानी देहरादून में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित छात्र संवाद कार्यक्रम से कुछ घंटे पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘युवा अग्निवीर संवाद’ कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं से सीधा संवाद किया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने रोजगार, अग्निवीर योजना, पेपर लीक, सुशासन, कौशल विकास और राज्य के भविष्य जैसे कई अहम मुद्दों पर अपनी सरकार का पक्ष रखा। राजनीतिक जानकार इस घटनाक्रम को केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं तक अपनी बात पहुंचाने की एक रणनीतिक पहल के रूप में भी देख रहे हैं।
युवाओं के उत्साह को बताया विकास की सबसे बड़ी ताकत
कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उपस्थित युवाओं का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें हमेशा युवाओं के साथ संवाद करने में विशेष उत्साह महसूस होता है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में मौजूद युवाओं का जोश और ऊर्जा उन्हें लगातार बेहतर काम करने की प्रेरणा देती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 के बाद देश ने विकास की नई दिशा पकड़ी है और इसी सोच के साथ उत्तराखंड सरकार भी तेजी से विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य की प्रगति के लिए विकास के साथ-साथ राजनीतिक स्थिरता और सुशासन बेहद जरूरी होता है। उनके अनुसार उत्तराखंड की जनता ने स्थिर सरकार को चुनकर विकास के रास्ते को मजबूत किया है।
पेपर लीक पर विपक्ष पर साधा निशाना
CM Dhami Youth Dialogue के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक के मुद्दे पर भी खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने दावा किया कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान कई भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं सामने आईं, लेकिन उन मामलों में प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने पेपर लीक और नकल माफिया के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि दोषियों को जेल भेजा गया और कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की गई। धामी ने यह भी कहा कि वर्तमान सरकार की प्राथमिकता पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया है ताकि योग्य और मेहनती युवाओं को बिना किसी सिफारिश या भ्रष्टाचार के सरकारी नौकरी मिल सके।
उन्होंने कहा कि आज उत्तराखंड में प्रतिभा के आधार पर युवाओं का चयन हो रहा है और भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष बनाने के लिए सरकार लगातार सुधार कर रही है।
अग्निवीरों के लिए बनेगा विशेष सेल
कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा अग्निवीर योजना को लेकर मुख्यमंत्री की घोषणा रही। उन्होंने कहा कि अग्निवीरों को भविष्य को लेकर चिंता करने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि राज्य सरकार उनके लिए विशेष योजनाओं पर काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि आने वाले समय में उत्तराखंड में अग्निवीरों के लिए एक विशेष सेल स्थापित किया जाएगा। यह सेल सेना से लौटने वाले अग्निवीरों को रोजगार, मार्गदर्शन और विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य करेगा।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार भी अग्निवीरों के भविष्य को लेकर गंभीर है और प्रधानमंत्री, गृहमंत्री तथा रक्षामंत्री लगातार इस दिशा में काम कर रहे हैं। राज्य सरकार भी उसी सोच के साथ अग्निवीरों के पुनर्वास और रोजगार को प्राथमिकता दे रही है।
सैन्य परिवार से जुड़ाव का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन के दौरान यह भी कहा कि उनका संबंध स्वयं एक सैन्य परिवार से है। यही कारण है कि वे सैनिकों और उनके परिवारों की भावनाओं तथा चुनौतियों को अच्छी तरह समझते हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को वीरों की भूमि कहा जाता है और यहां बड़ी संख्या में युवा सेना में अपनी सेवाएं देते हैं। इसलिए राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि सेना से लौटने वाले युवाओं को सम्मानजनक अवसर उपलब्ध कराए जाएं और उनके अनुभव का लाभ राज्य के विकास में लिया जाए।
युवाओं के लिए रोजगार, शिक्षा और कौशल विकास पर सरकार का फोकस
CM Dhami Youth Dialogue में मुख्यमंत्री ने युवाओं के लिए सरकार की विभिन्न योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में राज्य सरकार ने 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां दी हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं है बल्कि शिक्षा, कौशल विकास, स्वरोजगार, स्टार्टअप, खेल और नवाचार के क्षेत्र में भी युवाओं के लिए नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। उनका कहना था कि बदलते समय में युवाओं को आधुनिक तकनीक और नए कौशल से जोड़ना राज्य सरकार की प्राथमिकता है ताकि वे रोजगार के साथ-साथ उद्यमिता की दिशा में भी आगे बढ़ सकें।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि उत्तराखंड का भविष्य उसके युवाओं के हाथों में है और सरकार उन्हें हर स्तर पर सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध रहेगी।
अग्निवीरों को सरकारी सेवाओं में प्राथमिकता देने का दोहराया वादा
मुख्यमंत्री धामी ने कार्यक्रम के दौरान राज्य सरकार की पहले से घोषित नीति को भी दोहराया। उन्होंने कहा कि सेना में सेवा पूरी करने के बाद लौटने वाले अग्निवीरों को राज्य सरकार विभिन्न विभागों में प्राथमिकता देने की दिशा में कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि पुलिस, आपदा प्रबंधन, सुरक्षा सेवाओं और अन्य सरकारी विभागों में अग्निवीरों के अनुभव और अनुशासन का लाभ राज्य को मिलेगा। इस उद्देश्य से आवश्यक नीतिगत कदम भी उठाए जा रहे हैं ताकि उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकें।
राहुल गांधी के छात्र संवाद से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल
मुख्यमंत्री धामी का यह कार्यक्रम ऐसे समय आयोजित हुआ जब राजधानी देहरादून में कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी छात्रों के साथ संवाद करने वाले थे। ऐसे में दोनों कार्यक्रमों को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज रही।
विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं को लेकर दोनों प्रमुख राजनीतिक दल अपनी-अपनी रणनीति के तहत संवाद स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं। एक ओर सरकार अपनी उपलब्धियों और योजनाओं को युवाओं तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है, वहीं विपक्ष शिक्षा, रोजगार और छात्र हितों से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखने की तैयारी में है।
युवा राजनीति के केंद्र में रोजगार और विश्वास
उत्तराखंड में युवाओं की बड़ी आबादी रोजगार, पारदर्शी भर्ती और बेहतर अवसरों की उम्मीद रखती है। ऐसे में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का ‘युवा अग्निवीर संवाद’ केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि युवाओं के बीच सरकार का संदेश पहुंचाने का महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि रोजगार, अग्निवीरों के पुनर्वास और पारदर्शी भर्ती जैसे मुद्दों पर सरकार के दावे जमीनी स्तर पर कितने प्रभावी साबित होते हैं और युवाओं के बीच उनका कितना असर दिखाई देता है।








