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Mussoorie Building Collapse: भारी बारिश से कैंपटी रोड पर बहुमंजिला इमारत जमींदोज, बाल-बाल बची 5 लोगों की जान

On: August 21, 2026 8:57 AM
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Site of Mussoorie building collapse on Kempty Road showing debris after heavy rainfall

Mussoorie Building Collapse: की इस भीषण घटना ने पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के खतरों को एक बार फिर उजागर कर दिया है। उत्तराखंड के प्रसिद्ध हिल स्टेशन मसूरी और आसपास के इलाकों में जारी मूसलाधार बारिश आफत बनकर बरस रही है। शुक्रवार को मसूरी के व्यस्त कैंपटी रोड क्षेत्र में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक बहुमंजिला व्यावसायिक और आवासीय भवन अचानक भरभराकर मलबे के ढेर में तब्दील हो गया। गनीमत रही कि इमारत में मौजूद पांच लोगों ने समय रहते खतरे को भांप लिया और बाहर भागकर अपनी जान बचा ली।

​Mussoorie Building Collapse: अचानक आई गड़गड़ाहट और चंद पलों में तबाही

​शुक्रवार सुबह कैंपटी रोड स्थित इस बहुमंजिला इमारत में रोजमर्रा की गतिविधियां चल रही थीं। पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण पहाड़ी ढलानों पर मिट्टी ढीली हो चुकी थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इमारत गिरने से ठीक पहले एक अजीब सी चटकने की आवाज सुनाई दी और नींव के पास कंपन महसूस हुआ।

​अंदर मौजूद लोगों ने खतरे का आभास होते ही बिना एक पल गंवाए बाहर की ओर दौड़ लगा दी। जैसे ही वे इमारत की दहलीज से बाहर सुरक्षित दूरी पर पहुंचे, पूरी इमारत तेज धमाके के साथ ताश के पत्तों की तरह ढह गई। धूल और मलबे का गुबार उठते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के दुकानदार तथा राहगीर दहशत में आ गए।

​इमारत के भीतर का नुकसान और ढांचागत स्थिति

​धराशायी हुए इस भवन का ढांचा काफी बड़ा था:

  • कमरों की संख्या: इमारत में चार बड़े कमरे बने हुए थे, जिनका उपयोग आवासीय और भंडारण के लिए किया जा रहा था।
  • छत पर रेस्टोरेंट: इमारत की ऊपरी मंजिल और छत पर एक रेस्टोरेंट का संचालन किया जा रहा था, जहां पर्यटकों की आवाजाही रहती थी।
  • सामान का नुकसान: इमारत के साथ-साथ रेस्टोरेंट का सारा फर्नीचर, रसोई उपकरण और कमरों में रखा घरेलू सामान मलबे के नीचे दबकर पूरी तरह नष्ट हो गया।

​Mussoorie Building Collapse के बाद प्रशासन का रेस्क्यू और राहत कार्य

​हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, राजस्व विभाग और राज्य आपदा प्रतिपादन बल (SDRF) की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। प्रशासन ने सबसे पहले एहतियातन आसपास के क्षेत्र की घेराबंदी की ताकि मलबा खिसकने से किसी अन्य व्यक्ति को नुकसान न पहुंचे।

​अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद पुष्टि की कि मलबे में कोई भी व्यक्ति दबा नहीं है। पांचों नागरिकों के सुरक्षित बाहर निकल जाने से एक बड़ा मानवीय हादसा टल गया। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर आसपास स्थित अन्य पुरानी और संवेदनशील इमारतों को भी खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि ढलान पर मिट्टी खिसकने की स्थिति में आगे कोई जनहानि न हो।

​वायरल वीडियो और सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया

​हादसे के समय सड़क पर मौजूद स्थानीय लोगों ने अपने मोबाइल कैमरों में इस घटना को कैद कर लिया। वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे कुछ ही सेकंडों में पूरी बहुमंजिला संरचना ढहकर नीचे गहरी खाई की तरफ समा जाती है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिससे पहाड़ों में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर बहस छिड़ गई है।

​Mussoorie Building Collapse के कारण और पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़ता जोखिम

​विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों के अनुसार, इस दुर्घटना के पीछे कई प्रमुख कारण माने जा रहे हैं:

  1. अनवरत मानसूनी बारिश: पिछले एक पखवाड़े से मसूरी और टिहरी-देहरादून सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार तेज बारिश हो रही है, जिससे ढलानों की पकड़ कमजोर हुई है।
  2. जल निकासी की कमी: पहाड़ी ढलानों पर बनी इमारतों के आसपास उचित ड्रेनेज सिस्टम न होने से पानी सीधे नींव में रिसता रहा, जिससे आधार कमजोर हो गया।
  3. कमजोर भूगर्भीय ढांचा: कैंपटी रोड के कई हिस्सों में मिट्टी और कच्ची चट्टानों की बनावट भारी निर्माण का भार सहने में असमर्थ साबित हो रही है।

​स्थानीय निवासियों की मांग और भविष्य की सुरक्षा

​इस हादसे के बाद मसूरी और कैंपटी क्षेत्र के निवासियों में गहरा रोष और चिंता है। व्यापार मंडल और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि:

  • ​पूरे कैंपटी और मसूरी क्षेत्र में स्थित सभी व्यावसायिक तथा बहुमंजिला भवनों का तत्काल स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट कराया जाए।
  • ​मुख्य मार्गों के किनारे स्थित संवेदनशील और जर्जर ढांचों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित या पुनर्निर्मित किया जाए।
  • ​बारिश के दौरान पर्यटकों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए सड़कों के किनारे पुख्ता सुरक्षा दीवारें और आधुनिक जल निकासी प्रणाली तैयार की जाए।

​लगातार हो रही बारिश के कारण प्रशासन ने भी मसूरी आने वाले पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की एडवाइजरी जारी की है। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत पहुंचाई जा सके।

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