अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

​कैंची धाम शिप्रा नदी बाढ़: मूसलाधार बारिश से नदियां उफान पर, नैनीताल जिले में 47 मार्ग बंद

On: September 2, 2026 9:14 AM
Follow Us:
कैंची धाम में विकराल रूप धारण कर बहती शिप्रा नदी और जलभराव

​उत्तराखंड के नैनीताल जिले में मौसम के रौद्र रूप के कारण कैंची धाम शिप्रा नदी बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। बीते 24 घंटे से हो रही भारी बारिश के बाद जिले की तमाम नदियां और नाले अपने उफान पर हैं। प्रसिद्ध धार्मिक स्थल कैंची धाम में शिप्रा नदी का जलस्तर अत्यधिक बढ़ गया है और नदी तेज बहाव के साथ बह रही है। इसके अलावा गौला, कोसी, दाबका और कालसा नदियां भी विकराल रूप धारण कर चुकी हैं, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

​भारी बारिश से उफान पर नदियां और बारिश के आंकड़े

​नैनीताल जिले में 24 घंटे के दौरान हुई मूसलाधार बारिश ने कैंची धाम शिप्रा नदी बाढ़ के खतरे को बढ़ा दिया है। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार, कई इलाकों में 100 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई है।

  • स्नो व्यू (नैनीताल): 217 मिलीमीटर
  • हल्द्वानी-काठगोदाम: 166 मिलीमीटर
  • मुक्तेश्वर और चोरगलिया: 107.7 मिलीमीटर
  • कैंची धाम: 105 मिलीमीटर
  • खनस्यू: 92.5 मिलीमीटर

​हल्द्वानी में गौला नदी और रामनगर में कोसी व दाबका नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी होने से तटीय इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। पदमपुरी क्षेत्र की कालसा नदी भी उग्र वेग से बह रही है।

नैनीताल जिले में आपदा और बारिश से जुड़े मुख्य बिंदु:

  • सर्वाधिक वर्षा: नैनीताल स्नो व्यू (217 मिमी), हल्द्वानी (166 मिमी)
  • कैंची धाम वर्षा: 105 मिलीमीटर
  • जनहानि: 4 लोगों की मौत (भीमताल में एक बच्ची नाले में बही)
  • मार्ग क्षति: कुल 47 मार्ग बंद (3 राज्य मार्ग, 2 मुख्य जिला मार्ग, 1 अन्य जिला मार्ग, 41 ग्रामीण मार्ग)
  • भवन एवं मवेशी क्षति: 54 आंशिक भवन, 1 पूर्ण भवन क्षतिग्रस्त; 2 पशुहानि और 3 गौशालाएं प्रभावित
  • विस्थापन: अल्चौना-पांडेछोर क्षेत्र से 20 परिवार सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित

भूस्खलन से 47 मोटर मार्ग बंद

​पहाड़ों से लगातार गिर रहे मलबे और पत्थरों के कारण यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। जिला प्रशासन की रिपोर्ट के मुताबिक, तीन राज्य मार्ग, दो मुख्य जिला मार्ग, एक अन्य जिला मार्ग और 41 ग्रामीण मोटर मार्ग बंद पड़े हैं।

​लोक निर्माण विभाग और संबंधित एजेंसियां जेसीबी मशीनों के जरिए सड़कों से मलबा हटाकर यातायात को सुचारू करने के काम में जुटी हुई हैं।

​जान-माल का नुकसान और परिवारों का विस्थापन

​बारिश और आपदा के कारण जिले में भारी नुकसान हुआ है। आपदा रिपोर्ट के अनुसार, जिले में चार लोगों की मौत दर्ज की गई है, जिसमें भीमताल क्षेत्र में नाले में बहने से हुई एक बच्ची की मौत भी शामिल है।

​इसके अतिरिक्त:

  • ​54 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है और एक मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है।
  • ​दो मवेशियों की मौत हुई है और तीन गौशालाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं।
  • ​नैनीताल तहसील के अल्चौना-पांडेछोर क्षेत्र में ककड़िया नाले में भारी मलबा आने के कारण 20 प्रभावित परिवारों को उनके पालतू पशुओं सहित गांव में ही सुरक्षित स्थानों पर विस्थापित किया गया है।

​प्रशासनिक सतर्कता और अपील

कैंची धाम शिप्रा नदी बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन स्थिति पर 24 घंटे नजर बनाए हुए है। हालांकि जिले में फिलहाल बिजली और पेयजल आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। प्रशासन ने नागरिकों और पर्यटकों से अपील की है कि वे नदी-नालों के तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहें और सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करें।

ALSO READ THIS:विकासनगर यमुना जलस्तर: भारी बारिश से खतरे के निशान पर पहुंची नदी, मलबे से 6 मोटर मार्ग ठप

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

देहरादून बारिश हादसे के बाद एसडीआरएफ द्वारा चलाया गया सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन

​देहरादून बारिश हादसा: मूसलाधार बारिश ने बुझाए दो घरों के चिराग, नालों में बहने से दो बच्चों की दर्दनाक मौत

विकासनगर में खतरे के निशान के पास बहती विकराल यमुना नदी

​विकासनगर यमुना जलस्तर: भारी बारिश से खतरे के निशान पर पहुंची नदी, मलबे से 6 मोटर मार्ग ठप

हल्द्वानी RTO दफ्तर में हुई गोलीबारी के बाद जांच करती पुलिस

​हल्द्वानी RTO गोलीबारी: दफ्तर में अधिकारी की पिस्टल से चली गोली, फाइलों को चीरकर अलमारी में धंसी; FIR दर्ज

ऋषिकेश होटल कांड के विरोध में प्रदर्शन करते लोग

​ऋषिकेश होटल कांड: नाबालिग से बर्बरता के बाद फूटा जनआक्रोश, होटल में तोड़फोड़ और हंगामा

बदरी-केदार यात्रा के लिए तैयारियां करती बीकेटीसी और मंदिर परिसर का दृश्य

​बदरी-केदार यात्रा का दूसरा चरण 15 सितंबर से शुरू: बीकेटीसी की तैयारियां तेज, 40 लाख के करीब पहुंचा पंजीकरण आंकड़े

SDRF rescue team operating at the Almora Wall Collapse News site in Dhar Ki Tuni.

Almora Wall Collapse News: धार की तुनी में निर्माण के दौरान दीवार गिरने से दो नेपाली मजदूरों की मौत

Leave a Comment