बागेश्वर में सनसनी: आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की संदिग्ध मौत, घर के पास पेड़ से लटका मिला शव, दो बच्चे हुए अनाथ


बागेश्वर (उत्तराखंड): उत्तराखंड के बागेश्वर जिले से एक बेहद दुखद और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां कांडा तहसील के अंतर्गत बांसतोली गांव में एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है।

महिला का शव उसके घर के समीप ही एक पेड़ से लटका हुआ बरामद किया गया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया है। घटना के बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है और पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।

​रविवार सुबह सामने आई घटना

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हृदयविदारक घटना रविवार सुबह की बताई जा रही है। कांडा तहसील के बांसतोली गांव निवासी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता (महिला का नाम गोपनीयता के लिए अभी उजागर नहीं किया जा रहा है) का शव संदिग्ध अवस्था में घर के पास एक पेड़ पर फंदे से लटका हुआ देखा गया। ग्रामीणों ने जैसे ही शव को देखा, तुरंत इस बात की सूचना मृतका के परिजनों और स्थानीय पुलिस को दी।

​पुलिस ने कब्जे में लिया शव, पंचनामे की कार्यवाही शुरू

​घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए सूचना मिलते ही कांडा पुलिस की टीम अविलंब मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाने के बाद शव को पेड़ से उतारकर अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस द्वारा शव का पंचनामा भरने की कार्यवाही शुरू कर दी गई है।

प्रथम दृष्ट्या यह मामला आत्महत्या का लग रहा है, लेकिन संदिग्ध परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।

​सभी पहलुओं पर जांच केंद्रित: थानाध्यक्ष

​मामले की जानकारी देते हुए कांडा के थानाध्यक्ष बलवंत कंबोज ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है और पंचनामा की कार्यवाही अमल में लाई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी मौत के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल सका है।

थानाध्यक्ष कंबोज ने कहा, “पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की बारीकी से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मौत के कारणों का पता लगाने के लिए मौके से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और परिजनों व ग्रामीणों से पूछताछ की जा रही है।”

​सदमे में परिवार, दो छोटे बच्चों के सिर से उठा मां का साया

​इस दुखद घटना ने मृतका के परिवार को गहरा सदमा दिया है। बताया जा रहा है कि मृतका का पति एक निजी नौकरी करता है। वह अपने पीछे दो छोटे बच्चों को छोड़ गई है। मां की असामयिक और संदिग्ध मौत के बाद बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।

ये भी पढ़े➜द्वितीय विश्व युद्ध जैसी तैयारी के बाद ट्रंप ने रोका ईरान पर हमला, बोले- दुनिया की भलाई के लिए टला सैन्य एक्शन”

गांव में भी इस घटना के बाद से मातम का माहौल है और हर कोई स्तब्ध है कि एक जिम्मेदार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने ऐसा कदम क्यों उठाया या उसके साथ क्या हुआ।

​जांच के घेरे में कई सवाल

​हालांकि पुलिस अभी इसे संदिग्ध मौत मानकर चल रही है, लेकिन गांव में तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या मृतका किसी मानसिक तनाव में थी, या कोई पारिवारिक कलह थी? क्या यह आत्महत्या का मामला है या इसके पीछे कोई और साजिश है? इन सभी सवालों के जवाब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और पुलिसिया जांच के आगे बढ़ने पर ही मिल सकेंगे।

​कांडा तहसील के बांसतोली गांव में हुई इस घटना ने उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में महिलाओं की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर फिर से चर्चा छेड़ दी है। फिलहाल, सभी को पुलिस की अंतिम जांच रिपोर्ट का इंतजार है ताकि सत्य सामने आ सके।

Leave a Comment