उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों और पछवादून में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से विकासनगर यमुना जलस्तर उफान पर आ गया है। दो दिनों से जारी बारिश के कारण यमुना नदी का पानी खतरे के निशान तक पहुंच चुका है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तहसील प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया है। वहीं, पहाड़ों से मलबा और पत्थर गिरने की वजह से क्षेत्र के छह प्रमुख मोटर मार्ग यातायात के लिए पूरी तरह बंद हो गए हैं।
विकराल रूप में विकासनगर यमुना जलस्तर और बांधों की स्थिति
पछवादून और जौनसार बावर क्षेत्र में हो रही भारी बारिश के कारण विकासनगर यमुना जलस्तर तेजी से बढ़ा है। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, यमुना नदी में खतरे का स्तर 455.37 मीटर निर्धारित है और वर्तमान में नदी ठीक इसी खतरे के निशान (455.37 मीटर) पर बह रही है। जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए डाकपत्थर बैराज से 368.36 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया है।
दूसरी ओर, टौंस नदी में फिलहाल जलस्तर स्थिति के नियंत्रण में है। टौंस नदी का खतरे का स्तर 644.75 मीटर है, जबकि नदी 644.65 मीटर पर बह रही है। नदी पर बने इच्छाड़ी बांध से सुरक्षा के लिहाज से 261.91 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
विकासनगर और नदी जलस्तर से जुड़ी मुख्य स्थिति:
- यमुना नदी खतरे का स्तर: 455.37 मीटर (वर्तमान में इसी स्तर पर प्रवाहित)
- डाकपत्थर बैराज डिस्चार्ज: 368.36 क्यूसेक
- टौंस नदी जलस्तर: 644.65 मीटर (खतरे का स्तर: 644.75 मीटर)
- इच्छाड़ी बांध डिस्चार्ज: 261.91 क्यूसेक
- प्रभावित मार्ग: लोनिवि और पीएमजीएसवाई के 6 मोटर मार्ग बंद
भूस्खलन और मलबे से 6 मोटर मार्ग पूरी तरह बंद
बारिश के कारण जौनसार बावर के पहाड़ी इलाकों में कई स्थानों पर लैंडस्लाइड (भूस्खलन) हुआ है। पहाड़ों से भारी मात्रा में मिट्टी, पत्थर और मलबा सड़कों पर आने से यातायात ठप हो गया है, जिससे ग्रामीण इलाकों का संपर्क मुख्य बाजारों से कट गया है।
बंद हुए प्रमुख मार्गों की सूची:
- बाढ़वाला-जुड्डो मोटर मार्ग (लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड, देहरादून)
- बाढ़वाला-जुड्डो मोटर मार्ग (पीएमजीएसवाई कालसी)
- मैंद्रथ-कथियान-बिरनाड़ मोटर मार्ग
- शहीद सुरेश तोमर मोटर मार्ग (लोक निर्माण विभाग अधिशासी खंड, साहिया)
- समरसेंज मोटर मार्ग
- बेसोगिलानी से जोशी-हमरौ मोटर मार्ग
प्रशासन अलर्ट और मार्ग खोलने के प्रयास जारी
बढ़ते विकासनगर यमुना जलस्तर को देखते हुए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क मोड पर है। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को नदी के पास न जाने की हिदायत दी गई है और सभी बाढ़ चौकियों के कर्मचारियों को 24 घंटे निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
मार्गों को बहाल करने के संदर्भ में लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता नीरज त्रिपाठी ने बताया कि बंद पड़े सभी छह मोटर मार्गों से मलबा हटाने के लिए जेसीबी मशीनें लगा दी गई हैं। जैसे ही मलबे की सफाई पूरी होगी, यातायात को पुनः सुचारू कर दिया जाएगा।
ALSO READ THIS:हल्द्वानी RTO गोलीबारी: दफ्तर में अधिकारी की पिस्टल से चली गोली, फाइलों को चीरकर अलमारी में धंसी; FIR दर्ज





