उत्तराखंड के धार्मिक शहर से सामने आए ऋषिकेश होटल कांड ने पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना दिया है। पुराना रेलवे रोड स्थित ‘होटल गंगा इन’ में नाबालिग के साथ हुई दुष्कर्म की घटना के बाद स्थानीय निवासियों और पीड़िता के परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। घटना से नाराज भीड़ ने होटल के बाहर भारी प्रदर्शन किया और परिसर में तोड़फोड़ की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
ऋषिकेश होटल कांड का पूरा घटनाक्रम
शनिवार को सामने आए इस ऋषिकेश होटल कांड के बाद से ही इलाके में आक्रोश बना हुआ था। मंगलवार को पीड़िता के परिजनों के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय लोग होटल गंगा इन के बाहर जमा हो गए। भीड़ ने होटल प्रबंधन पर लापरवाही और अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया और लोगों ने होटल के मुख्य दरवाजे और फ्रंट शीशों पर पथराव कर दिया।
भीड़ का हंगामा और बुलडोजर लेकर पहुंचे प्रदर्शनकारी
विरोध प्रदर्शन के दौरान गुस्साए लोगों ने होटल के भीतर दाखिल होकर सामान में तोड़फोड़ की। इसी बीच होटल संचालन से जुड़ी एक महिला और प्रदर्शन कर रही महिलाओं के बीच तीखी बहस हो गई, जो जल्द ही मारपीट में बदल गई। मौके पर मौजूद पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए महिला को सुरक्षित निकालकर पुलिस वाहन में बैठाया और होटल के मुख्य शटर बंद करा दिए।
हंगामे के बीच प्रदर्शन में शामिल कुछ लोग बुलडोजर लेकर होटल के बाहर पहुंच गए। भीड़ की मांग थी कि अवैध और संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त इस होटल को तुरंत ध्वस्त किया जाए या सील किया जाए। लगभग दो घंटे तक होटल के बाहर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
ऋषिकेश होटल कांड से जुड़े मुख्य बिंदु:• घटना स्थल: होटल गंगा इन, पुराना रेलवे रोड, ऋषिकेश• जनता का विरोध: पथराव, होटल में तोड़फोड़ और बुलडोजर के साथ प्रदर्शन• पुलिस कार्रवाई: स्थिति पर नियंत्रण, होटल शटर बंद कराए गए• प्रशासनिक कदम: होटल का लाइसेंस निरस्त करने की रिपोर्ट प्रेषित• न्यायिक कार्रवाई: तीनों आरोपी देहरादून जेल भेजे गए (POCSO
होटल की घोर लापरवाही और लाइसेंस निरस्तीकरण की रिपोर्ट
पुलिस जांच में ऋषिकेश होटल कांड से जुड़ी कई गंभीर अनियमितताएं और प्रशासनिक कमियां सामने आई हैं। जब पुलिस ने होटल के एंट्री रजिस्टर और रिकॉर्ड्स की जांच की, तो पता चला कि वहां पहले भी बिना पूरे दस्तावेजों और पहचान पत्र के कमरे आवंटित किए जा रहे थे।
होटल प्रबंधन की इस घोर लापरवाही को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने होटल गंगा इन का लाइसेंस तुरंत प्रभाव से निरस्त करने के लिए संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को अपनी रिपोर्ट भेज दी है।
तीनों आरोपी न्यायिक हिरासत में जेल भेजे गए
इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने घटना में शामिल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों को विशेष पॉक्सो (POCSO) अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायालय ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार, देहरादून भेजने के आदेश दिए।
इस पूरी कार्रवाई में पुलिस टीम के प्रभारी निरीक्षक यशपाल बिष्ट, वरिष्ठ उप निरीक्षक नवीन जोशी, उप निरीक्षक विकसित पंवार, राजकुमार, निखलेश बिष्ट, महिला उप निरीक्षक ज्योति शर्मा, हेड कांस्टेबल संदीप राठी, कांस्टेबल तेज सिंह, अभिषेक और हिमांशु शामिल रहे।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच तेजी से पूरी कर अदालत में मजबूत चार्जशीट दाखिल की जाएगी ताकि पीड़ितों को जल्द से जल्द न्याय मिल सके। साथ ही, शहर के अन्य होटलों और होमस्टे में भी चेकिंग अभियान तेज कर दिया गया है।
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