प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद उत्तराखंड की सियासत गरमाई, विरोध में बाजार रहे बंद; पूर्व मंत्री ने की शांति की अपील

देहरादून। उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद राज्य में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। मंत्री के अचानक पद छोड़ने से उनके समर्थकों में नाराजगी देखने को मिल रही है। इसी के चलते देहरादून में उनके समर्थकों ने जोरदार प्रदर्शन किया और सरकार से इस्तीफा नामंजूर करने की मांग की। विरोध प्रदर्शन इतना उग्र हो गया कि कई स्थानों पर चक्का जाम किया गया और बाजार बंद कराने की घोषणा कर दी गई।

समर्थकों का विरोध, बाजार और यातायात प्रभावित

रविवार शाम को प्रेमचंद अग्रवाल के देहरादून स्थित यमुना कॉलोनी आवास पर बड़ी संख्या में उनके समर्थक एकत्र हुए। नाराज कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि प्रेमचंद अग्रवाल पर इस्तीफे का दबाव बनाया गया। इस घटनाक्रम के बाद शहर में कई स्थानों पर दुकानें बंद रहीं, वहीं डोईवाला में भी व्यापारियों ने बाजार बंद कर विरोध दर्ज कराया।

हालांकि, इस विरोध प्रदर्शन की जिम्मेदारी किसी राजनीतिक दल, संगठन या नेता ने औपचारिक रूप से नहीं ली। लेकिन इंटरनेट मीडिया पर प्रेमचंद अग्रवाल के समर्थन और विरोध में लोगों की प्रतिक्रियाओं का सैलाब उमड़ पड़ा। कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा भड़काऊ संदेश भी प्रसारित किए गए, जिस पर पुलिस ने कड़ी नजर रखी और माहौल खराब करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी दी।

प्रेमचंद अग्रवाल की प्रतिक्रिया, समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील

इस पूरे घटनाक्रम के बीच पूर्व मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल खुद डोईवाला पहुंचे, जहां व्यापारियों द्वारा किए जा रहे धरना-प्रदर्शन को शांत करने की कोशिश की। उन्होंने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि राजनीति में ऐसे उतार-चढ़ाव आते रहते हैं और वे जनता की भावनाओं की कद्र करते हैं।

हालांकि, उनके इस्तीफे को लेकर अभी तक उन्होंने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। इस बीच, समर्थकों ने सोमवार सुबह 11 बजे घंटाघर पर एकजुट होकर बाजार बंद करने के फैसले को अंतिम रूप देने का ऐलान किया

पुलिस प्रशासन अलर्ट, इंटरनेट मीडिया पर भी निगरानी

इस पूरे घटनाक्रम को देखते हुए पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है। प्रेमचंद अग्रवाल के आवास के बाहर देर रात तक भारी पुलिस बल तैनात रहा। वहीं, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई माहौल बिगाड़ने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी

राजनीतिक गलियारों में इस घटनाक्रम को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के पीछे के कारणों को लेकर भी कई कयास लगाए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सरकार और पार्टी का रुख क्या होगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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