देहरादून। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस हमले के बाद केंद्र सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए देशभर में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों की जांच और उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसी कड़ी में उत्तराखंड राज्य में भी बड़ा कदम उठाया गया है। यहां कुल 250 पाकिस्तानी नागरिकों को चिह्नित किया गया है, जिनमें से दो को पहले ही वापस भेजा जा चुका है। जबकि शनिवार को हरिद्वार से एक और पाकिस्तानी नागरिक की वापसी कराई जा रही है।
उत्तराखंड पुलिस और प्रशासन द्वारा की गई जांच में सामने आया है कि ये नागरिक देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल समेत अन्य जिलों में रह रहे हैं। पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने जानकारी दी कि इन 250 में से 247 नागरिक दीर्घकालिक वीजा पर भारत आए हुए हैं और इनमें से अधिकांश पाकिस्तानी हिंदू शरणार्थी हैं। वहीं तीन नागरिक ऐसे हैं जो शॉर्ट टर्म वीजा पर आए थे। इनमें से दो को देहरादून से वापस भेजा जा चुका है और तीसरे की वापसी की प्रक्रिया हरिद्वार से जारी है।
पहलगाम की घटना के बाद केंद्र सरकार ने नेपाल और चीन सीमा से सटे उत्तराखंड को अलर्ट मोड पर डाल दिया है। राज्य के सभी जिलों में पाकिस्तानी नागरिकों की मौजूदगी की जांच शुरू कर दी गई है और उन पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
विदेश मंत्रालय ने भी शुक्रवार को सभी राज्यों को निर्देश जारी करते हुए पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा को लेकर नई गाइडलाइन लागू कर दी है। इसके तहत सामान्य वीजा सेवाएं तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी गई हैं। साथ ही सभी वैध वीजा 27 अप्रैल से रद्द माने जाएंगे। केवल मेडिकल वीजा 29 अप्रैल तक मान्य रहेंगे। हालांकि दीर्घकालिक वीजा, राजनयिक और सरकारी वीजा धारकों पर यह पाबंदी लागू नहीं होगी।
अपर सचिव गृह निवेदिता कुकरेती ने इस संबंध में राज्य के पुलिस महानिदेशक, खुफिया और सुरक्षा विभागों के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, गढ़वाल और कुमाऊं के मंडलायुक्तों, सभी जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को पत्र जारी कर निर्देशित किया है कि पाकिस्तानी नागरिकों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जाए और वीजा नियमों के तहत उचित कार्रवाई की जाए।
पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने स्पष्ट किया कि दीर्घकालिक वीजा पर रह रहे पाक नागरिकों पर फिलहाल कोई पाबंदी नहीं है, लेकिन जिनके वीजा अल्पकालिक हैं, उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया प्राथमिकता से चल रही है। सभी जिलों को सख्त निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।








