उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कार्यालय परिसर के भीतर अचानक गोली चल गई। हल्द्वानी RTO गोलीबारी की इस घटना के बाद दफ्तर में मौजूद कर्मचारियों और अधिकारियों में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है।
हल्द्वानी RTO दफ्तर में अचानक चली गोली
मंगलवार दोपहर आरटीओ कार्यालय हल्द्वानी के प्रशासनिक भवन में सामान्य कामकाज चल रहा था। इसी दौरान वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी महेंद्र सिंह नेगी के कमरे से अचानक तेज धमाके की आवाज सुनाई दी। गोली अधिकारी की पिस्टल से चली, जो सीधे ऑफिस की अलमारी को भेदते हुए अंदर रखी सरकारी फाइलों में जा धंसी।
घटना के वक्त आसपास कई कर्मचारी और फरियादी मौजूद थे। गनीमत यह रही कि गोली किसी कर्मचारी या नागरिक को नहीं लगी, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
हल्द्वानी RTO गोलीबारी से जुड़े मुख्य तथ्य:
- घटना स्थल: आरटीओ कार्यालय, हल्द्वानी (उत्तराखंड)
- आरोपी: वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी महेंद्र सिंह नेगी
- नुकसान: अलमारी और सरकारी फाइलें क्षतिग्रस्त, कोई हताहत नहीं
- पुलिस कार्रवाई: चौकी प्रभारी दीपा जोशी की तहरीर पर एफआईआर दर्ज
- वर्तमान स्थिति: आरोपी अधिकारी लाइसेंसी असलहे के साथ फरार,
पटल परिवर्तन से नाराजगी की चर्चा और अधिकारी की फरारी
घटना के तुरंत बाद पूरे महकमे में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाल ही में हुए पटल परिवर्तन (विभाग परिवर्तन) को लेकर प्रशासनिक अधिकारी काफी समय से नाराज चल रहे थे। आशंका जताई जा रही है कि इसी गुस्से या तनाव के कारण यह घटना घटी।
गोली चलने के तुरंत बाद आरोपी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी महेंद्र सिंह नेगी अपने लाइसेंसी असलहे (पिस्टल) के साथ मौके से फरार हो गए।
पुलिस जांच और कानूनी कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर अलमारी में फंसी गोली और क्षतिग्रस्त फाइलों को साक्ष्य के रूप में कब्जे में लिया है।
इस हल्द्वानी RTO गोलीबारी मामले में मेडिकल चौकी प्रभारी दीपा जोशी की ओर से आरोपी प्रशासनिक अधिकारी महेंद्र सिंह नेगी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार अधिकारी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और घटना के पीछे के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है।
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